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Antibiotic Dos and Don’ts: एंटीबायोटिक लेते हुए न करे ये गलतियां, जानें क्या करे और क्या नहीं
Antibiotic Dos and Don'ts: एंटीबायोटिक्स संक्रमणों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से लड़कर कुछ सामान्य बीमारियों से रिकवरी करने और आपको स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं। हालांकि कई बार लोग खुद भी हल्की सी जुकाम-खांसी होने पर खुद से या गूगल करके एंटीबायोटिक दवाओं की जानकारी ले लेते हैं और सामान्य बीमारी में डॉक्टर के पास जाने के बजाय किसी की सलाह पर या खुद से एंटीबायोटिक्स खा लेते हैं।
इन दवाओं से फायदा तो होता है लेकिन इन्हें लेते समय अन्य दवाओं के मुकाबले विशेष सावधानी की जरूरत होती है। कभी-कभी गलत एंटीबायोटिक्स का सेवन करना भी सेहत के लिए नासूर साबित हो सकता है।

यूनिवर्सिटी रोचेस्टर मेडिकल सेंटर में प्रकाशित रिसर्च में संक्रामक रोग शोधकर्ता घिनवा डुम्याती के हवाले से बताया गया है कि एंटीबायोटिक लेते हुए किन बातों का विशेष ध्यान देना होता है-
जानिए क्या होती हैं एंटीबायोटिक दवाइयां ?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health organisation (WHO)) के अनुसार, एंटीबायोटिक दवाइयां, वायरस संक्रमण को रोकने और इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवाइयां हैं। एंटीबायोटिक प्रतिरोध तब होता है, जब इन दवाइयों के उपयोग के जवाब में बैक्टीरिया अपना स्वरूप बदल लेता है।
कैसे काम करती है एंटीबायोटिक दवाई
दरअसल, एंटीबायोटिक मरीज के शरीर को बैक्टीरिया या दर्द के प्रभाव से बचाती है और उसे खत्म करने का काम करती है। प्रत्येक मरीज को एक ही एंटीबायोटिक नहीं दी जा सकती। साथ ही कौन-सी एंटीबायोटिक मरीज को दी जाएगी इसका सटीक जवाब भी डॉक्टर ही उपचार करने के बाद बता सकते हैं।
नया एंटीबायोटिक शुरू करते समया क्या करना चाहिए?
1. एंटीबायोटिक लेने से पहले डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन को ध्यान से पढ़े और उसे फॉलो करें। इस बात का ध्यान रखें कि कौनसी दवा भोजन के साथ या बिना भोजन के लेनी है इन बातों का ध्यान रखें। दरअसल कुछ खाद्य पदार्थ शरीर में पहुंचकर एंटीबायोटिक दवाओं के प्रभावशीलता को कम कर सकता है। इसलिए डॉक्टर के बताए अनुसार ही दवाईयां लें।
2. एंटीबायोटिक दवाओं को लेते समय इस बात को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है कि डॉक्टर के बताए अनुसार एंटीबायोटिक दवाओं का कोर्स जरुर पूरा करे। एंटीबॉयोटिक के पहली कुछ खुराक के तुरंत बाद आप बेहतर महसूस करना शुरू कर सकते हैं, फिर आप दवाओं को लेने की जरूरत महसूस नहीं करते। अगर आप भी बीच में ही कोर्स को रोक देते हैं, तो ऐसा करने से पूरा कोर्स बेकार हो जाएगा। और आपके सिस्टम से बैक्टीरिया पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकेंगे। इसलिए चिकित्सा द्वारा निर्धारित दिनों की सही संख्या के अनुसार दवाये लें।
3. अपने शरीर में एंटीबायोटिक दवाओं की जल्द असरदायक बनाए रखने के लिए इसे हर दिन एक ही समय पर लें।
4. साइड इफेक्ट्स, एलर्जी प्रतिक्रियाओं और यीस्ट संक्रमण के संकेतों पर नज़र रखें। यदि आपको इनमें से कोई भी अनुभव हो तो डॉक्टर्स से संपर्क करें।
5. अगर आप पहले से कुछ दवाईयों का सेवन कर रही हैं,
जैसे सप्लीमेंट या हर्बल दवाईयों के बारे में अपने डॉक्टर को जरुर सूचना दें। एंटीबायोटिक दवाओं के साथ कुछ अंतःक्रियाएं नकारात्मक दुष्प्रभाव पैदा कर सकती हैं या उनकी प्रभावशीलता को बदल सकती हैं। उदाहरण के लिए, कुछ जन्म नियंत्रण गोलियाँ कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के साथ लेने पर कम प्रभावी हो सकती हैं।
6. एंटीबायोटिक दवाइयों के सेवन के दौरान शराब से बचें, क्योंकि यह कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के साथ नकारात्मक प्रतिक्रिया कर सकती है।
7. एंटीबायोटिक की कोई खुराक न बचाएं और न ही शेयर करें।
एंटीबायोटिक शुरु करने के कितने दिन में ठीक हो जाते है?
यह अलग-अलग होता है, लेकिन एंटीबायोटिक शुरू करने के 48 से 72 घंटों के भीतर लक्षणों में सुधार महससू कर सकते हैं। एंटीबायोटिक का कोर्स पूरा होने के बाद भी शरीर प्रतिक्रिया देना और ठीक होना जारी रखता है। दवा ख़त्म करने के तुरंत बाद आप सामान्य महसूस कर सकते हैं, लेकिन इसमें थोड़ा अधिक समय भी लग सकता है।
एंटीबायोटिक्स आंत के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं?
पेट और आंतों में कई माइक्रोबायोम होते हैं, जिनमें बैक्टीरिया (अच्छे और बुरे दोनों) शामिल हैं। ये पाचन क्रिया में मदद करते हैं। एंटीबायोटिक्स, शरीर में बैक्टीरिया के संक्रमण का इलाज करने के लिए उपयोग किए जाते हैं, वे आंत (intestine) में मौजूद अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के बीच अंतर नहीं कर सकते हैं और उन्हें भी ख़त्म कर देते हैं, जिसके नकारात्मक परिणाम भी हो सकते हैं।
एंटीबायोटिक्स पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं क्योंकि वे आपके आंत में अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं। यप्रोबायोटिक्स युक्त खाद्य पदार्थों सहित एक स्वस्थ आहार, आपके पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बहाल करने में मदद कर सकते है।
एंटीबायोटिक्स लेते समय पेट में थोड़ी गड़बड़ी का अनुभव होना आम बात है, लेकिन यदि आप दस्त, पेट दर्द, मतली या बुखार के लगातार लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो डॉक्टर को जरुर दिखाएं कुछ लोगों को कोलोन में सी. डिफिसाइल नामक संक्रमण का अनुभव हो सकता है, जो गंभीर समस्या है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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