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सर्दियों में चाहिए सरसो के साग का दो गुना फायदा,, तो पकाते हुए इन 5 गलतियों से बचे
Common Mistakes While Cooking Sarson Ka Saag: सर्दियों साथ ही कई हरे साग का मौसम भी आ गया है। इस दौरान हमारी सब्जियों की टोकरियों में ज्यादात्तर ताज़ी पत्तेदार सब्जियाँ बहुत ज्यादा दिखाई देती हैं जो जाड़े के मौसम में हमें स्वस्थ रखने के साथ ही शरीर को जरुरी पौष्टिक तत्व भी देती हैं।
अक्सर ठंड के दिनों में सरसों का साग बड़े चाव से खाया जाता है, लेकिन घर में सरसों का साग बनाते समय उसका स्वाद वैसा नहीं आता, जैसा हमें पंजाबी ढाबों पर मिलता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हम इसे बनाते समय कुछ बेसिक गलतियां कर देते हैं। जिसके कारण इसका स्वाद बिगड़ जाता है, तो चलिए आज हम आपको बताते हैं सरसों के साग बनाते हुए किन बातों को ध्यान में रखकर ठंड में आप हेल्दी और टेस्टी सब्जी बना सकते हैं-

सरसों का साग बनाते समय एक गलती अमूमन जो लोग करते है, वो यह कि इसके पत्तों को हम रख लेते है और डंठल को फेंक देते हैं, लेकिन याद रहें कि, जब हम पंजाबी स्टाइल सरसों का साग बनाते हैं तो हमें इसके पत्तों के साथ इस के डंठल को छीलकर भी इस्तेमाल करना चाहिए। इससे इसका स्वाद 10 गुना बढ़ जाता है।
सरसों का साग की कड़वाहट कैसे कम करें
सरसों के साग में एक तीखा स्वाद होता है, जो सब्जी को थोड़ा कड़वा बनाता है। इसके तीखेपन को कम करने के लिए, इसमें पालक या बथुआ के पत्ते भी जरुर शामिल करें। सरसों का साग बनाने के लिए सबसे पहले सरसों, मेथी, बथुआ और पालक को मोटा-मोटा काट लें और एक बड़े बर्तन में थोड़ा सा पानी और नमक डालकर पत्तों को उबालने रख दें।अच्छी तरह पत्ते गल जाने और पानी सूख जाने के बाद इसे मिक्सी या ब्लेंडर से अच्छी तरह से पीस लीजिए। (याद रहें कि हमें इसे बहुत पतला नहीं पीसना है, इसे थोड़ा दरदरा ही रखना है।)
2-3 बार पानी में धोएं
खेत से लाई हुई सरसों में मिट्टी लगी रहती है। अगर सरसों को ठीक तरह से न धोया जाए तो सरसों की सब्जी में मिट्टी उतर आएगी और साग किरकिरा लगने लगेगा। सरसों को काटकर कुछ देर तक पानी में रखें मिट्टी गल जाएगी और फिर इसे 2 से 3 बार पानी बदलकर धोएं।

सॉल्टेड बटर के इस्तेमाल से बचें
सरसों का स्वाद बढ़ाने के लिए बटर डाला जाता है। सरसों के साग में सॉल्टेड बटर डालने से उसमें नमक का स्वाद तेज हो सकता है। वैसे भी पालक और सरसों में कम नमक में ही ज्यादा स्वाद आने लगता है। साग में सॉल्टेड बटर डालने से सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है। घर का बना शुद्ध मक्खन डालनें से स्वाद के साथ सेहत भी बन जाएगी।
गैस बनने से कैसे रोकें
साग को पचाने में आसान बनाने के लिए इसमें एक चुटकी हल्दी मिलाएं। हल्दी में करक्यूमिन होता है जो प्रकृति में एंटी-इंफ्लेमटरी होता है। इससे न सिर्फ डिश का रंग निखरता है बल्कि पेट फूलने और अपच की समस्या से भी बचाव होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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