पहले अहमदाबाद अब केदारनाथ हेलीकॉप्टर क्रैश, ज्योतिष ने बताया क्यों हो रहे इतने हादसे

Uttarakhand Helicopter Crash: 12 जून को अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश में करीब 265 लोगों की जान चली गई। अभी इस हादसे का गम हल्का भी नहीं हुआ था कि 15 जून की सुबह केदारनाथ के गौरीकुंड में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। केदारनाथ के गौरीकुंड के पास हुए इस हादसे में 7 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। हादसे का प्रारंभिक कारण खराब मौसम बताया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन बचाव में जुटा है। एक के बाद एक ऐसे हादसों ने दुनिया को हिला दिया है।

अब सवाल ये उठता है कि आखिर क्यों हो रहे हैं ऐसे जानलेवा हादसे, क्या ये ग्रहों का खेल है या कोई अशुभ योग है। इस बारे में ज्योतिषाचार्य दीपक दूबे ने खुलकर बताया कि ये सब अंगारक योग की वजह से हो रहा है। आप सोच रहे होंगे कि आखिर अंगारक योग क्या है और ये कब से लगा है। आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

Uttarakhand Helicopter Crash

अंगारक योग क्या है?

सबसे पहला सवाल है कि अंगारक योग क्या है? दीपक दूबे ने बताया कि अंगारक योग अग्नि का कारक होता है जिस वजह से आग लगना, भयंकर विमान दुर्घटना और एक्सीडेंट होना, बिजली गिरना आदि होते हैं। अंगारक शब्द से ही इसके मतलब का ज्ञान हो रहा है यानी अग्नि। पंडित दीपक दूबे ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक ऐसी घटनाएं घटने के आसार ज्यादा हैं।

Uttarakhand Helicopter Crash

कब से कब तक है अंगारक योग का बुरा साया?

पंडित दीपक दूबे ने बताया कि अंगारक योग 7 जून 2025 से लगा है और ये आने वाली 28 जुलाई 2025 तक रहने वाला है। ज्योतिष के अनुसार, पहले ही अहमदाबाद और केदारनाथ में हुई विमान दुर्घटना का अंदेशा हो गया था। ज्योतिष के अनुसार, आने वाले दिन भी खतरों से भरे हैं। इस दौरान आग लगने जैसी अन्य घटनाओं के बारे में भी सुनना पड़ सकता है।

पहले अहमदाबाद और अब केदारनाथ में मौत का तांडव

अंगारक योग के बारे में दीपक दूबे ने विस्तार से बताया कि ये अग्नि का कारक होता है और अभी ये सिंह राशि में है जो सूर्य का कारण है तो और भी ज्यादा खतरनाक है। साथ ही सिंह राशि में मंगल, केतु के नक्षत्र में है। मंगल और शनि के बीच खड़ा अष्टक योग है जो और भी खतरनाक है।

अंगारक योग के बुरे साय का ही असर है कि 12 जून को अहमदाबाद विमान हादसा और 15 जून को केदारनाथ विमान हादसा हुआ। अहमदाबाद प्लेन क्रैश में करीब 265 लोगों की मौत की पुष्टि हुई और केदारनाथ हादसे में अभी तक 7 लोगों के मरने की खबर सामने आई है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

Story first published: Sunday, June 15, 2025, 9:06 [IST]
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