Botox Vs Dermal Fillers: दोनों ब्‍यूटी ट्रीटमेंट में होता है फर्क, जानें क‍िसे कौनसा कराना चाह‍िए?

एक यूथफुल और ब्यूटीफुल स्किन आखिरकार कौन नहीं चाहता, लेकिन समय के साथ स्किन पर रिंकल्स व फाइन लाइन्स दिखना लाजमी है। हालांकि, आज के समय में कॉस्मेटिक्स की दुनिया में इतनी तरक्की हो चुकी है कि उम्र बढ़ने के इन लक्षणों को भी रिवर्स किया जा सकता है। इनमें पॉपुलर कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स हैं बोटोक्स व डर्मल फिलर्स।

ये दोनों ऐसे ब्यूटी ट्रीटमेंट हैं, जिन्हें इंजेक्शन की मदद से किया जाता है। साथ ही, दोनों ही ट्रीटमेंट आपकी स्किन को अधिक यंगर व यूथफुल दिखाते हैं। यही कारण है कि लोग बोटोक्स व डर्मल फिलर्स को एक ही समझते हैं। जबकि ये दोनों ट्रीटमेंट अलग हैं और स्किन पर अलग तरह से काम करते हैं।

हो सकता है कि आपके मन में यह सवाल भी हो कि इन दोनों में कौन सा ट्रीटमेंट करवाना आपकी स्किन के लिए अधिक फायदेमंद है या फिर इनके क्या नुकसान व जोखिम हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब दे रहे हैं-

Between Botox And Dermal

बोटोक्स क्या है?

बोटुलिनम टॉक्सिन जिसे आम भाषा में बोटोक्स कहा जाता है, एक न्यूरोटॉक्सिन है, जो मांसपेशियों को अस्थायी रूप से पैरालाइज कर देता है। इस प्रक्रिया में जिस मसल्स में इसे इंजेक्ट किया जाता है, वह उस मसल्स के नर्व्स सिग्नल को ब्लॉक कर देता है। यह मसल्स को सिकुड़ने से रोकता है, जिससे फाइन लाइन्स और रिंकल्स की अपीयरेंस कम होती है।

इन जगहों पर किया जाता है इंजेक्ट

बोटोक्स को आमतौर पर आंखों के आसपास, दोनों आइब्रो के बीच में या माथे की रेखाओं को कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि, यह कोई स्थायी उपचार नहीं है। बोटोक्स का प्रभाव आमतौर पर 3 से 6 महीने तक रहता है और इसके बाद मसल्स फिर से धीरे-धीरे गति प्राप्त कर लेती हैं और झुर्रियां फिर से दिखाई देने लगती हैं।

बोटोक्स के नुकसान क्या हैं?

बोटोक्स करवाने के कोई गंभीर नुकसान नहीं है। इसे करवाने के बाद आपको अस्थायी सूजन या हल्के दर्द का अहसास हो सकता है। बहुत ही कम मामलों में व्यक्ति को सिरदर्द या फ्लू जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

डर्मल फिलर्स क्या हैं?

डर्मल फिलर्स जेल जैसे पदार्थ होते हैं, जिन्हें त्वचा के नीचे इंजेक्ट किया जाता है। इससे स्किन पर मौजूद फाइन लाइन्स को कम किया जाता है और साथ ही साथ, स्किन अधिक प्लम्प और फुलर नजर आती है। यह स्किन को एक वाल्यूम देते हैं।

इन जगहों पर किया जाता है इंजेक्ट

डर्मल फिलर्स का इस्तेमाल आमतौर पर स्टेटिक रिंकल्स का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है। अमूमन नाक से मुंह तक की लाइन्स, सिकुड़े हुए गालों में वॉल्यूम एड करने, होंठों को अधिक फुलर दिखाने व जॉलाइन की कंटूरिंग करने के लिए अक्सर डर्मल फिलर्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह भी स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन डर्मल फिलर्स का प्रभाव आमतौर पर 6 महीने से 2 साल तक रह सकता है।

डर्मल फिलर्स के नुकसान क्या हैं?

डर्मल फिलर्स ट्रीटमेंट करवाने के बाद आपको इंजेक्ट किए हुए एरिया में रेडनेस, सूजन या सुन्नता का अहसास हो सकता है। वहीं, कुछ मामलों में गांठें, इंफेक्शन या अधिक गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। हालांकि, ऐसी स्थिति कम ही देखने को मिलती है।

बोटोक्स व डर्मल फिलर्स में बेहतर क्या है?

यह दोनों ही ट्रीटमेंट आपकी स्किन को अधिक यंगर व यूथफुल दिखाने में मदद करते हैं। आपके लिए क्या बेहतर ऑप्शन होगा, इसके लिए एक बार एक्सपर्ट से सलाह लेना अधिक बेहतर विचार है। जहां बोटोक्स मुख्य रूप से मसल्स को आराम देने और डायनामिक रिंकल्स को कम करता है। यह 3-6 महीने तक चलता है। वहीं, डर्मल फिलर्स स्किन के वॉल्यूम को बढ़ाने और स्टेटिक रिंकल्स को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह 6 महीने से 2 साल तक रह सकता है।

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