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STIs Myths: कंडोम इस्तेमाल करने से यौन संक्रमण नहीं होता है, जानें STIs से जुड़े 5 मिथक और सच
5 Myths About STIs : सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (sexually transmitted infection) मतलब STIs एक प्रकार का इन्फेक्शन है, जो यौन संबंध के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। शरीर की नरम जगहों पर बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो सेक्स के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे में फैलते हैं।
कुछ कारणों में एसटीआई बाहरी कारणों से भी फैल सकता है, लेकिन इसकी संभावनाएं काफी कम होती हैं। इसकी वजह से पेशाब करने में दर्द, वजाइना और एनस में खुजली जैसी परेशानियां हो सकती हैं। अगर समय रहते STIs के लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या बढ़ने का कारण भी बन सकता है। आइए जानते हैं STIs से जुड़े मिथक और सच।

Myth: टॉयलेट सीट से STIs हो सकता है?
Fact: एक्सपर्ट की मानें तो किसी भी तरह का STIs टॉयलेट सीट की वजह से नहीं हो सकता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इंटरकोर्स की वजह से ही होती है। लेकिन कई बार टॉयलेट सीट पर मौजूद जीवाणु भी इन्फेक्शन होने का कारण हो सकते हैं। इंफेक्टेड टॉयलेट सीट का इस्तेमाल करने से महिला को STIs नहीं यूटीआई होने का खतरा होता है।
Myth:कंडोम इस्तेमाल करने से STIs से बचा जा सकता है?
Fact: सेफ सेक्स और हाइजीन के लिए कंडोम इस्तेमाल करना बेहद जरुरी होता है। कंडोम इस्तेमाल करने से सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन के खतरे को कम किया जा सकता है। लेकिन यह पूरी तरह इसका समाधान हो सकता है। कंडोम पूरी तरह से इन्फेक्टेड एरिया को कवर नहीं करता है। इसके साथ ही कंडोम फटने पर इंफेक्शन होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
Myth: अगर किसी को लक्षण नहीं है तो STIs नहीं होगा?
Fact: यह जरुरी नहीं हैं कि STIs होने पर आपको इससे जुड़े लक्षण दिखाई ही देंगे। कई बार STIs में लक्षण सामने आते ही नहीं हैं, जो कि ज्यादात्तर नुकसानदायक माना गया है। इसके कारण ट्यूब्स ब्लॉक होना, पेट में पानी भरना और बच्चे दानी में इन्फेक्शन होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए जरूरी नहीं कि एसटीआई के लक्षण हमेशा सामने आएं। बिना टेस्ट के इसके लक्षणों का पता लगाना भी मुश्किल है।
Myth: STIs होने के बाद दोबारा STIs नहीं होता है?
Fact: ऐसा जरूरी नहीं कि STIs होने के बाद यह आपको फिर से इन्फेक्शन नहीं हो सकता है। उल्टा दूसरी बार होने पर इसके लक्षण कम हो सकते हैं, लेकिन इसके कारण ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अगर आपको STIs हुआ है, तो इसका पूरी तरह इलाज जरूर लें।
Myth: ओरल सेक्स करने से एचआईवी नहीं हो सकता है?
Fact: ये बात सच है कि दूसरी तरह के सेक्स की तुलना में ओरल सेक्स में एचआईवी संक्रमण का कम जोखिम रहता है। लेकिन किसी एचआईवी पॉज़िटिव पुरुष या महिला के साथ संबंध बनाने से एचआईवी का संक्रमण हो सकता है। ये ही एक वजह है कि सुरक्षित सेक्स के लिए डॉक्टर कंडोम इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।
Myth: गर्भ निरोधक दवाएं एसटीआई से बचा सकती हैं?
Fact: एक्सपर्ट के मुताबिक बर्थ कंट्रोल के सभी तरीके STIs से बचने के लिए इस्तेमाल नहीं किए जा सकते हैं। आप कंडोम, फोम, जेलिज जैसे सेफ तरीको को इस्तेमाल करके सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन के खतरे को कम कर सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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