Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
गिरा हुआ अन्न क्यों नहीं खाना चाहिए? गरुड़ पुराण में छिपा है चौंकाने वाला रहस्य
Why Fallen Food Should Not Be Eaten: भारतीय संस्कृति में अन्न को देवता कहा गया है, "अन्नं ब्रह्म"। अन्न केवल भोजन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। इंसान से लेकर जानवरों और दैत्यों के लिए भी भोजन अति आवश्यक है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में मां अन्नपूर्णा का वास होता है उस घर में कभी कोई भूखा नहीं रहता है। इसी कारण कहा गया है कि अन्न का आदर करना चाहिए। कई बार खाना खाते हुए थाली से नीचे गिर जाता है तो हम लोग उसे उठाकर खा लेते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि थाली से गिरा हुआ अन्न नहीं खाना चाहिए? ऐसा करने से माना जाता है कि इससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और ये भी की इस खाने पर किसी अन्य का अधिकार होता है। गरुड़ पुराण में इस बारे में विस्तार से बताया गया है। चलिए फिर हम भी जान लेते हैं इस बारे में विस्तार से।

गिरा हुआ भोजन क्यों नहीं करना चाहिए?
गरुड़ पुराण में उल्लेख मिलता है कि जब कोई अन्न थाली या हाथ से गिर जाता है, तो वह पवित्र नहीं रहता। वह अन्न देवताओं या मनुष्यों के लिए नहीं, बल्कि पितरों और सूक्ष्म जीवों के हिस्से का माना जाता है। इसलिए उस अन्न को दोबारा खा लेना धर्म के विपरीत माना गया है। ऐसा करने से व्यक्ति को "अन्न देवता" का अपमान करने वाला कहा गया है, जिससे उसके जीवन में दरिद्रता और असफलता बढ़ सकती है।
गिरा अन्न खाने से क्यों होती है लक्ष्मी की कृपा समाप्त?
अन्न में माता लक्ष्मी का वास माना गया है। जब कोई व्यक्ति गिरा हुआ अन्न खाता है या उसे पैरों से रौंदता है, तो यह लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है- "अन्नं ब्रह्मेति नित्यं पूज्यं", यानी अन्न स्वयं ब्रह्म स्वरूप है। इसलिए गिरा हुआ अन्न खाने से न केवल पाप लगता है, बल्कि घर की समृद्धि भी कम हो जाती है।
क्या कहता है धर्म शास्त्र
धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि गिरा हुआ अन्न इंसानों के लिए नहीं बल्कि ब्रह्मराक्षस का हिस्सा होता है। अन्न को प्रसाद का रूप माना गया है यही वजह है कि गरुड़ पुराण में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जमीन पर गिरा हुआ अन्न न तो इंसानों और न ही देवताओं का हिस्सा है, बल्कि ये भूत और पिशाच का आहार बनता है। यही कारण है कि गिरे हुए अन् को खाने से पुण्य नष्ट होता है, मन अशांत होता है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
क्या कहता है विज्ञान
विज्ञान की मानें तो गिरे हुए अन्न में किटाणु लग जाते हैं। ऐसे में गिरे हुए अन्न को खाने से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। यही वजह है कि गिरे हुए अन्न को खाने की विज्ञान में भी मनाही है फिर चाहे कारण दूसरा ही क्यों न हो।
अन्न गिर जाए तो क्या करें
गरुड़ पुराण और धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि जब अन्न गलती से गिर जाए तो उसे सम्मानपूर्वक उठाकर किसी जीव या पक्षी को अर्पित कर देना चाहिए। ऐसा करने से पितरों को तृप्ति मिलती है और दोष समाप्त हो जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications
