सौंदर्य से जुड़ी कुछ आम धारणाएं

महिलाओं की सुंदरता के बारे में इतना कुछ कहा गया है कि ब्यूटी टिप्स तथा सुंदरता से संबंधित मिथकों के बीच की रेखा धुंधली हो गई है। कभी कभी यह इतना अधिक हो जाता है कि हम इन तुच्छ बातों को सच मान लेते हैं, उन पर विश्वास करते हैं तथा उनका प्रचार भी करते हैं। अत: यहाँ कुछ बेतुके परंतु आम सौंदर्य मिथकों की सूची दी गई है जिन्हें कभी आप सच मानते थे।

Common beauty myths debunked

सौंदर्य से जुड़ी कुछ आम धारणाएं

एक सफ़ेद बाल तोड़ने पर और अधिक सफ़ेद बाल आते हैं :

एक सफ़ेद बाल तोड़ने पर और अधिक सफ़ेद बाल आते हैं :

जब लोग अपना पहला सफ़ेद बाल देखते हैं तो यह आम बात वे अक्सर सुनते हैं तथा उन्हें इसे न तोड़ने की सलाह दी जाते है ताकि और बाल और अधिक सफ़ेद न हों। यह पूर्ण रूप से असत्य है क्योंकि आपके सिर पर सीमित मात्रा में फॉसिल्स होते हैं। अत: इस बात का कोई प्रभाव नहीं पड़ता कि आप सफ़ेद बाल तोड़ते हैं या नहीं, समय के साथ ये सफ़ेद होते हैं।

रेज़र से शेव करने पर आपके बाल घने हो जाते हैं :

रेज़र से शेव करने पर आपके बाल घने हो जाते हैं :

बालों की मोटाई बालों के फॉसिल्स पर निर्भर करती है जो आपकी त्वचा के अंदर होते हैं। रेज़र यहाँ तक पहुँचता भी नहीं है। रेज़र से शेव करने के बाद बालों के मोटे दिखने का कारण यह है कि वे एक कोण पर काटे जाते हैं जिसके कारण वे खूंटी के रूप में दिखते हैं।

तेलीय त्वचा को हाईड्रेटेड होने की आवश्यकता नहीं है:

तेलीय त्वचा को हाईड्रेटेड होने की आवश्यकता नहीं है:

तैलीय त्वचा आपके शरीर की त्वचा और बालों को नरम और स्वस्थ रखने का एक माध्यम है। इन तेलों के कारण आपके रोम छिद्र बंद हो सकते हैं जो मॉस्चराइज़र से साफ किये जाते हैं। तो यदि आपकी त्वचा अधिक तैलीय है तो ऑइल फ्री (तेल रहित) मॉस्चराइज़र आपके लिए उत्तम होगा।

क्या 2-इन-1 शैम्पू विज्ञापन के अनुसार काम करता है:

क्या 2-इन-1 शैम्पू विज्ञापन के अनुसार काम करता है:

कंडीशनिंग और शैम्पू करना दो अलग अलग बातें हैं। शैम्पू आपके बालों को साफ़ करता है जबकि कंडीशनर इन्हें नरम बनाता है। अधिकाँश 2-इन-1 शैम्पू मार्केटिंग की एक चाल मात्र हैं। अच्छे बालों के लिए आपको शैम्पू और कंडीशनर अलग अलग उपयोग में लाने चाहिए।

मछली को दूध उत्पादों के साथ खाने से त्वचा पर पैच (चकत्ते) आ जाते हैं:

मछली को दूध उत्पादों के साथ खाने से त्वचा पर पैच (चकत्ते) आ जाते हैं:

मेलेनिन बनाने वाली कोशिकाओं के नाश के कारण त्वचा पर पैच आते हैं। इस स्थिति को विटिलिगो कहा जाता है तथा इसका दूध उत्पाद और मछली के संयोजन से कोई संबंध नहीं है।

Story first published: Wednesday, November 20, 2013, 22:02 [IST]
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