Latest Updates
-
World Lung Cancer Day 2026: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकता है लंग कैंसर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव -
August 2026 Vrat Tyohar: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, देखें अगस्त में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट -
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम
सीकर में 9 साल की बच्ची की हार्ट अटैक से मौत, लंचब्रेक में आए 3 अटैक, इन लक्षणों पर पेरेंट्स ध्यान दें!
9-Year-Old Girl Dies of Heart Attack in Sikar : राजस्थान के सीकर से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। यहां एक 9 साल की मासूम बच्ची की दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब बच्ची स्कूल में लंच ब्रेक के दौरान अपना टिफिन खोल रही थी। हैरान करने वाली बात यह है कि बच्ची को एक दिन में तीन बार हार्ट अटैक आया, और तीसरे अटैक में उसकी जान चली गई।

लंच ब्रेक बना आखिरी वक्त
घटना सीकर के एक निजी स्कूल की बताई जा रही है। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ मानी जा रही थी और रोज की तरह स्कूल गई थी। लेकिन लंच ब्रेक के दौरान जब वह टिफिन खोल रही थी, तभी उसे अचानक चक्कर आया और वह बेहोश हो गई। स्कूल स्टाफ ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची को हार्ट अटैक आया है। इलाज के दौरान उसे दोबारा दो और अटैक आए, जिनमें से तीसरे अटैक ने उसकी जान ले ली।
क्या अब बच्चे भी हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं?
मासूमों में हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी का सामने आना न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि चिंता का विषय भी है। पहले यह माना जाता था कि हार्ट अटैक केवल अधेड़ या बुजुर्ग लोगों को होता है, लेकिन अब बच्चों में भी यह खतरा तेजी से बढ़ रहा है। हाल के कुछ वर्षों में 10 साल से कम उम्र के बच्चों में भी हार्ट से जुड़ी समस्याएं सामने आने लगी हैं।
बच्चों में हार्ट अटैक के कारण
डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चों में हार्ट अटैक के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- जन्म से जुड़ी हृदय संबंधी बीमारियां (Congenital Heart Disease)
- पसली में ब्लॉकेज या अनियमित धड़कनें (Arrhythmia)
- बढ़ता मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता
- जंक फूड और अनहेल्दी डाइट
- मानसिक तनाव और मोबाइल/स्क्रीन टाइम में बढ़ोतरी
- अनदेखी की गई छोटी बीमारियां जैसे वायरल इंफेक्शन या बुखार के बाद सूजन
इन लक्षणों पर पेरेंट्स जरूर दें ध्यान
- अगर बच्चे में ये लक्षण नजर आएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- बार-बार थकान या चक्कर आना
- छाती में दर्द या दबाव महसूस होना
- सांस लेने में तकलीफ
- खेलने-कूदने में जल्दी थक जाना
- पसीना आना, खासकर बिना वजह
- स्किन का नीला या पीला पड़ना
- दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना
समय पर सतर्कता बचा सकती है जान
इस दर्दनाक घटना से यह स्पष्ट है कि अब माता-पिता को बच्चों की सेहत को लेकर और भी ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। नियमित रूप से बच्चों का हेल्थ चेकअप कराना, हेल्दी डाइट देना, स्क्रीन टाइम को सीमित करना और उन्हें फिजिकल एक्टिविटी में शामिल करना बेहद जरूरी हो गया है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications