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काँटेदार गर्मी से बचना है तो अपनाइये ये घरेलू उपचार
काँटेदार गर्मी को ज्वार या बाजरा, खुजलीयुक्त चकत्ते, छोटे लाल धब्बे भी कहा जाता है जिससे त्वचा में जलन होती है। चकत्ते शरीर पर कही भी उभर सकते हैं लेकिन सामान्यतः ये चेहरे, गरदन, पीठ, छाती और जाँघों पर होते हैं। काँटेदार गर्मी कई प्रकार के होते हैं । त्वचा पर दिखाई देने वाली असामान्यताओं में अंतर के आधार पर काँटेदार गर्मी को तीन श्रेणियों में बाँटा जाता हैः
1. मिलिएरिया क्रिस्टेलाइनः पपड़ी के ऊपरी भाग में होने वाली रुकावट।
विशेषताएँः 1-2मि.मी. आकार के छोटे बुलबुले जिनमें पानी की बूँदों जैसा साफ तरल पदार्थ होता है लेकिन त्वचा पर लालिमा नहीं होती है। यह ज्यादातर माथा, गरदन, पीठ तथा छाती पर दिखाई पड़ते हैं।
2. मिलिएरिया रुब्राः त्वचा की मध्य परत में होने वाली रुकावट।
विशेषताएँः 1-2मि.मी. आकार के छोटे तथा लाल बुलबुले। बुलबुले आमतौर पर बिखरे हुए होते है लेकिन ये एकसाथ भी हो सकते हैं। पसीना आने पर बहुत खुजली और दर्द की शिकायत होती है। काँटेदार गर्मी सबसे अधिक पायी जाती है। ये कपड़ों से ढके हुए शरीर के अंग पर दिखाई पड़ते हैं।

क्या है इसका मुख्य कारण
1. काँटेदार गर्मी का मुख्य कारण पसीने की ग्रंथियों से छिद्रों में होने वाली रुकावट है। गर्मियों के दौरान शरीर में पसीना आता है तथा त्वचा पर लगे हुए पसीने से रुकावट के कारण छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं।
2. भीषण गर्मी और पसीने के अलावा काँटेदार गर्मी के कई अन्य कारण भी है जैसे-शराब का सेवन, धूम्रपान, अस्वास्थ्यकर और तनावपूर्ण जीवनशेली, जंक फूड का अत्यधिक उपभेग, असमय खाने की आदतें, एसिडिटी, विषाक्त भोजन और कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स।

क्या है इसका लक्षण
1. यदि पसीने की ग्रंथि वाहिनी में रुकावट है तो पसीना सूजन का कारण बनता है जिससे जलन और खुजली होती है।
2. काँटेदार गर्मी आमतौर पर त्वचा पर बहुत छोटे लाल फफोलों के रूप में दिखाई देती है।

1. ओट्स
ओट्स काँटेदार गर्मी के लिए एक प्रभावी घरेलू उपचार है। बाथ टब में थोड़ा सा जई का आटा डालें और इसे अच्छी तरह से हिलाएं। कोमल और साफ त्वचा पाने के लिए बाथ टब में 15 मिनट लेटकर आराम करें। ऐसा दिन में दो बार करें।

2. बर्फ
गर्म और नमीयुक्त तापमान के कारण चुभने वाली गर्मी से बचने के लिए बर्फ एक दूसरा अच्छा उपाय है। सूजन को कम करने और झुलसाने वाली गर्मी के अहसास को कम करने के लिए चकत्तों पर बर्फ के टुकड़ें रगड़ें।

3. चंदन पाउडर
दो बड़े चम्मच चंदन पाउडर और धनिया पाउडर लें। 2-3 बड़े चम्मच गुलाबजल डालें और पेस्ट बनने तक हिलाएं। त्वचा के प्रभावित भागों पर इसे फैलाएं और सूखने के लिए छोड़ दें। बाद में ठंडे पानी से धो लें।

