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Glycerin vs Moisturizer: सर्दियों में मखमली त्वचा के लिए क्या लगाना चाहिए, जानें यहां
Glycerin vs Moisturizer: सर्दियों का मौसम स्किन के लिए कई सारी परेशानियां लेकर आता है। ये एक ऐसा मौसम है, जिसमें स्किन की केयर बेबी केयर की तरह करनी होती है। दरअसल इस समय स्किन बहुत ड्राई हो जाती है। और अगर इसकी प्रोपर केयर ना की जाए तो वो अपनी स्वाभाविक चमक खोने लगती है।
यूं तो बाज़ार में विंटर केयर के नाम पर कई सारे प्रोडक्टस अवलेबल है लेकिन इन सबमें मॉइश्वराइज़र या ग्लिसरीन दो ऐसी चीजें है, जो दोनों ही स्किन पर अपना मैजिकल इफेक्ट दिखाते है। लेकिन जब बात इन दोनों में से किसी एक को चुनने की आती है, तो लोग अक्सर कंफ्यूज हो जाते हैं।

अगर आप भी इन दोनों में से किसी एक का चयन नहीं कर पा रहे है। तो हमारा ये आर्टिकल जरूर पढ़ें, ताकि आप इन दोनों से मिलने वाले बेनिफिटस की डिटेल जानकारी पाकर अपने लिए बेस्ट चीज चुन पाए।
स्किन केयर में ग्लिसरीन का इस्तेमाल
ग्लिसरीन शुगर और अल्कोहल का कार्बनिक कंपाउंड होता है। जिसे साबुन बनाने में सब-प्रोडक्ट के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। ये गाढ़ा, रंगहीन, गंधहीन और थोड़ा मीठा स्वाद वाला तरल पदार्थ है जो छूने में चिपचिपा होता है। ग्लिसरीन को लोग स्किन केयर के अलावा हेयर केयर में बल्कि खाने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। ज्यादातर ड्राई स्किन और इचिंग को दूर करने के लिए ग्लिसरीन का इस्तेमाल किया जाता है। ग्लिसरीन स्किन को ग्लोइंग बनाने और फाइन लाइंस को दूर करने में भी काफी कारगर साबित होती है। ये स्किन को टोन करता है। खास बात ये है कि ग्लिसरीन का इस्तेमाल करने पर स्किन ऑयली नहीं बनाती और ना ही स्किन पोर्स बंद होते है।
विंटर में ग्लिसरीन लगाने के फायदे
ग्लिसरीन स्किन को मॉइस्चराइज दूर करते हुए उसकी ड्राइनेस को दूर कर उसे सॉफ्ट रहने में मदद करता है। ग्लिसरीन स्किन की टोनिंग में मदद करता है और ये स्किन के अंदर जाकर उसे फ्रेश दिखाता है। ये स्किन को अंदर से एक्सफोलिएट करता है। ये पिग्नेंटेशन को कम करने में भी मददगार है। ग्लिसरीन का उपयोग झुर्रियों को कम करने के लिए भी किया जाता है। ग्लिसरीन की मदद से आप स्किन के पोर्स को अंदर से साफ कर सकते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स नहीं रहते। ये फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले स्किन डैमेज को भी कम करता है। ग्लिसरीन स्किन और उन कंपाउंड के बीच एक लेयर बनाता है जो इसे नुकसान पहुंचा सकते हैं।
स्किन केयर में मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल
हर प्रकार की स्किन के लिए माइश्चराइज़र का प्रयोग जरूरी होता है। मॉइश्चराइजर झुर्रियों से लेकर एक्ने सभी प्रकार की स्किन संबधी समस्याओं को दूर कर सकता है। इससे स्किन की बाहरी लेयर को सॉफट और ग्लोई बनाया जा सकता है। मॉइश्चराइजर को पानी, ग्लिसरीन, स्टीयरिक एसिड, प्रोपलीन ग्लाइकोल और लैनोलिन से मिलकर तैयार होता हैं। इसके अलावा इसे बनाने में कोकोनट ऑयल, जोजोबा तेल और लिनोलिक एसिड का भी इस्तेमाल किया जाता है।
विंटर में मॉइश्चराइजर लगाने के फायदे
स्किन केयर में मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल स्किन को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। इसे लगाने से स्किन के बंद पोर्स भी खुलने लगते हैं। जिससे मस्से और चकत्तों जैसी स्किन रिलेटेड प्रॉब्लमस आसानी से दूर हो जाती हैं। इसके अलावा मॉइश्चराइजर के उपयोग से एंटी-एजिंग के प्रभाव को भी कम किया जा सकता है। मॉइश्चराइजर का मुख्य काम स्किन के मॉइश्चर या नमी को लॉक करना होता है, लेकिन, इसके साथ ही यह स्किन के लिए बैरियर का काम भी करता है। दरअसल, मॉइश्चराइजर का यूज स्किन टाइप को ध्यान में रखकर करना चाहिए। आप अगर ऐसा नहीं करते हैं तो यह आपकी स्किन के लिए फायदे से ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा कुछ हैवी मॉइश्वराइजर ऐसे कैमिकल से बने होते है जो रैशेज या अन्य प्रॉब्लमस का कारण बन सकते है। ऐसे में इसका लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
दोनों में से क्या लगाना चाहिए?
कुल मिलाकर ये बात सामने आती है कि मॉइश्चराइजर से ड्राई स्किन से राहत तो मिल जाती है, लेकिन लंबे समय तक हैवी मॉइश्चराइजर भी स्किन को खराब कर सकता है। ऐसी स्थिति में चेहरे पर ऐसे मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए, जो ज्यादा हैवी न हो। तो अगर आप चाहे तो विंटर सी़जन में मॉइश्चराइजर की जगह ग्लिसरीन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपकी स्किन ज्यादा ऑयली नहीं दिखेगी। साथ ही स्किन पर निखार बना रहेगा। आप चाहें तो ग्लिसरीन के साथ नींबू और गुलाब जल भी ड़ाल सकते है। इससे स्किन को कई तरह से फायदा पहुंचेगा।



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