Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
केराटिन और सिस्टीन हेयर ट्रीटमेंट में से क्या है बेस्ट? जानिए दोनों में अंतर
महिलाएं अपने बालों को स्ट्रेट रखने के लिए कई तरह के हेयर ट्रीटमेंट करवाती हैं। खासकर घुंघराले बालों वाली लड़कियां अपने कर्ल्स को स्ट्रेस रखना चाहती हैं। लंबे समय तक हेयर स्ट्रेटनिंग पाने के लिए आज के समय में कई मार्केट में कई तरह के हेयर ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं। जिसमें से घूंघराले बालों वाली महिलाएं स्ट्रेट हेयर पाने के लिए सिस्टीन हेयर ट्रीटमेंट या केराटिन ट्रीटमेंट के बीच एक को चुन सकती हैं। लेकिन इन दोनों ट्रीटमेंट में से आपके लिए बेहतर कौन सा है ये जानना भी बहुत जरूरी है। तो आइए जानते हैं सिस्टीन और केराटिन हेयर ट्रीटमेंट में अंतर के बारे में।

केराटिन ट्रीटमेंट क्या है?
केराटिन ट्रीटमेंट बालों को सीधा करने के लिए सैलून में की जाने वाली एक केमिकल प्रक्रिया है। इसे ब्राज़ीलियाई ब्लोआउट या ब्राज़ीलियाई केराटिन ट्रीटमेंट भी कहा जाता है। यह ट्रीटमेंट घुंघरालेपन को कम करता है, बालों के रंग में सुधार करता है, बालों को सीधा, चमकदार और स्वस्थ बनाने में मदद करता है। यह ट्रीटमेंट कम से कम 6 महीने तक चलता है।
केराटिन ट्रीटमेंट में फॉर्मलडिहाइड नाम के केमिकल समेत अन्य सामग्रियां भी मिलाई जाती हैं। रिसर्च के मुताबिक केराटिन ट्रीटमेंट में कार्सिनोजेन्स होते हैं जो कैंसर पैदा करने वाले होते हैं या कैंसर को बढ़ने में मदद कर सकते हैं। इस वजह से, प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए केराटिन ट्रीटमेंट की सलाह नहीं दी जाती है।
केराटिन ट्रीटमेंट से जुड़े खतरे
- आंखों में जलन
- नाक का बहना
- स्किन में खुजली
- स्किन रैशेज
- सिर में दर्द होना
- बालों का झड़ना
- स्कैल्प में जलन
केराटिन ट्रीटमेंट की प्रक्रिया
केराटिन ट्रीटमेंट करने में कई घंटे लग जाते हैं। यह आमतौर पर दो तरह से होते हैं। कुछ स्टाइलिस्ट पहले बालों को धोते हैं और गीले बालों पर ब्रश से इस ट्रीटमेंट को करते हैं। इसे 30 मिनट तक रखा जाता है, लेकिन यह बालों की लंबाई और मात्रा पर निर्भर करता है। इसके बाद इस ट्रीटमेंट को सोखने के लिए बालों को फ्लैट आयरन किया जाता है।
केराटिन हेयर की देखभाल करने का तरीका
- ट्रीटमेंट के बाद पहले 3 दिनों के में बालों को धोने या ब्रश करने से बचें।
- बार-बार हेयर वॉश न करें।
- सल्फेट फ्री शैंपू और कंडीशनर का ही इस्तेमाल करें।
- बालों को न बांधे, अगर बांधे भी तो हल्का रखें।
- रेशम के तकिये का इस्तेमाल करें।
सिस्टीन हेयर ट्रीटमेंंट क्या है?
सिस्टीन हेयर ट्रीटमेंट एक गैर-आवश्यक अमीनो एसिड ट्रीटमेंट है जिसका इस्तेमाल बालों को सीधा करने के लिए किया जाता है। यह ट्रीटमेंट ड्राई हेयर के लिए काफी अच्छा होता है। इस ट्रीटमेंट में मौजूद सामान से कर्ल हेयर स्ट्रेट हो पाते हैं। इसलिए यह बालों को बेहद नेचुरल स्ट्रेट लुक देता है। यह ट्रीटमेंट सिर्फ 3 महीने तक चलता है।
सिस्टीन में फॉर्मल्डेहाइड नहीं होता है, इसलिए यह लोगों के लिए सुरक्षित है। इस उपचार में चार चरण होते हैं। सबसे पहले बालों को सिस्टीन स्मूथिंग शैम्पू से धोकर सुखाया जाता है। दूसरा, एक प्रोटीन-लीव-इन कंडीशनर लगाया जाता है; इसके बाद, बालों को सीधा करने वाला प्रोटीन और सिस्टीन स्मूदिंग ट्रीटमेंट लागू किया जाता है। इसे 45 मिनट तक रखा जाता है। फिर बालों को ब्लो-ड्राई, आयरन और रिंस किया जाता है।
सिस्टीन ट्रीटमेंट के बाद बालों की केयर कैसे करें
- सल्फेट-आधारित प्रोडक्ट्स से बचें।
- सिस्टीन राहित प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।
- मेंहदी लगाने से बचें।
- बालों में ऑयलिग से बचें।
- बार-बार वॉश न करें।
- एक महीने तक स्विमिंग करने से बचें।
केराटिन और सिस्टीन ट्रीटमेंट में अंतर
केराटिन और सिस्टीन हेयर ट्रीटमेंट के बीच मुख्य अंतर यह है कि केराटिन में फॉर्मल्डिहाइड जैसे केमिकल मौजूद होते हैं, जबकि सिस्टीन उनसे मुक्त होता है।
क्योंकि सिस्टीन ट्रीटमेंट में फॉर्मलडिहाइड का इस्तेमाल नहीं होता है, यह गर्भवती महिलाओं और 12 साल से ऊपर के बच्चों के लिए भी सुरक्षित है। लेकिन, यह अधिक महंगा है, और इसकी लंबी उम्र कम है। इस ट्रीटमेंट का ज्यादा लाभ पाने के लिए केराटिन और सिस्टीन दोनों ट्रीटमेंट में बालों की अच्छी तरह से देखभाल और रखरखाव करना बहुत जरूरी है।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )



Click it and Unblock the Notifications
