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जानिए रिंक्ल क्रीम और एंटी ऐजिंग प्रॉड्क्ट्स के बारे में

एंटी एजिंग या रिंक्ल क्रीम्स की प्रभाव क्षमता उसमें मौजूद इंग्रेडिएन्ट्स या सामाग्री पर निर्भर करता है। यहां कुछ सामान्य इंग्रेडिएन्ट्स के बारे में बताया जा रहा है जिसका उपयोग झुर्रियों को कम करने या रोकने के लिए किया जाता है।
रेटिनॉल - रेटिनॉल विटामिन ए का कम्पाउंड है। यह पहला एंटी आक्सिडेंट है जिसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर रिंक्ल क्रीम के तौर पर किया गया। एंटी आक्सिडेंट वो पदार्थ है जो अस्थिर आक्सिजन अणुओं को बेअसर कर देता है। ये आक्सिजन अणु त्वचा की कोशिकाओं को तोड़ देती हैं जिससे झुर्रियां बन जाती हैं।
हाईड्रोआक्सि एसिड्स - एल्फा हाईड्रोआक्सि एसिड्स, बीटा हाईड्रोआक्सि एसिड्स और पॉली हाईड्रोआक्सि एसिड्स ये सभी कृत्रिम एसिड हैं जिन्हें शर्करा युक्त फलों से प्राप्त किया जाता है। ये एसिड पुराने और मृत त्वचा के बाहरी हिस्से को हटा देती है और नई कोमल त्वचा बनने की प्रक्रिया को तेज कर देती है।
कॉपर पेपटाईड्स - कॉपर एक ऐसा तत्व है जो सभी कोषिकाओं में पाया जाता है। त्वचा में लगाने वाले उत्पादों में इसे प्रोटीन की थोड़ी मात्रा के साथ मिलाया जाता है जिसे पेपटाइड्स कहा जाता है। कॉपर पेपटाईड्स घाव भरने की प्रक्रिया को तेज कर देती है। इसके साथ ही कोलेजन बनाने में भी यह काफी सहायक होती है और एंटी आक्सिडेंट की क्रिया को भी तेज कर देती है।
कैनेटिन - कैनेटिन त्वचा में नमी को बरकरार रखते हुए झुर्रियों को ठीक करता है। यह भी कोलेजन के उत्पादन को बढ़ा देता है। यह एक शकितशाली एंटी आक्सिडेंट है।
चाय के तत्व - ग्रीन, ब्लैक और ओलॉन्ग चाय के यौगिकों में एंटी आक्सिडेंट और एंटी इन्फ्लेमेट्री विशेषता पाई जाती है। लगभग सभी एंटी एजिंग क्रीम्स में ग्रीन टी के तत्व मौजूद रहते हैं।
एंटी एजिंग क्रीम्स लेने से पहले निम्नलिखित बाते ध्यान में रखनी चाहिए।कई क्रीम बिना जांचे परखे बाजार में उतार दी जाती है। इनके इस्तेमाल से त्वचा को काफी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए बिना प्रमाणित क्रीम्स को लेना नहीं चाहिए। कई प्रॉड्ट्स साईड इफैक्ट्स के साथ आते हैं और कई उनके बिना। साईड इफैक्ट्स के बारे में आश्वस्त होने के बाद ही प्रॉड्क्ट लेना चाहिए। कई ब्रैंड्स वास्तविक खतरे को छिपा जाती हैं इसलिए अपने स्किन टाइप को समझकर और अन्य ब्रैंड के साथ तुलना करने के बाद ही एंटी एजिंग क्रीम या प्रॉड्क्ट लेना चाहिए। बेहतर परिणाम पाने के लिए कितना क्रीम लगाना होगा इसकी जांच पड़ताल भी कर लेनी चाहिए। कई प्रॉड्क्ट्स इन सब के बारे में बहुत कम जानकारी देते हैं। कुछ प्रॉड्क्ट्स जल्दी से जल्दी परिणाम देने का दावा करते हैं। ऐसे दावे खोखले भी साबित हो सकते हैं। प्रॉड्क्ट की क्वालिटी और उसमें प्रयुक्त सामाग्री पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। कोई भी प्रॉड्क्ट अपना असर तुरंत नहीं दिखा सकता। इसके लिए निश्चित समय सीमा होती है। इस सीमा को जानना बहुत जरूरी होता है।



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