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बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना पहनती हैं सिर्फ ये खास किस्म की साड़ी, कीमत ऐसी कि मिल चुका है GI टैग
बांग्लादेश में चुनाव परिणाम आ चुके हैं। शेख हसीना पांचवीं बार देश की प्रधानमंत्री बनेंगी। शेख हसीना दुनिया की अकेली ऐसी महिला प्रधानमंत्री हैं, जो सिर पर पल्ला लेते हुए गरिमामयी तरीके से साड़ी में नजर आती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी शेख हसीना एक खास किस्म की साड़ी को ही पहनना पसंद करती हैं।
ये खास साड़ी जामदानी साड़ी है, जो बांग्लादेश के ढाका में ही विशेष तौर पर बनाई जाती है। शेख हसीना को हर मंच पर जामदानी साड़ी में देखा जाता है।

इसके अलावा दुनियाभर में जब भी वो कहीं जाती हैं तो इन साड़ियों को बतौर पर गिफ्ट भी देती हैं। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के लिए वह खास जामदानी साड़ी बतौर उपहार दे चुकी हैं।
इसके अलावा वो इस साड़ी को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, विदेश मंत्री रह चुकी सुषमा स्वराज और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी हसीना शेख ये साड़ी उपहार में दे चुकी हैं। आइए जानते हैं क्या होती है जामदानी साड़ी और क्यों है इतनी पसंद-
हाथ से ही बनती हैं जामदानी साड़ी
बांग्लादेश की ढकाई जामदानी साड़ियों की असली ब्रांड एंबेसडर हैं। ये साड़ियां अब भी हाथ से ही बुनी जाती हैं। ये साड़ियां कॉटन, कॉटन सिल्क या सिल्क की होती हैं। बांग्लादेश की जामदानी साड़ी विश्व विख्यात है। जामदानी सिल्क साड़ी की डिमांड खूब रहती है। जामदानी साड़ियों की कीमत हजार रुपए से लेकर ढाई लाख रुपए है। य साड़ियां मशीनों से नहीं बनतीं। हाथ से उन्हें बनाने में करीब 20 दिन लगते हैं।

सिर्फ इस जगह तैयार होती है जामदानी साड़ी
रेशम के धागे की बुनाई और साडी पर कारीगरी का काम सभी हाथों से ही किया जाता है। इन साड़ियों में कहीं भी मशीन का प्रयोग नहीं किया जाता है। बांग्लादेश के 64 जिलों में सिर्फ नारायणगंज जिले में जामदानी साड़ी का निर्माण किया जाता है। एक साड़ी को तैयार करने में तकरीबन 20 दिन का समय लगता है।
2016 में मिला जीआई टैग
2013 में जामदानी साड़ी की बनाने की कला को यूनेस्को इंटेंगबल कल्चर हैरिटेज लिस्ट में शामिल किया। इस साड़ी बनाने की कला को बेहतरीन बारीक काम माना जाता है। वर्ष 2016 में जामदानी साड़ी को जीआई टैग मिला।

असली और नकली जामदानी का कैसे पता करें
जामदानी साड़ी हमेशा हल्की होगी क्योंकि इसका थ्रेड काउंट कम होता है, जो इसे थोड़ा ट्रांसपेरेंट बनाता है।
ये साड़ी में हॉरिजॉन्टल धागों की बुनाई के साथ एडिशनल वीविंग भी होती है। यानी एक बार बुनाई के बाद दोबारा बुनाई होती है जो इस पैटर्न को पक्का कर देती है। ये जामदानी की पहचान है। आप साड़ी को उल्टा कर इस एडिशनल वीविंग को देख पाएंगे।जामदानी साड़ी थोड़ी पारदर्शी हो सकती है। मलमल के कपड़े में 300 थ्रेड काउंट होता है और जामदानी में 40-120 थ्रेड काउंट हो सकता है। जामदानी साड़ी बहुत ज्यादा मोटी नहीं होगी ये पतली ही होगी। एक ऑथेंटिक जामदानी साड़ी कम से कम 2500 रुपए से ऊपर की ही होगी।



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