Ghar Kab Aaoge Lyrics: बॉर्डर 2 के ‘घर कब आओगे’ को यूट्यूब पर मिले 29 मिलियन व्यूज, यहां पढ़ें गाने के लिरिक्स

साल 2026 की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'बॉर्डर 2' 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म के रिलीज होने से पहले ही दर्शकों को एक खास तोहफा मिल गया है। 2 जनवरी को बॉर्डर 2 का सबसे फेमस गाना 'घर कब आओगे' रिलीज हो गया है। 10 मिनट 34 सेकंड का यह गाना अनु मलिक के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। इस गाने को सोनू निगम, अरिजीत सिंह, दिलजीत दोसांझ और विशाल मिश्रा ने मिलकर गाया है। गाना सुनते ही लोगों की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। यह गाना लोगों को खूब इमोशनल कर रहा है। आपको बता दें कि 'घर कब आओगे' फिल्म 'बॉर्डर' के मशहूर सॉन्ग 'संदेसे आते हैं' का री-क्रिएटेड वर्जन है। गाने को उसी धुन के साथ नए संगीत और बोल के साथ पेश किया गया है। इस गाने को मनोज मुंतशिर ने लिखा है और संगीत मिथुन ने दिया है। गाना रिलीज होते ही वायरल हो गया। टी-सीरीज के बैनर तले बना यह गाना सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यूट्यूब पर इसे अब तक 29 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।

Ghar Kab Aaoge

फिल्म बॉर्डर 2 का सबसे इमोशनल गाना घर कब आओगे

'घर कब आओगे' गाने के वीडियो में वरुण धवन, सनी देओल, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी नजर आते हैं। गाने में सनी देओल को चिट्ठी पढ़ते हुए काफी भावुक नजर आ रहे हैं। वहीं वरुण, दिलजीत और अहान गाते हुए दिख रहे हैं। गाने के वीडियो को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है। लोग इस पर लगातार कमेंट्स कर रहे हैं। 'घर कब आओगे' के लिरिक्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घर कब आओगे के लिरिक्स (Ghar Kab Aaoge Lyrics In Hindi)

हो-ओह-ओह, हो-ओह-ओह..
हो-ओह-ओह, हो-ओह-ओह..

संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है
कि घर कब आओगे?
कि घर कब आओगे?
लिखो कब आओगे?
कि तुम बिन यह घर सूना, सूना है

संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है
कि घर कब आओगे?
कि घर कब आओगे?
लिखो कब आओगे?
कि तुम बिन यह दिल सूना, सूना है

हो-ओह-ओह, हो-ओह-ओह...

यह दिल जो बरसों से
था खाली-खाली सा
किसी के आने से, सजा दिवाली सा
जगे हैं दरवाज़े, किसी की आहट से
सवेरा होता है, किसी की करवट से

मैं सोचता करता हूँ, यही तन्हाई में
कि चंदा उतरेगा, मेरी आँगनाई में
नसीबों वाली ने,
कान की बाली ने,
चौथ की थाली ने
और पूछा है मेहंदी की लाली ने

कि घर कब आओगे?
कि घर कब आओगे?
लिखो कब आओगे?
कि तुम बिन यह दिल सूना, सूना है

संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं
कि चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है
कि घर कब आओगे?
कि घर कब आओगे?
लिखो कब आओगे?
कि तुम बिन यह घर सूना, सूना है

हो-ओह-ओह, हो-ओह-ओह...

यह पूछो आँखों के छलकते पानी से
बिछड़ता है कोई कहाँ आसानी से
मैं पीछे छोड़ आया, दुआएँ करती माँ
कि उससे भी प्यारी, मुझे यह धरती माँ

किसी ने धीरे से, कहा था लौट आना
मैं रास्ता देखूँगी, मुझे न तड़पाना
जागती रातों ने,
अनकही बातों ने,
अधूरे वादों ने
और पूछा है उसकी यादों ने

कि घर कब आओगे?
कि घर कब आओगे?
लिखो कब आओगे?
कि तुम बिन यह घर सूना, सूना है

बड़ी याद आती है, किसी की रातों में
कलाई रेशम सी, अभी है हाथों में
शायरी जैसी वो, लबों पे रहती है
मोहब्बत जैसी वो, रगों में बहती है

जो गुड़ियों से खेले,
वो गुड़ियाँ याद आएँ
कि बातों-बातों में,
उसी की बात आए

मेरे दिलदारों ने, गली-बाज़ारों ने,
कि चिट्ठी-तारों ने
और पूछा है मेरे यारों ने

कि घर कब आओगे?
कि घर कब आओगे?
लिखो कब आओगे?
कि तुम बिन यह दिल सूना-सूना है

ऐ गुजरने वाली हवा बता,
मेरा इतना काम करेगी क्या?
मुझे छोड़ के जो चला गया,
उसे ढूँढ ला...

कोई राह-गुज़र या कोई गली,
मुझे आज तक तो नहीं मिली
जो मिटा सके यह फ़ासला,
जो मिटा सके यह फ़ासला

मेरी सारी जवानी ले गया,
और आँख में पानी दे गया
जिसे दोहराऊँगा उम्र भर,
वो ऐसी कहानी दे गया

ऐ गुजरने वाली हवा तुझे,
है क़सम न ऐसे रुला मुझे
मैं कहाँ से लाऊँ वो दिल बता,
जिससे हो क़ुबूल यह अलविदा

मैं वापस आऊँगा, मैं वापस आऊँगा
फिर अपने गाँव में, प्यार की छाँव में

तरसती आँखों से,
किसी की बाँहों से,
कि घर के राहों से
किया जो वादा था वो निभाऊँगा
मैं वापस आऊँगा, मैं वापस आऊँगा
मैं वापस आऊँगा, मैं वापस आऊँगा
हो-ओ-ओह, हो-ओ-ओह...
हो-ओ-ओह, हो-ओ-ओह...

Story first published: Monday, January 5, 2026, 13:42 [IST]
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