रहमान डकैत का खून है SP साहब... 'धुरंधर' में गैंगस्टर बने अक्षय खन्ना के 12 डायलॉग्स जिनसे हिला सिनेमाहॉल

Dhurandhar 12 Super Hit Dialogues On Social Media: अक्षय खन्ना ने 'धुरंधर' में 'रहमान डकैत' बनकर बड़े पर्दे पर ऐसा खौफ उतारा है कि दर्शक थियेटर से निकलकर भी उसके चेहरे, उसकी आंखों और उसके संवादों को नहीं भूल पा रहे। स्क्रीन पर आते ही जिस तीखे अंदाज, धीमी मगर जहरीली आवाज और बर्फ जैसी ठंडी निगाहों से वह धमकाता है, वो किसी राक्षस से कम नहीं लगता। सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, बल्कि उसके हर डायलॉग में मौत की ठंडी गूंज महसूस होती है।

यही वजह है कि इस किरदार के संवाद सोशल मीडिया पर वायरल हैं और लोग कह रहे हैं कि अक्षय खन्ना का सबसे खतरनाक रोल यही है। हम आपके लिए रहमान डकैत के 12 सुपरहिट डायलॉग लेकर आए हैं जिन्हें सुन आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे और अभी तक फिल्म नहीं देखी है तो उसे देखने की उत्सुकता और भी बढ़ जाएगी।

कब रिलीज हुई फिल्म

फिल्ममेकर आदिय्त धर की फिल्म 'धुरंधर' ने 5 दिसंबर 2025 को बड़े पर्दे पर दस्तक दे दी है। इस फिल्म का दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था जो अब खत्म हो गया है। फिल्म में रणवीर सिंह, संजय दत्त की शानदार एक्टिंग है लेकिन अक्षय खन्ना की दमदार एक्टिंग ने तो सभी को हैरान कर दिया है। ये कहना गलत नहीं होगा कि जो अक्षय खन्ना हीरो बन कमाल न दिखा सके अब वो विलेन बन तहलका मचा रहे हैं।

चलिए पढ़ते हैं रहमान डकैत के 10 ऐसे वायरल डायलॉग्स, जो न सिर्फ फिल्म देखने वालों के रोंगटे खड़े कर देते हैं, बल्कि अक्षय खन्ना को एक अलग स्तर के इंतेन्स विलेन के रूप में स्थापित कर देते हैं।

अक्षय खन्ना (रहमान डकैत) के 12 दमदार डायलॉग्स

"जो वादा किया है... उसे भूलने की गलती बिल्कुल मत करना, रहमान डकैत की मौत बड़ी कसाईनुमा होती है।"

"रहमान डकैत का खून है एसपी साहब... जरा तमीज से बहाना।"

"आज से ल्यारी में बलूचों की हुकूमत होगी, जो भी दगा करेगा, उसका यही हश्र होगा।"

"सीना जितना चौड़ा है... उतना ही जहरीला है मेरा गुस्सा। दुश्मन बनोगे... तो जान लेकर ही शांत होगा।"

"कानून से मत डराओ मुझे... मौत मेरी जेब में चलती है।"

"जिस दिन रहमान डकैत किसी पर मेहरबान हो जाए... उस दिन किस्मत भी सलाम ठोकती है।"

"मैं गोली सिर पर नहीं चलाता... दिमाग़ में चलाता हूँ - ताकि याद हमेशा रहे किसने मारा।"

"ज़ुल्म बर्दाश्त भी करूँ और बदला भी न लूँ? रहमान पैदा ही नहीं होता ऐसे।"

"जिससे प्यार करता हूँ, उसके लिए जान दे देता हूँ... और जिसे दुश्मन समझ लूँ - उसको सांस लेने तक नहीं देता।"

"खौफ मेरा शौक नहीं... मेरी पहचान है।"

"वो रात ही क्या... जिसमें खून की चीख न सुनाई दे।"

"रहमान का इलाका छोड़ने के दो ही रास्ते हैं - जान दे दो या वफादारी।"

"मैं कानून नहीं लिखता... लेकिन फैसला वही होता है जो मैं सुनाता हूँ।"

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