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पांव में दिखने वाली ये नीली नसें सिर्फ सर्जरी से ही जाती है, वैरिकोज से जुड़ी इन 5 गलत बातों का जानें सच
Myths About Varicose Veins : वैरिकोज वेन्स अक्सर सूजी औैर उभरी हुई नसों के रूप में पांव में दिखाई देने वाली नीले या हरे रंग की नसें हैं, जिनमें अक्सर दर्द महसूस होता है। ये समस्या खासतौर पर महिलाओं में बहुत आम है। लगभग 25 फीसदी वयस्क वैरिकोज वेन्स की समस्या से ग्रस्त हैं और अधिकतर मामलों में वैरिकोज वेन्स टांगों को प्रभावित करती है।
वैरिकोज को लेकर भी लोगों कई तरह की भ्रामक बातें फैली हुई है। कई लोगों को लगता है कि ये समस्या सिर्फ महिलाओं में होती है। इसके अलावा ये समस्या का इलाज सिर्फ सर्जरी ही है। आइए जानते हैं वैरिकोज से जुड़े मिथक और इनकी सच्चाई।

सिर्फ महिलाओं को ही होता है?
वैरिकोज वेंस महिलाओं में आम है, लेकिन ये पुरुषों को भी ये हो सकती हैं और कुछ रिसर्च में यह बात सामने आई है कि यह समस्या समान रुप से प्रभावित करती हैं। यह समस्या जेनेटिक रुप से भी आपको प्रभावित करती है।
एक्सरसाइज से वैरिकोज नसें बदत्तर हो जाती है?
ये एक मिथक है। एक्सरसाइज करने से पांवों में नसों का दबाव कम पड़ता है। जिससे वैरिकोज नसों का निर्माण कम होना चाहिए। एक्सरसाइज के दौरान पैरों में दर्द कुछ रोगियों में हो सकता है। यह अक्सर धमनी रोग से जुड़ा होता है, लेकिन यह रक्त के थक्कों या असामान्यताओं के परिणामस्वरुप नस में रुकावट से भी जुड़ा हो सकता है।
केवल वृद्ध वयस्कों को ही वैरिकोज नसें होती है?
वैरिकोज नसें 50 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों में अधिक आम हैं, बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कें में भी ये हो सकती हैं। एक अध्ययन के अनुसार 40 से 49 वर्ष की आयु की महिलाओं में वैरिकाज नसें विकसित होने का खतरा सबसे अधिक होता है।
वैरिकोज नसों को हटाने के लिए सर्जरी करनी होगी
यह भी मिथक है कि वैरिकोज नसों को घरेलू तरीके से मैनेज किया जा सकता है। जैसे- कंप्रेसन, डेली एक्सरसाइज, डाइट में नमक की कमी, वेटलॉस करके। अगर ये समस्या ज्यादा होती है, तो आमतौर पर नस को हटाकर शिरापरक दबाव के नियंत्रण की आवश्यकता होगी। इन प्रकियाओं को न्यूनतम एनेस्थीसिया के साथ एक आउट सेटिंग करके भी इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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