Latest Updates
-
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम
असम में 2 महीने में मिले 424 जापानी इंसेफेलाइटिस के केसेज, 32 हुई मौतें, जानें कैसे फैलती है ये बीमारी
असम में जापानी एंसेफिलाइटिस तेजी से फैल रहा है। जून और जुलाई में इस बीमारी के 424 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 32 लोगों की जान जा चुकी है। वैसे आपको बता दें कि जापानी एंसेफिलाइटिस मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी है, यह बीमारी जापानी एंसेफिलाइटिस वायरस से होती है, जो एशिया के कई देशों में पाया जाता है।
जब मच्छर इस वायरस से संक्रमित हो जाते हैं और फिर किसी इंसान को काटते हैं, तो यह वायरस उस इंसान के शरीर में चला जाता है और उसे बीमार कर देता है।

कैसे फैलती है यह बीमारी?
जापानी एंसेफिलाइटिस मच्छरों के जरिए फैलती है, जो आमतौर पर संक्रमित सूअर या पक्षियों के संपर्क में आने के बाद इंसानों को काटते हैं। जिन इलाकों में जलभराव, धान के खेत, या गंदगी होती है। मच्छर इन जगहों पर तेजी से पनपते हैं और इस बीमारी का खतरा मंडराता है।
जापानी एंसेफिलाइटिस के लक्षण
इस बीमारी के लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं, लेकिन कुछ दिनों में ये गंभीर रूप ले सकते है।
- अचानक बहुत तेज बुखार आना।
- सिर में तेज दर्द महसूस होना।
- बार-बार उल्टी आना या मतली महसूस होना।
- दिमाग में सूजन आने की वजह से बेहोशी, दौरे या बोलने-समझने में दिक्कत हो सकती है।
ये लक्षण शुरुआत में मामूली से लगते हैं मगर बीमारी बढ़ने की वजह से लक्षण गंभीर हो सकते हैं और मरीज की जान को खतरा हो सकता है।
जापानी एंसेफिलाइटिस से बचाव
मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करके बचाव करें।
- मच्छर न पनपे इसलिए घर के आस-पास पानी जमा न होने दें।
- इस बीमारी से बचने के लिए टीका उपलब्ध है।
ये सावधानी बरतें
जापानी एंसेफिलाइटिस एक गंभीर बीमारी है, यह बच्चों में खासकर फैलती है। सही जानकारी और सावधानी से इस बीमारी से बचा जा सकता है। अगर आपको इस बीमारी से जुडा कोई भी लक्षण महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इस बीमारी से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करें और साफ-सफाई का ध्यान रखें। और खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications