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Atul Parchure Death: एक्टर-कॉमेडियन अतुल परचुरे का लिवर कैंसर से निधन, इसके लक्षण और बचाव जानें
Actor Atul Parchure Reason : एक्टर-कॉमेडियन अतुल परचुरे का सोमवार शाम निधन हो गया है। 57 साल की उम्र में एक्टर की कैंसर से उनकी मौत हो गई। मराठी एक्टर जयवंत वाडकर ने उनके निधन की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि अतुल को मराठी नाटक 'सूर्याची पिल्लै' में काम करना था।
इसके लिए वो उनके साथ रिहर्सल कर रहे थे इसी बीच उनकी तबियत खराब हो गई। जयवंत ने बताया कि अतुल को पांच दिन पहले दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि अतुल 2022 से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके लिवर में ट्यूमर में था। एक पुराने इंटरव्यू में अतुल ने बताया था कि एक फैमिली वैकेशन से लौटने पर उनकी तबीयत खराब होने पर जब उन्होंने चैकअप कराया था तब उनके लीवर में 5 सेंटिमीटर लंबा ट्यूमर मिला था, जो कैंसरग्रस्त था। आइए जानते हैं कितना खतरनाक होता है लिवर का कैंसर और किन बातों का ध्यान रखने की जरुरत होती है?

लिवर कैंसर
लिवर कैंसर यकृत यानी लिवर में उत्पन्न होने वाला एक प्रकार का कैंसर है। लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पाचन, विषाक्त पदार्थों के निष्कासन, और रक्त में केमिकल बैलेंस को बनाए रखने का काम करता है। जब लिवर की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो यह लिवर कैंसर का रूप ले लेता है।
लिवर कैंसर के प्रकार
प्राथमिक लिवर कैंसर (Primary Liver Cancer): यह तब होता है जब कैंसर सीधे लीवर में शुरू होता है। इसमें सबसे सामान्य प्रकार हेपाटोसेलुलर कार्सिनोमा (Hepatocellular Carcinoma - HCC) है।
मेटास्टैटिक लिवर कैंसर (Metastatic Liver Cancer): यह तब होता है जब कैंसर शरीर के किसी अन्य हिस्से से फैलकर लिवर तक पहुंचता है।
लिवर कैंसर होने की वजह
हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण: ये वायरल संक्रमण लीवर को नुकसान पहुंचाते हैं और लीवर कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं।
अत्यधिक शराब का सेवन: लगातार शराब पीने से लीवर को क्षति पहुँच सकती है, जिससे सिरोसिस और अंततः लीवर कैंसर हो सकता है।
सिरोसिस : लीवर की पुरानी सूजन से लीवर की कोशिकाएँ धीरे-धीरे खराब हो जाती हैं और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
फैटी लीवर रोग : मोटापे और डायबिटीज से जुड़ा यह रोग भी लीवर कैंसर का कारण बन सकता है।
विषैले पदार्थ: कुछ विषाक्त पदार्थ, जैसे अफ्लाटॉक्सिन (असुरक्षित खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले फफूंद) भी कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
अनुवांशिक कारक: कुछ अनुवांशिक रोग और परिवार में लीवर कैंसर का इतिहास भी इसके खतरे को बढ़ा सकते हैं।
लिवर कैंसर के लक्षण
पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द (दाईं ओर)
अचानक वजन कम होना
भूख कम लगना
शरीर में थकावट और कमजोरी
पीलिया (Jaundice) - त्वचा और आँखों का पीला पड़ना
पेट में सूजन
नौसिया या उल्टी
लिवर में गांठ महसूस होना
लिवर कैंसर का इलाज
लिवर कैंसर का इलाज कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कि कैंसर का प्रकार, आकार, लिवर का स्वास्थ्य, और कैंसर का फैलाव। प्रमुख उपचार विधियाँ निम्नलिखित हैं:
इलाज
लिवर प्रत्यारोपण (Liver Transplantation): यह उन मामलों में किया जाता है जब कैंसर पूरे लीवर में फैल चुका हो और प्रत्यारोपण से जीवन की गुणवत्ता बढ़ सकती हो।
रीसेक्शन (Liver Resection): इसमें लीवर के कैंसर प्रभावित हिस्से को हटा दिया जाता है।
अब्लेशन थेरेपी (Ablation Therapy): इस प्रक्रिया में उच्च-ऊर्जा तरंगों, रेडियो फ्रीक्वेंसी, या माइक्रोवेव्स का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।
कीमोथेरेपी: कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए एंटी-कैंसर दवाओं का उपयोग किया जाता है। इसे आमतौर पर तब प्रयोग किया जाता है जब सर्जरी संभव नहीं हो।
टारगेटेड थेरेपी (Targeted Therapy): कुछ विशेष दवाएं कैंसर कोशिकाओं पर सीधे हमला करती हैं, जो सामान्य कोशिकाओं को प्रभावित नहीं करतीं। यह विशेषकर उन मामलों में प्रभावी है जहां कैंसर के कोशिकाओं का विशिष्ट गुण पता हो।
इम्यूनोथेरेपी (I: शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर से लड़ने के लिए सक्रिय किया जाता है।
रेडियोथेरेपी (Radiation Therapy): रेडिएशन का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है, विशेषकर जब सर्जरी संभव न हो।
इन तरीको से करें बचाव
- हेपेटाइटिस बी वायरस से बचाव के लिए टीका लगवाना आवश्यक है।
- स्वच्छ सुइयों का उपयोग और सुरक्षित रक्त संचारण पर ध्यान देना चाहिए।
- अत्यधिक शराब और धूम्रपान लीवर के लिए नुकसानदायक हैं।
- सही आहार और नियमित व्यायाम से फैटी लीवर रोग और मोटापे से बचा जा सकता है।
- अफ्लाटॉक्सिन जैसे विषाक्त पदार्थों से बचने के लिए भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान दें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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