4. मुल्तानी मिट्टी
एक मोटा पेस्ट बनाने के लिए 4-5 बड़े चम्मच मुलतानी मिट्टी में 2-3 चम्मच गुलाबजल और सादा पानी मिलाएं। जलन वाली जगह पर लगाएं और 2-3 घंटें तक सूखने दें। बाद में ठंडे पानी से धो लें।

5. ठंडा पानी
ठंडे पानी में एक सूती कपड़ा या स्पंज भिगोएं। प्रभावित जगह पर कपड़ा तब तक रखें जब तक सारा पानी अवशोषित न हो जाए। इससे आपको चुभने वाली गर्मी और सूजन से तुरंत आराम मिलेगा।

6. बरगद के पेड़ की छाल
बरगद के पेड़ की छाल भी काँटेदार गर्मी के उपचार में बहुत मदद करती है। बरगद के पेड़ की सूखी छाल को पीसकर एक महीन पाउडर बना लें। तुरंत आराम के लिए इसे प्रभावित जगह पर लगाएं।

7. मारगोसा के पत्ते
मारगोसा की पत्तियों में पानी मिलाकर एक पतला पेस्ट बना लें। इसे प्रभावित त्वचा पर फैलाएं और पूरी तरह से सूखने तक छोड़ दें। मारगोसा की एंटीबेक्टीरियल विशेषता कीटाणुओं को मारने और त्वचा के अन्य रोगों से तुरंत राहत प्रदान करने में सहायता करती है।

8. बेकिंग सोडा
खुजली और झुलसाने वाली गर्मी के लिए एक ठंडा पैक तैयार करें। 1 चम्मच बेकिंग सोडा में 1 कप पानी मिलाकर पतला करें। एक साफ कपड़ा इसमें डुबोएं और अतिरिक्त पानी निकालने के लिए इसे निचोड़ लें। इस कपड़े को चकत्तों पर लगाएं। पानी सूजन को दूर करेगा जबकि बेकिंग सोडा खुजली और असहजता को दूर करेगा। अच्छा परिणाम पाने के लिए इसे दिन में 4-5 बार दोहराएं।

9. नींबू पानी
ज़्यादा नींबू पानी पीने से काँटेदार गर्मी के उपचार में मदद मिलती है। प्रतिदिन 3-4 गिलास नींबू पानी पीजिए और 15 दिनों के बाद ही परिणाम आपके सामने होगा।

10. कोर्नस्टार्च
कोर्नस्टाच या आटे में पानी मिलाकर एक पतला पेस्ट तैयार करें। प्रभावित जगह पर इसे लगाए और आधे घंटे तक सूखने दें। इसके बाद ठंडे पानी से नहाने के लिए जाए और पेस्ट को धो लें।

11. एलो वेरा
आप स्वयं को भाग्यशली समझिए यदि आपके घर में एलो वेरा का पेड़ लगा है। गर्मी से प्रभावित जगह पर एलो वेरा की पत्तियों का जेल लगाएं। कछ देर सूखने दें और फिर ठंडे पानी से नहा लें।

काँटेदार गर्मी से बचने के लिए दवा
प्रभावित जगह पर कैलेमाइन लोशन लगाने से राहत मिलेगी। त्वचा पर विशेष रूप से खुजली तथा जलन होने पर आप हाइड्रोकोरटिसोन क्रीम भी लगा सकते हैं।

स्वयं को अथवा अपने बच्चे को काँटेदार गर्मी से बचाने के लिए निम्न उपाय करेंः
1. तंग कपड़े न पहनें, इनसे शरीर में जलन हो सकती है।

2.गर्मी होने पर छाया अथवा एयर कंडीश्नर अथवा एक सुरक्षित दूरी पर रखे हुए पंखे के नाचे रहें।

3.अपने साने के स्थान को ठंडा तथा हवादार रखें।

4. ठंडे पानी तथा साबुन से नहाए जो सूखापन प्रदान नहीं करता तथा जिसमें कोई सुगंधित रंजक नहीं हो।

5. क्रीम तथा तेल का उपयोग न करें-
ये काँटेदार गर्मी से राहत प्रदान नहीं करते हैं तथा छिद्रों को ब्लाक कर सकते हैं।



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