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केरल के त्रिशूर में फैला African Swine Fever , जानें स्वाइन फीवर और स्वाइन फ्लू में अंतर
African Swine Fever outbreak in Kerala's Thrissur : केरल के त्रिशूर जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के कई मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने केरल के त्रिशूर जिले में 310 सूअरों को मौत की नींद सुला दिया। यह सूअरों के बीच फैलने वाली बीमारी है। इसे लेकर पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
संक्रमित इलाकों में सख्त निगरानी के साथ ही डिसइंफेक्शन के भी इंतजाम कड़े कर दिए गए है। साथ ही पोर्क (सुअर के मांस) को बेचने और निर्यात पर भी बैन लगाया गया हैं। वैसे आपको बता दें कि बहुत से लोग स्वाइन फ्लू (Swine Flu) और स्वाइन फीवर (African swine fever) में अंतर नहीं कर पाते हैं और दोनों को एक ही समझ बैठते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि स्वाइन फ्लू और स्वाइन फीवर का क्या अंतर है?

स्वाइन फ्लू क्या है (What is Swine Flu)
स्वाइन फ्लू H1N1 इन्फ़्लूएंज़ा वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक श्वसन संक्रमण है। जो सूअरों से फैलता है। इसके लक्षण भी सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। इस वजह से स्वाइन फ्लू कहा जाता है। स्वाइन फ्लू मूल रूप से सूअरों में पाई जाने वाली बीमारी है, जो इंसानों को संक्रमित कर सकती है। यह एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलता है।
इसके H1N2 और H1N3 वैरिएंट भी हैं। हालांकि, इंफ्लुएंजा के ये वेरिएंट इंसानों में उतनी तेजी से नहीं फैलते हैं। इनके केस भी बहुत कम ही देखने को मिलते हैं।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण क्या हैं
स्वाइन फ्लू एक तरह की रेस्पिरेटरी डिजीज है, जो फेफड़ों को प्रभावित करती है। इसके लक्षण इस तरह नजर आते हैं-
- शरीर में दर्द
- कंपकंपी
- खांसी
- नाक बहना
- सिर दर्द
- बुखार
- थकान
- उल्टी और पेट खराब
- सांस लेने में दिक्कत
इसमें मामला गंभीर होने पर रेस्पिरेटरी फेल्योर की वजह मरीज की जान भी जा सकती हैं।
कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू?
-स्वाइन फ्लू का वायरस सूअरों के शरीर में होता है। यह वायरस हवा के जरिए तेजी से फैलता है। इंसानों में यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से और तेजी से फैलती है। छींक, खांसी और वायरस वाली सतह को छूने के बाद त्वचा के संपर्क करने जैसे कि हाथ मिलाने या गले लगाने से फैलता है।
अफ्रीकन स्वाइन फीवर (What is African Swine Fever)
अफ्रीकन स्वाइन फीवर स्वाइन फ्लू से अलग बीमारी है और यह सुअरों से इंसानों में नहीं फैलती है। मगर यह सुअरों के लिए घातक है। अफ्रीकन स्वाइन फीवर टिक्स के जरिए फैलता है, जो एक सुअर से दूसरे तक पहुंचकर उन्हें बीमार कर सकता है। इंसान अपने जूतों या कपड़ों के माध्यम से इस वायरस के वाहक बनते हैं। इसे जिसे अक्सर 'हॉग हैजा' के रूप में जाना जाता है। इसमें संक्रमित दूसरे सुअर को भी प्रभावित कर सकता है।
इसके लक्षण
- उच्च बुखार
- अवसाद
- एनॉरेक्सिया
- भूख में कमी
- त्वचा में रक्तस्राव
- डायरिया
- सांस लेने में मुश्किल
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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