Cancer symptoms: टॉयलेट में दिखे ये संकेत तो हल्‍के में न ले, वक्‍त रहते टाला जा सकता है एनल कैंसर का खतरा

कैंसर जानलेवा बीमारी है। इसके लक्षण शुरुआत में बिल्कुल साफ नहीं दिखाई देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप देर से ये बीमारी के बारे में मालूम चलता है। जितनी देर से इस बीमारी के बारे में मालूम चलता है उतनी ही गंभीर रूप से ये बीमारी को प्रभावित करती है, यही कारण है कि जितनी जल्दी हो सके बीमारी का पता लगाना सबसे अच्छा है।

इसी तरह एनल कैंसर है, जिसके शुरुआती लक्षणों को हम पाइल्‍स समझकर कभी-कभी इग्‍नोर कर देते हैं। यहां हम एनल कैंसर के ऐसे सामान्य लक्षण के बारे में बता रहे जो शौचालय में मल त्यागने पर दिखाई दे सकते हैं। इन संकेतों और स्थिति को भांपकर आप भी समय रहते बड़े खतरे से बच सकते हैं।

Anal Cancer Warning Signs And Symptoms That Can Appear On Toilet

क्‍या होता है एनल कैंसर?

एनल यानी गुदा, डायजेस्टिव सिस्‍टम का सबसे अंतिम भाग होता है। जहां से खाना पचने के बाद मल के रुप में न‍िकलता है। एनल कैंसर तब होता है जब एनल में कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर होने आसामन्‍य रुप से बढ़ने लगती हैं। एनल कैंसर के हम कुछ ऐसे संकेतों के बारे में यहां बता रहा हैं, जो टॉयलेट में पॉटी करते हुए हमें दिखाई देते हैं, जिन पर समय रहते हुए ध्‍यान देकर हम इस समस्‍या से बच सकते हैं।

Anal Cancer Warning Signs And Symptoms That Can Appear On Toilet

लक्षण

कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, एनल कैंसर का सबसे आम लक्षण पीछे के मार्ग से (जहां से मल त्‍यागते हैं ) खून बहना है। इस प्रकार का रक्तस्राव आपके मल में, टॉयलेट बाउल में या टॉयलेट पेपर पर रक्त के रूप में देख सकते हैं। इसके अलावा एनस के आसपास की जगह पर दर्द, गांठ खुजली और डिस्‍चार्ज होना। दस्‍त लगना या कब्‍ज हो जाना।

स्‍टूल और बाउल मूवमेंट में बदलाव

एनल कैंसर के मरीज को मल अधिक ढीला और पतला होने की समस्‍या रहती हैं। ज्यादा प्रेशर आने पर मल को नियंत्रण करने में भी कठिनाई हो सकती है। इसका मतलब है कि आपको अचानक पेशाब करने की इच्छा हो सकती है, जिसे आप चाहकर भी नियंत्रित नहीं कर सकते हैं या बिना शौचालय जाने की जरूरत के भी अचानक से खुद को गंदा कर देते हैं। इसके अलावा म्‍यूकस डिस्‍चार्ज भी इसका एक मुख्‍य लक्षण हैं।

Anal Cancer Warning Signs And Symptoms That Can Appear On Toilet

एनल कैंसर का कारण?

एनल कैंसर के 90 प्रतिशत मामले ह्रयूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी), जो एक आम यौन संचारित संक्रमण से जुड़े होते हैं। हालांकि, एचपीवी वायरस संक्रमण हमेशा एनल कैंसर की वजह नहीं होता हैं। इसके अलावा ये भी कारक है-

* 50 साल से ज्यादा उम्र होना।
* एनल इंटरकोर्स करना।
* ए‍क से ज्‍यादा सेक्शुअल पार्टनर का होना।
* स्मोकिंग करना।
* सर्वाइकल कैंसर , वल्वर कैंसर या वजाइनल कैंसर होना।

( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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