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हर भारतीय महिला की वार्डरोब में आपको साडियों का अच्छा-खासा कलेक्शन मिल जाएगा। हर अवसर पर वहां के हिसाब से पहनी जाने वाली साडि़यों को खरीदने को लेकर महिलाएं हमेशा चर्चा में रहती हैं। वैसे, महिलाएं साड़ी में काफी सुंदर और आकर्षक भी लगती हैं।
भारत के हर राज्य और क्षेत्र में साड़ी को पहनने का तरीका बिल्कुल अलग है। उत्तर भारत में बनारसी साड़ी को सीधे पल्लू पर पहना जाता है वहीं महाराष्ट्र में कांच वाली साड़ी पहनी जाती है। दक्षिण भारत में भी साड़ी को अलग-अलग तरीके से रिवाज व परम्परा से पहना जाता है।
दरअसल, पूरे भारत में दक्षिण भारत में पहनी जाने वाली साडि़यां काफी प्रसिद्ध हैं और उनका कपड़ा आदि भी काफी अच्छा होता है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश में शादी के दौरान दुल्हन को विशेष प्रकार व रंग की साड़ी पहनाई जाती हैं। आइए जानते हैं कि दक्षिण भारत में शादी के समय दुल्हन को किस प्रकार की साड़ी पहनाते हैं:

1. केरल साड़ी -
केरल में शादी के दौरान दुल्हन को सफेद और गोल्ड कलर की साड़ी पहनाते हैं। यह साड़ी बिल्कुल प्लेन होती है बस गोल्डन बॉर्डर होता है। किसी भी प्रकार की कढ़ाई या जरदोज़ी आदि नहीं होती है।

2. चेत्तीनाड सिल्क साड़ी -
यह साड़ी फैशनेबल कलेक्शन में आती है जो डार्क और ब्राइट कलर वाली होती है। लेकिन पहनने के बाद ये काफी सुंदर दिखती हैं।

3. मैसूर सिल्क साड़ी -
मैसूर का सिल्क, भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी पसंद किया जाता है। इसमें आने वाली साडियां हल्के रंग की और चौड़े बॉर्डर वाली होती हैं। कर्नाटक में दुल्हनें मैसूर की पारंपरिक सिल्क साड़ी को पहनना ही पसंद करती हैं।

4. पोचमपल्ली सिल्क साड़ी -
आंध्र प्रदेश में पोचमपल्ली सिल्क साड़ी का चलन काफी है। यह इकावट बुनाई विधि से बनाई जाती है और बनने के बाद बेहद सुंदर दिखती है। दुल्हनों को अक्सर यही साड़ी, आंध्रप्रदेश में पहनाई जाती है।

5. कोनार्ड मंदिर साड़ी -
यह साड़ी काफी पुराने समय से चलन में है। यह सिल्क से बनी होती है और इसमें देवी-देवता बने होते हैं। पूरी साड़ी में अधिकतर गोल्ड जरी का काम होता है।

6. कांचीपुरम सिल्क साड़ी -
तमिलनाडु में मंदिरों के शहर, हेलिंग में कांचीपुरम साडियों को बनाया गया था। अब ये साडियां पूरे तमिलनाडु की परंपरा का हिस्सा हैं। हर दुल्हन इसे शादी के दिन पहनना पसंद करती हैं और इसे सौभाग्य की निशानी भी माना जाता है।



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