Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
Choking First Aid : गले में चना अटकने से 16 माह के मासूम की मौत, बच्चे के गले में कुछ फंस जाए तो क्या करें?
How to Keep Your Child Safe from Choking : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से हाल ही में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। जहां डेढ़ साल के मासूम की जान एक छोटे से चने ने ले ली। खेलते-खेलते बच्चे ने चना मुंह में डाल लिया और अचानक वह उसके गले में फंस गया। परिजन तुरंत बच्चे को अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। यह घटना इस बात की चेतावनी है कि बच्चों के साथ छोटी-सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चे बेहद जिज्ञासु होते हैं। नई चीजें देखते ही वे उन्हें हाथ में लेकर मुंह में डालने लगते हैं। चना, मूंगफली, राजमा, सिक्का या छोटी गेंद जैसी चीजें बच्चों के लिए घातक साबित हो सकती हैं, क्योंकि ये उनके गले में फंसकर दम घुटने का कारण बनती हैं। ऐसे हादसों को रोकना माता-पिता की सजगता और प्राथमिक उपचार की सही जानकारी पर निर्भर करता है।
बच्चे के गले में कुछ फंस जाए तो क्या करें?

घबराएं नहीं, शांत रहें
बच्चे के गले में कुछ फंसने पर माता-पिता को सबसे पहले घबराना नहीं चाहिए। बच्चा पहले से ही सांस लेने में कठिनाई झेल रहा होता है, ऐसे में अगर आप पैनिक करेंगे तो उसकी बेचैनी और बढ़ जाएगी। इसलिए दिमाग को शांत रखकर ही स्थिति संभालें।
मुंह खोलकर देखें और निकालें
अगर चीज ऊपर की ओर दिख रही है, तो बच्चे का मुंह खोलकर उंगली से सावधानीपूर्वक उसे निकालने की कोशिश करें। ध्यान रखें कि आपको उसे बाहर की ओर खींचना है। यदि वस्तु अंदर की ओर धकेली गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। अगर चीज दिखाई ही नहीं दे रही है, तो जबरन निकालने की कोशिश न करें।
बच्चे को लिटाएं नहीं
गले में कुछ फंसने की स्थिति में बच्चे को लेटाएं नहीं। उसे बैठाकर या खड़ा रखकर शांत कराने की कोशिश करें। लेटाने से फंसी हुई चीज और अंदर जा सकती है, जिससे दम घुटने का खतरा बढ़ जाता है।
पीठ थपथपाएं
डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की पीठ पर हल्के-हल्के 5 से 7 बार थपथपाने से उसे खांसने या छींकने में मदद मिल सकती है। जब बच्चा जोर से खांसता है, तो गले में फंसी चीज बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है।
अगर चीज बाहर न निकले तो क्या करें?
यदि इन उपायों के बाद भी बच्चा सामान्य सांस न ले पा रहा हो, उसका चेहरा नीला पड़ने लगे या वह बेहोशी की ओर जाने लगे, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं। ऐसी स्थिति में समय गंवाना खतरनाक साबित हो सकता है।
किन बातों का रखें विशेष ख्याल
ठोस चीजों से परहेज करें : तीन साल से कम उम्र के बच्चों को चना, मूंगफली, अंगूर, पॉपकॉर्न जैसी ठोस चीजें न खिलाएं।
हमेशा बैठाकर खिलाएं : बच्चे को खाना हमेशा बैठाकर खिलाएं। लेटाकर खिलाने से गले में चीज फंसने का खतरा बढ़ जाता है।
ध्यान भटकाकर न खिलाएं : बच्चे को टीवी देखते हुए, मोबाइल में व्यस्त रहते हुए या खेलते-खेलते खाना न दें। इस दौरान उनका ध्यान खाने पर नहीं होता, जिससे गले में चीज अटकने का खतरा बढ़ जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications