Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
हेयरफॉल से पानी है मुक्ति तो अपनाएं PRP ट्रीटमेंट, जाने कैसे करता है काम
आजकल कई वजहों से महिला और पुरुषों में बालों के झड़ने की समस्या सामान्य सी होती जा रही हैं। इसके साथ ही आनुवंशिक, तनाव, बालों की अच्छे से देखभाल न करना, कई प्रकार की दवाएं और उनका ट्रीटमेंट भी हेयर फॉल के कारण हो सकते हैं। वैसे तो लोग हेयरफॉल रोकने के लिए डॉक्टरी सलाह के अलावा कई घरेलू उपाय भी इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इन दिनों हेयरफॉल रोकने के लिए पीआरपी ट्रीटमेंट सबसे प्रभावी इलाज बनता जा रहा हैं। इस ट्रीटमेंट की सबसे अच्छी बात ये है कि ये एक तरह का नॉन सर्जिकल प्रोसेस हैं।
इस वजह से इसमें कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। पीआरपी (PRP) ट्रीटमेंट यानी प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा ट्रीटमेंट (Platelet Rich Plasma)Platelet Rich Plasma)। इसके लिए जिस व्यक्ति का इलाज किया जाता है, उसका ही ब्लड ट्रीटमेंट के उपयोग में लाया जाता है।

आखिर क्या है PRP थेरेपी?
PRP थैरेपी यानि प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा। PRP थैरेपी में जिस व्यक्ति को हेयरफॉल की प्रॉब्लम हो रही हैं। उसी का ब्लड उपयोग में लाया जाता है। इस ब्लड में से प्लेटलेट्स को अलग कर इस्तेमाल में लिया जाता है। इन प्लेटलेट्स में ग्रोथ फैक्टर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो टिश्यू बनाने और उनको रिपेयर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एक बार में थोड़ी मात्रा में ब्लड लेकर इसमें से प्लेटलेट्स को अलग करने के बाद उसमे एक्टिवेटर मिलाया जाता है जिससे प्लेटलेट्स एक्टिवेट हो जाता है। अब इस प्लेटलेट्स का उपयोग जहां पर हेयर लॉस हो रहा है वहां पर किया जाता है।

ये है प्रक्रिया
इस ट्रीटमेंट में जिस जगह प्लेटलेट्स लगाकर बालों को झड़ने से रोकना हैं वहां एनेस्थीसिया लगाकर सुन्न कर दिया जाता है। फिर विशेष माइक्रो सुई की हेल्प से पीआरपी को सिर के उन क्षेत्रों में इंजेक्ट किया जाता है, जहां उपचार किया जाना है। पीआरपी को प्रभावित क्षेत्र पर डर्मारोलर के द्वारा भी इन्फ्यूज किया जाता है। डर्मारोलर का प्रयोग करने से पहले त्वचा पर सुन्न करने वाली सामान्य क्रीम लगा दी जाती है। इस प्रक्रिया को पूरा होने के लिए कई सिटिंग्स की जरूरत होती है। ये ट्रीटमेंट न सिर्फ बालों की ग्रोथ बढ़ाता है, बल्कि हेयर फॉलिकल को भी मजबूत करता है। सुइयां चुभाने और ब्लड निकालने की बात से यह दर्दनाक लग सकता है, लेकिन इस ट्रीटमेंट के दौरान पूरा एरिया सुन्न कर दिया जाता है जिससे किसी प्रकार का कोई दर्द नहीं होता। इस प्रोसेस के बाद न तो कोई निशान पड़ता है और नहीं दवाई लेने की जरूरत होती है।

2 साल तक रहता है असर
पीआरपी बालों के झड़ने को रोकने में बहुत ही असरदायक उपचार है, क्योंकि यह नेचुरल तरीकों से बालों को बढ़ाता है। और बालों स्वस्थ और घना बनाता हैं। इससे कुछ ही समय में इससे बालों का गिरना रुक जाता है। पीआरपी थेरेपी 18 महीने से 2 साल तक बेहतरीन असर दिखाती है।

PRP थैरेपी के फायदें-
- - यह सबसे आसान और नॉन सर्जिकल ट्रीटमेंट है।
- - इस ट्रीटमेंट में सिर्फ एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है।
- - इसके परिणाम सुरक्षित और विश्वसनीय है।
- - बहुत जल्दी ठीक होने की अवधि होती है।

साइड इफेक्ट्स कोई नहीं
इस ट्रीटमेंट में किसी भी बाहरी चीज को शामिल नहीं किया जाता, जिसके कारण किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट का कोई खतरा नहीं होता। न ही किसी प्रकार की कोई एलर्जी होती है। पीआरपी में व्हाइट ब्लड कॉर्पसल्स(कणिकाओं) की भी काफी मात्रा होती है, जो इन्फेक्शन से बचाती है।



Click it and Unblock the Notifications
