लखनऊ में 11000 किलो मिलावटी चायपत्ती बरामद, असली-नकली का पता लगाने के ल‍िए करें ये काम

adulterated tea seized in Lucknow :उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में STF और FSDA ने नकली चायपत्ती बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। वहां से 11 हजार किलो नकली चायपत्ती, सिंथेटिक रंग और सैंडस्टोन बरामद हुए, जिनकी कीमत करीब 13 लाख रुपए आंकी गई।

भारत में 80% लोग दिन की शुरुआत चाय से करते हैं, लेकिन नकली चायपत्ती से बनी चाय सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। असली चायपत्ती की पहचान के लिए इसे पानी में डालें; अगर पानी का रंग तुरंत बदल जाए, तो पत्ती मिलावटी हो सकती है। चायपत्ती के स्वाद और सुगंध पर भी ध्यान दें। नकली चायपत्ती से बचकर अपनी सेहत सुरक्षित रखें। तो चलिए जानते हैं कि असली चायपत्ती की पहचान कैसे करें?

adulterated tea seized in Lucknow

कैसे बनती हैं नकली चायपत्ती

मुनाफाखोरी के लिए मिलावटखोर चायपत्ती में नारियल की भूसी, लकड़ी का बुरादा, आर्टिफिशियल रंग और सैंडस्टोन जैसी हानिकारक चीजें मिलाते हैं। ये मिलावट चाय की गुणवत्ता घटाने के साथ सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। मिलावटी चाय पीने से पाचन संबंधी दिक्कतें, त्वचा पर एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। असली और शुद्ध चायपत्ती का इस्तेमाल जरूरी है।

नकली चायपत्ती के सेहत को नुकसान

नकली चायपत्ती में हानिकारक केमिकल मिलाए जाते हैं, जो स्किन एलर्जी और पाचन समस्याओं का कारण बन सकते हैं। नियमित रूप से मिलावटी चाय का सेवन करने से लीवर और किडनी पर असर पड़ सकता है और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। शुद्ध चायपत्ती का चयन करके इन खतरों से बचा जा सकता है।

एक दिन में क‍ितनी चाय पीनी चाह‍िए?

दिनभर में 1-2 कप दूध वाली चाय पी सकते हैं, जबकि ब्लैक टी या ग्रीन टी 2-3 कप तक सुरक्षित है। हेल्थ प्रॉब्लम होने पर डॉक्टर से सलाह लें। अधिक चाय से गैस, एसिडिटी, या नींद की समस्या हो सकती है। संतुलन बनाना जरूरी है। चाय में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, लेकिन अत्यधिक सेवन से शरीर को नुकसान भी हो सकता है।

नकली और मिलावटी चाय की पहचान के तरीके

ठंडे पानी में म‍िलाएं

नकली या मिलावटी चायपत्ती का पता लगाने के ल‍िए ठंडे पानी में चायपत्ती डालें। अगर चायपत्ती का रंग तुरंत बदल जाए तो वह म‍िलावटी है। असल चायपत्ती पानी में घुलकर धीरे-धीरे रंग छोडता हे।

रंग की जांच

नकली चाय में कृत्रिम रंग मिलाए जाते हैं। इसकी पहचान के लिए एक गिलास पानी में चाय पत्ती डालें। यदि पानी तुरंत रंग छोड़ने लगे, तो चाय मिलावटी है। असली चाय रंग धीरे-धीरे छोड़ेगी।

चाय पत्ती की गंध

असली चाय में प्राकृतिक सुगंध होती है। नकली या मिलावटी चाय में रसायनों की तीखी गंध आ सकती है।

हाथ से मसलकर जांचें

थोड़ी-सी चाय पत्ती हाथ में लेकर मसलें। अगर यह पाउडर की तरह बिखर जाए, तो इसमें मिलावट की संभावना है। असली चाय पत्ती थोड़ी खुरदुरी और मजबूत होती है।

ट‍िशू पेपर पर टेस्ट

चाय पत्ती को गीले सफेद कागज पर रगड़ें। अगर दाग रंगीन हो, तो इसमें मिलावट है।

स्वाद परीक्षण

चाय को पीने पर असली चाय में कड़वाहट के साथ प्राकृतिक स्वाद महसूस होता है। नकली चाय में अप्राकृतिक स्वाद हो सकता है।

विश्वसनीय ब्रांड चुनें
हमेशा प्रमाणित और भरोसेमंद ब्रांड की चाय खरीदें। खुली चाय से बचें, क्योंकि इसमें मिलावट की संभावना अधिक होती है।

इन उपायों से आप असली और नकली चाय की पहचान आसानी से कर सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, January 22, 2025, 9:00 [IST]
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