Glutathione क्‍या है? Shefali Jariwala की मौत के बाद चर्चा में आया, क्‍या हार्ट अटैक से है कोई संबंध!

Shefali Jariwala Death Reason : कांटा लगा' फेम अभिनेत्री और मॉडल शेफाली जरीवाला का 42 वर्ष की उम्र में अचानक निधन हो गया। शुक्रवार देर रात आई इस खबर ने उनके फैंस और इंडस्ट्री को हैरान कर दिया। 'बिग बॉस 13' में नजर आ चुकीं शेफाली अपनी फिटनेस और खूबसूरती को लेकर हमेशा चर्चा में रहती थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वह पिछले कुछ सालों से एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट ले रही थीं। सूत्रों के अनुसार, शेफाली जवान दिखने के लिए हर दिन दो तरह की दवाइयों का सेवन करती थीं , विटामिन C और Glutathione। हालाँकि, उनके डॉक्टर ने साफ कहा है कि इन दवाओं का हार्ट अटैक से कोई सीधा संबंध नहीं है। ये दवाएं स्किन ब्राइटनिंग और फेयरनेस के लिए दी जाती हैं, और इनका असर केवल त्वचा पर देखा जाता है।

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इस घटना के बाद से Glutathione को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है, क्या यह वास्तव में सुरक्षित है? इसके फायदे क्या हैं और किन लोगों को इससे बचना चाहिए?

क्या है ग्लूटाथियोन (Glutathione)?

ग्लूटाथियोन एक प्राकृतिक रूप से बनने वाला पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, टॉक्सिन्स और फ्री रेडिकल्स से बचाता है। इसका इस्तेमाल स्किन लाइटनिंग, एंटी-एजिंग और डिटॉक्सिफिकेशन के लिए किया जाता है। आजकल यह सेलेब्रिटीज़ से लेकर आम लोगों तक में काफी लोकप्रिय हो गया है।

ग्लूटाथियोन के त्वचा से जुड़े फायदे

झुर्रियों में कमी: ग्लूटाथियोन स्किन की टाइटनेस बनाए रखता है और झुर्रियों को कम करता है।

पिगमेंटेशन में सुधार: यह स्किन में मेलानिन उत्पादन को नियंत्रित करता है और त्वचा की रंगत को संतुलित करता है।

प्राकृतिक ग्लो बढ़ाना: प्रदूषण, तनाव और उम्र के कारण त्वचा पर जो काले धब्बे और रफनेस आती है, Glutathione उन्हें कम कर स्किन को फ्रेश लुक देता है।

सोरायसिस और त्वचा संक्रमण: रिसर्च से पता चला है कि ग्लूटाथियोन सोरायसिस जैसी स्किन कंडीशन्स में भी राहत दे सकता है।

किन्हें नहीं लेना चाहिए Glutathione?

हालांकि यह दवा त्वचा के लिए कई फायदे ला सकती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकती है:

थायराइड और किडनी रोगी: ऐसे मरीजों को ग्लूटाथियोन इंजेक्शन नहीं देना चाहिए।

ओवरडोज के जोखिम: जरूरत से ज्यादा डोज लेने पर किडनी फेलियर, ब्लड पॉइजनिंग, डायरिया, बाल झड़ना, रैशेज, सीने में दर्द, और वजन बढ़ना जैसे गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

एलर्जी: कुछ लोगों को ग्लूटाथियोन से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है, जैसे मिचली, सांस लेने में तकलीफ या स्किन एलर्जी।

इसलिए ग्लूटाथियोन का सेवन केवल विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें, खासकर जब यह इंजेक्शन या हाई डोज सप्लीमेंट के रूप में दिया जा रहा हो।

ग्लूटाथियोन बढ़ाने के प्राकृतिक उपाय

अगर आप बिना साइड इफेक्ट्स के शरीर में ग्लूटाथियोन का स्तर बढ़ाना चाहते हैं, तो ये घरेलू उपाय अपनाएं:

सल्फर युक्त खाद्य पदार्थ: जैसे लहसुन, प्याज, ब्रोकली, गोभी

विटामिन C और E: ये दोनों विटामिन्स ग्लूटाथियोन को सक्रिय और स्थिर बनाए रखते हैं

नियमित व्यायाम: एक्सरसाइज शरीर के डिटॉक्स सिस्टम को मजबूत करती है

नींद और तनाव नियंत्रण: अच्छी नींद और मेडिटेशन शरीर को संतुलन में रखता है

Story first published: Saturday, June 28, 2025, 19:40 [IST]
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