Latest Updates
-
गर्मी में टैनिंग से काली पड़ गई है गर्दन? टेंशन छोड़ें और आजमाएं दादी मां के ये 5 अचूक घरेलू नुस्खे -
Apara Ekadashi 2026: 12 या 13 मई, कब रखा जाएगा अपरा एकादशी का व्रत? जानें पूजा विधि और पारण का समय -
Eid-ul-Adha 2026: 27 या 28 मई, भारत में कब मनाई जाएगी बकरीद? जानें क्यों दी जाती है कुर्बानी -
Mother's Day से पहले सोनम कपूर ने दिया बड़ा सरप्राइज, रिवील किया बेटे का नाम, महादेव से है गहरा नाता -
इन नक्षत्रों में जन्में लोग करते हैं दुनिया पर राज! बनते हैं वैज्ञानिक और लीडर, क्या आपका भी लकी नं 1? -
देश में डेंगू का तांडव, टूटा 5 साल का रिकॉर्ड! जानें Dengue के लक्षण और बचाव के उपाय -
Mother's Day 2026: मिलिए उन 7 जांबाज 'सुपर मॉम' से जिन्होंने बच्चों के साथ क्रैक किया UPSC, बनीं IAS -
Mother's Day 2026 Wishes For Mother In Sanskrit: मदर्स डे पर देववाणी संस्कृत में कहें अपनी मां को धन्यवाद -
Happy Mother's Day 2026 Wishes: रब से पहले मां का नाम...मदर्ड डे पर अपनी मां को भेजें ये दिल छूने वाले मैसेज -
Aaj Ka Rashifal 10 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य
हैदराबाद में 84% IT कर्मचारी हुए फैटी लिवर के शिकार, ये लक्षण दिखें तो तुरंत करें डॉक्टर से संपर्क
84% of IT Employees Suffer From Fatty Liver: एक ताज़ा अध्ययन में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। हैदराबाद विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक शोध में पाया गया कि 84% IT सेक्टर के कर्मचारी मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-असोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज (MAFLD) से ग्रसित हैं। भारत में IT सेक्टर में करीब 5.4 मिलियन लोग कार्यरत हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में लोग इस खतरनाक बीमारी की चपेट में हैं।
इस अध्ययन में यह भी सामने आया कि हैदराबाद में 71% कर्मचारी मोटापे से ग्रसित हैं और 34% को मेटाबॉलिक सिंड्रोम है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें मोटापा, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

क्या है फैटी लिवर डिजीज?
फैटी लिवर डिजीज तब होती है जब लिवर में 5% से अधिक वसा जमा हो जाती है। यह बीमारी तब भी हो सकती है जब व्यक्ति शराब का सेवन बिल्कुल न करे। इसे अब स्टियाटोटिक लिवर डिजीज (Steatotic Liver Disease - SLD) भी कहा जाता है।
फैटी लिवर डिजीज के प्रकार
ALD (Alcoholic Liver Disease): अत्यधिक शराब पीने से होने वाली बीमारी।
MAFLD या MASLD (Metabolic Dysfunction-Associated Steatotic Liver Disease): यह तब होती है जब व्यक्ति का मेटाबॉलिक सिस्टम गड़बड़ा जाता है, जैसे मोटापा, हाई ब्लड शुगर, हाई कोलेस्ट्रॉल आदि।
IT कर्मचारियों में यह बीमारी क्यों बढ़ रही है?
बैठे-बैठे काम करना (Sedentary Lifestyle)
लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठे रहना।
तनाव और नींद की कमी
तनावपूर्ण कार्य वातावरण और कम नींद फैटी लिवर का खतरा बढ़ाते हैं।
गलत खानपान
अधिक कैलोरी वाला भोजन, जंक फूड, और मीठे पेय पदार्थ।
व्यायाम की कमी
फिजिकल एक्टिविटी न के बराबर।
इन सभी कारणों से लिवर में चर्बी जमा होती है और धीरे-धीरे यह बीमारी गंभीर हो सकती है।
लक्षण क्या हैं?
शुरुआती तौर पर कोई खास लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन जब स्थिति बिगड़ने लगती है, तब कुछ लक्षण दिखाई देते हैं:
- लगातार थकान महसूस होना
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या भारीपन
- भूख न लगना
- वजन कम होना
- त्वचा में खुजली
- आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (जॉन्डिस)
- टांगों में सूजन
- पेट में पानी भरना (Ascites)
- उलझन या मानसिक भ्रम (Cirrhosis की स्थिति में)
फैटी लिवर डिजीज कितनी खतरनाक हो सकती है?
यदि इस बीमारी का समय पर इलाज न किया जाए तो यह NASH (Non-Alcoholic Steatohepatitis) या MASH का रूप ले सकती है, जिसमें लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस (scarring) और अंततः सिरोसिस या लिवर कैंसर तक की स्थिति बन सकती है।
कैसे करें बचाव?
- समय-समय पर लिवर की स्क्रीनिंग जरूरी है।
- वजन कम करने से लिवर पर फैट जमा नहीं होता।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी करें।
- कम वसा, कम चीनी और फाइबर से भरपूर भोजन करें।
- अगर लिवर में पहले से फैट है तो शराब बिल्कुल न पिएं।
- मेटाबॉलिक बीमारियों का इलाज कराएं जैसे डायबिटीज़, हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल।
- हेपेटाइटिस A और B का टीकाकरण कराएं ताकि लिवर को अतिरिक्त संक्रमण से बचाया जा सके।
- तनाव कम करें और नींद पूरी लें, स्वस्थ जीवनशैली से लिवर भी स्वस्थ रहेगा।
कब डॉक्टर से मिलें?
- अगर आपको निम्न लक्षण नजर आ रहे हों, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें:
- लगातार थकान
- भूख में कमी
- वजन तेजी से घट रहा हो
- शरीर में कमजोरी
- पेट में सूजन या पानी भरना
- नाक से या शरीर के किसी हिस्से से अचानक ब्लीडिंग
- उलझन या भ्रम की स्थिति
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications