शेविंग की बजाय वैक्स इस्तेमाल करने के 10 कारण

By Super

शरीर से अनचाहे बालों को हटाने के लिए शेविंग सही तरीका नहीं हैं। निर्भर करता है कि आपके बाल कितनी तेजी से बढ़ते हैं आप इस ग्रोथ पर ध्यान देकर रोजाना के सेविंग के झंझट से मुक्ति पा सकते हैं। सौभाग्य से शेविंग का एक विकल्प भी है। वैक्सिंग क्‍यूं, कैसे और कब करें?

बहुत से लोग वैक्सिंग को शेविंग का बेहतर विकल्प मानते हैं।वैक्सिंग, शरीर से अनचाहे बालों को हटाने का एक अच्‍छा तरीका है। इससे हाथों-पैरों पर उगने वाले बालों को हर 4-6 सप्‍ताह में आसानी से निकाला जा सकता है। वैक्सिंग को घर पर या पार्लर में आसानी से किया जा सकता है। यह मुख्‍य रूप से दो प्रकार की होती है- कोल्‍ड वैक्सिंग और हॉट वैक्सिंग। आइये जानते हैं वक्‍सिंग किस प्रकार से शेविंग से बेहतर होती है।

1. वैक्सिंग के दौरान कटने का कोई डर नहीं होता

1. वैक्सिंग के दौरान कटने का कोई डर नहीं होता

शेविंग के साथ सबसे मुख्य समस्या है कि शेविंग के दौरान आप तेज धार वाली रेजर ब्लेड या उस्तरा इस्तेमाल करते हैं जो कि असामान्य है। अपने आपको काटना किसी को अच्छा नहीं लगता लेकिन रेजर से कुछ जगहों पर कट ही जाता है जैसे कि गर्दन पर, अंडर आर्मस पर और अन्य जगहों पर जो कि बेकार और परेशानी भरा होता है। शेविंग के दौरान कट जाने पर संक्रमण (इन्फेक्शन) का खतरा भी रहता है।

2. वैक्सिंग का असर ज्यादा देर तक रहता है

2. वैक्सिंग का असर ज्यादा देर तक रहता है

चूँकि वैक्सिंग से बाल अपनी जड़ों से उखड जाते हैं इसलिए इन्हें वापस उगने में ज्यादा समय लगता है। मानो बालों की ग्रोथ को रोकने के लिए आप यदि रोजाना शेव करते हैं तो बालरहित त्वचा के लिए वैक्सिंग से आपको सप्ताह में सिर्फ एक बार ही हेयर रिमूव करना होगा। यह आपकी स्किन के लिए भी अच्छा है और साथ ही आपको रोजाना शेव करने की झुंझलाहट से भी छुटकारा मिलेगा।

3. वापस पतले बाल उगते हैं

3. वापस पतले बाल उगते हैं

यदि हेयर रिमूवल प्रोसेस का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो जहां बाल हटाये हैं उस जगह पर शायद आपने गौर नहीं किया होगा। जहां शेविंग से बाल हटाने पर कुंठित और कम धार वाले बाल रह जाते हैं जिससे पतले बाल दिखाई देते हैं जब कि वैक्सिंग से इसके विपरीत असर होता है।

4. दर्द का एहसास भी कम होने लगता है

4. दर्द का एहसास भी कम होने लगता है

वैक्सिंग का आईडिया दर्दभरा है। गर्म वैक्स को शरीर पर लगाना और बालों को जड़ से उखाड़ना। हालाँकि यह दर्द भरा है लेकिन लगातार करने से इस दर्द का एहसास भी कम होने लगता है।

5. वैक्सिंग से त्वचा मुलायम रहती है

5. वैक्सिंग से त्वचा मुलायम रहती है

अधिकतर वैक्सेस में आज कल मॉइस्चराइजर आता है। हेयर रिमूवल के तुरंत बाद यह त्वचा को सॉफ्ट बनाता है। सिर्फ मॉइस्चराइजर के कारण ही नहीं बल्कि सारे बाल हट जाने के कारण भी वैक्सिंग से त्वचा मुलायम दिखती है। रिमूवल के बाद छोटे बाल दिखाई नहीं देंगे।

6. वैक्सिंग सेविंग से ज्यादा तेज है

6. वैक्सिंग सेविंग से ज्यादा तेज है

शेव करने में ज्यादा समय लग सकता है खास तौर पर जब आप मुश्किल जगहों से हेयर रिमूव कर रहें हों। आपको वैक्सिंग करने से शेव करने वालों की तरह सही एंगल ढूंढने जैसी समस्याओं से नहीं झूझना पड़ेगा।

 7. शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं

7. शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं

जब आप पैर के बाल हटाने के लिए वैक्स का इस्तेमाल करते हैं तो आप बाल कूप द्वारा लसीका और त्वचा की सतह के बीच का छेद खोलते हैं। इससे एक निकास द्वार बन जाता है। वैक्स करने पर आप स्किन पर कुछ तरल पदार्थ देखेंगे। यह नम कपडे से हटाया या साफ़ किया जा सकता है। यह निकास द्वार बंद हो जायेगा जब स्किन के टिशू इन छेदों को बंद कर देंगे।

8. तरह तरह के वैक्‍स प्रयोग करें

8. तरह तरह के वैक्‍स प्रयोग करें

यदि आप वैक्स करते हैं तो आप हाइपो- एलर्जिक वैक्स चुन सकते हैं। जलन से बचने के लिए आप सोया और चीनी वाले वैक्स को चुन सकते हैं। प्री-कोटेड वैक्स क्लोथ्स का इस्तेमाल भी आप कर सकते हैं इस पर सही मात्रा में वैक्स लगी होने से इनसे जलन नहीं होती है।

9. लगातार वैक्स करने से बाल हमेशा के लिए भी रिमूव हो जाते हैं

9. लगातार वैक्स करने से बाल हमेशा के लिए भी रिमूव हो जाते हैं

ऐसा समय कई सालों बाद आएगा जब आपको वैक्स की जरुरत नहीं पड़ेगी, लेकिन लगातार वैक्स करने से बालों की ग्रोथ कम हो जाती है। यदि ऐसा समय नहीं भी आता तो भी आप पाएंगे की धीरे धीरे आपको वैक्स की आवश्यकता पहले की तुलना में कम पड़ती है। जो लोग अपने ब्यूटी रूटीन को काम करना चाहते हैं उनके लिए यह बड़ा फायदा है।

 10. त्वचा के अंदर बढ़ने वाले बाल वैक्स से कम हो जाते हैं

10. त्वचा के अंदर बढ़ने वाले बाल वैक्स से कम हो जाते हैं

जब आप शेव करते हैं तो बाल स्किन के ऊपर से या इसके थोड़े नीचे से कट जाते हैं। ये पूर्ण और जड़ से अंत नहीं हो पाते है जिससे ये त्वचा के नीचे से फिर से बढ़ने लगते हैं लेकिन ये पहले की बजाय पुराने रोम छिद्र के बगल से और अन्य सर्कल्स से निकलते हैं जो कि दर्दभरा और जलनभरा होता है। वैक्सिंग बालों को जड़ से उखाड़ देती है। इससे नए बाल कम घने और पीछे से पतले आते हैं जिससे इनके त्वचा की ऊपरी परत के नीचे से उगने की सम्भावना कम हो जाती है।

Story first published: Thursday, August 14, 2014, 11:08 [IST]
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