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Benefits of Ajwain: एसिडिटी से लेकर वेटलॉस करता है अजवाइन, जानें इसके फायदे और कैसे करें यूज
Benefits of Ajwain: हमारे किचन में ऐसे ढ़ेर सारे मसाले मौजूद होते हैं, जिनका इस्तेमाल न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने में किया जाता है बल्कि ये औषधीय गुणों से भरपूर भी होते हैं। पेट में अपच और एसिडिटी, मुंह के छालें और मौसमी बीमारी जैसे खांसी-जुकाम और सर्दी का हम घर बैठे इन मसालों के जरिए घरेलू उपचार कर सकते हैं। आयुर्वेद में इन मसालों का औषधि की तरह वर्णन किया गया है।
इसलिए बोल्डस्काई 'Health in Kitchen' सीरीज शुरु करना जा रहा हैं, जिसके तहत हम रसोई घर में मामूली से समझे जाने वाले इन मसालों की खासियत के बारे में बताएंगे कि कैसे ये मसाले आपकी डेली रुटीन में आपको स्वस्थ रखने में भूमिका निभाते हैं।
तो आज हम शुरुआत कर रहे हैं अजवाइन के साथ। जी हां, अजवाइन की पूरियां और पराठे खाने में जितने स्वादिष्ट लगते हैं, उतना ही ये पेट को हल्का रखने के साथ पाचन क्रिया को भी बढ़ावा देने में मदद करते हैं। अजवाइन को कई औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है, आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में।

अजवाइन में मौजूद पोषक तत्व
प्रति 100 ग्राम अजवाइन में 43 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 16 ग्राम प्रोटीन, 25 ग्राम फैट, 39.2 ग्राम फाइबर, 10 मिलीग्राम सोडियम, 4 मिलीग्राम आयरन, 4 मिलीग्राम विटामिन C, 305 कैलोरी मौजूद होती है।
मुंहासे दूर करें
अजवाइन में अलग-अलग एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी घटक होते हैं, और इसलिए अजवाइन के बायोएक्टिव अर्क भी एक्ने और पिंपल्स जैसी स्किन की समस्याओं को कम करने में मददगार होते हैं। अजवाइन में मौजूद थाइमोल और कार्वैक्रोल बैक्टीरिया और फंगस को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं। अजवाइन पाउडर सप्लीमेंट मुंहासे के निशान को हल्का करने में मदद करते हैं।
एसिडिटी और अपच से तुरंत राहत
पेट में गैस, पेट दर्द, छाती में जलन और पेट में भारीपन जैसी समस्या होना बहुत ही आम बात है. अजवाइन में सक्रिय एंजाइम गैस्ट्रिक सुगम बनाकर हमारे पाचन कार्यों को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। आप गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन कर सकते हैं। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, अजवाइन में एंटीस्पास्मोडिक और कार्मिनेटिव गुण पाए जाते हैं, जो गैस के प्रभाव को कम करने के लिए दवाई का काम कर सकते हैं।
गठिया, जोड़ों में दर्द
अर्थराइटिस (गठिया) और जोड़ों में दर्द से निजात दिलाने में अजवाइन लाभकारी हो सकती है । वहीं, एक दूसरे रिसर्च में बताया गया है कि अर्थराइटिस से जुड़ी समस्या से राहत दिलाने के लिए अजवाइन में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव मदद कर सकते हैं।
ब्लड प्रेशर को करे नियंत्रित
हाई ब्ल्डप्रेशर, एक सामान्य स्थिति है जो आपके हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाती है। अजवाइन में पाया जाने वाला थाइमोल हाई ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
वजन घटाने में मददगार
इसके अलावा ऐसा भी माना जाता है कि अजवाइन वजन घटाने में भी मददगार होती है. मोटापे को कम करने के लिए कुछ लोग अजवाइन के पानी का सेवन भी करते हैं। सुबह खाली पेट अजवाइन का पानी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है।
अस्थमा में कारगर
अस्थमा जैसे श्वसन तंत्र की समस्या से राहत दिलाने में भी अजवाइन के लाभ दिखाई दे सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, अजवाइन में एंटीअस्थमा प्रभाव होता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव श्वसन प्रणाली पर पड़ता है। इससे अस्थमा की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल, इस पर और शोध की आवश्यकता है।
सर्दी, फ्लू और वायरल इन्फेक्शन
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मेसी एंड लाइफ साइंस द्वारा किए गए एक वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक अजवाइन के बीज में लगभग 50% थाइमोल मौजूद होता है, जिसे मुख्य तौर पर एंटीबैक्टीरिया के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा, थाइम शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को भी बढ़ाने का काम कर सकता है, जिससे जुकाम, फ्लू और अन्य वायरल इन्फेक्शन को दूर रखा जा सकता है। अजवायन बलगम को आसानी से बाहर निकालकर नाक की रुकावट से बचने में मदद करती है। अजवाइन के बीज और गुड़ को गर्म करके पेस्ट तैयार करें और बेहतर महसूस करने के लिए इसमें से 2 चम्मच दिन में दो बार लें।
अजवाइन के साइड इफेक्ट और सावधानियां:
- अजवाइन के ज़्यादा सेवन से पेट में गैस बन सकती है, जिससे एसिडिटी और रिफ्लक्स हो सकता है।
- कुछ लोगों को अजवाइन के बीज से एलर्जी होती है, जो थाइमोल की मौजूदगी के कारण होता है, जिससे चक्कर आना, मतली और उल्टी हो सकती है।
- अजवाइन के कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड ज़्यादा असर डाल सकते हैं, इनसे मुंह में इंफ्लेमेशन हो सकता है, जिसके कारण जलन और मुंह में छाले हो सकते हैं।
- गर्भवती महिलाओं को बहुत ज़्यादा मात्रा में अजवाइन लेने से बचना चाहिए क्योंकि भ्रूण के विकास पर इसका उल्टा असर पड़ने की संभावना है।
- अजवाइन को ज़्यादा मात्रा में खाने को विषैला माना जाता है। इसका परिणाम घातक प्वॉइज़निंग हो सकता है।
सर्जरी के दौरान और बाद में अजवाइन सप्लीमेंट लेने से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, सर्जरी से 2 हफ्ते पहले अजवाइन का सेवन बंद करने की सलाह दी जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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