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Solar Eclipse 2023 Mantra: सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं करें इन मंत्रों का जाप
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अन्तरिक्ष सम्बन्धी गतिविधियों का सीधा प्रभाव मानव जाति पर पड़ता है। सूर्य ग्रहण या चन्द्र ग्रहण के समय कुछ चीज़ों का ख़ास ख्याल रखना चाहिए क्योंकि धार्मिक दृष्टि से यह समय बहुत सावधानी वाला होता है।
साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा पर इसके प्रभाव के कारण ग्रहण के नियमों का पालन करना ज़रूरी है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को इस सूर्य ग्रहण के नियमों का पालन करना बहुत ही आवश्यक है।
भारत में 2023 का पहला सूर्य ग्रहण ना दिखने के कारण सूतक काल भी नहीं लगेगा परन्तु गर्भवती महिलाओं पर इसका दुष्प्रभाव पड़ सकता है।

सूर्य ग्रहण के कुप्रभाव से स्वयं और अपने गर्भ में बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
सूर्य ग्रहण में गर्भवती महिलाएं कौन सा मंत्र पढ़ें?
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय ख़ास एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है। इस अवधि में नकारात्मक शक्ति का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे में आप बाल शिव मंत्र का जाप करें। आप शिशु की रक्षा के लिए श्री गर्भ रक्षाम्बिका स्तोत्रं का पाठ कर सकती हैं।
बाल शिव मंत्र: ओम बालशिवाय विद्महे काली पुत्राय धीमहि तन्नो बटुक प्रचोदयात्।
श्री गर्भ रक्षाम्बिका स्तोत्रं:
श्री माधवी काननस्ये गर्भ
रक्षांबिके पाही भक्ताम् स्थुवन्तम्। (हर श्लोक के बाद)
वापी तटे वाम भागे, वाम देवस्य देवी स्थिता त्वां,
मानया वारेन्या वादानया, पाही,
गर्भस्या जन्थुन तथा भक्ता लोकान ॥ १ ॥
श्री गर्भ रक्षा पुरे या दिव्या,
सौंन्दर्या युक्ता ,सुमंगलया गात्री,
धात्री, जनीत्री जनानाम, दिव्या,
रुपाम ध्यारर्दाम मनोगनाम भजे तं ॥ २ ॥
आषाढ मासे सुपुन्ये , शुक्र,
वारे सुगंन्धेना गंन्धेना लिप्ता,
दिव्याम्बरा कल्प वेशा वाजा,
पेयाधी याग्यस्या भक्तस्या सुद्रष्टा. ३
कल्याण धात्रीं नमस्ये, वेदी,
कन्ग च स्त्रीया गर्भ रक्षा करीं त्वां,
बालै सदा सेवीथाअन्ग्रि, गर्भ
रक्षार्थ, माराधुपे थैयुपेथाम. ४
ब्रम्हऒत्सव विप्र विद्ययाम वाद्य
घोषेण तुष्टाम रथेना सन्निविष्टाम
सर्व अर्थ धात्रीं भजेअहम, देव
व्रुन्दैरा पीडायाम जगन मातरम त्वां .५
येतथ कृतम स्तोत्र रत्नम, दीक्षीथ
अनन्त रामेन देव्या तुष्टाच्यै.
नित्यम पाठयस्तु भक्तया ,पुत्रा पौत्रादि भाग्यं
भवे तस्या नित्यं ॥ . ६
ईति श्री ब्रह्म श्री अनत रामा दीक्षीता विरचितम गर्भ रक्षाअम्बिका स्तोत्रं समपूर्णं॥
सूर्य ग्रहण के समय कौन सा मंत्र पढ़ें?
सूर्य बीज मंत्र: ओम ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नम:
ओम ह्लीं बगलामुखी देव्यै सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं पदम् स्तम्भय जिह्वाम कीलय-कीलय बुद्धिम विनाशाय ह्लीं ओम नम:
ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
ओम ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
इनके जाप से भी मिलेगा लाभ:
श्री राम रक्षा स्तोत्र
महामृत्युंजय स्तोत्र
आदित्य हृदय स्तोत्र
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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