Latest Updates
-
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
Arjun Kapoor Disease : सिंघम अगेन के विलेन को हुई ये गंभीर बीमारी, इस वजह से बढ़ जाता है एक्टर का बार-बार वजन
Arjun Kapoor Disease : इन दिनों अर्जुन कपूर सिंघेम अगेन में निभाए अपने नेगेटिव कैरेक्टर डेंजर लंका की वजह से चर्चा में हैं। इस फिल्म में एक्टर की एक्टिंग की खूब तारीफ हो रही है। हालांकि प्रोफेशनल लाइफ के अलावा अर्जुन कपूर मलाइका मलाइका अरोड़ा से ब्रेकअप के बाद अपनी पर्सनल लाइफ के चलते भी चर्चाओं में बने हुए थे।
अब हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान एक्टर ने बताया कि वो हाशिमोटो थायरॉयडिटिस नामक एक बीमारी की चपेट में आ गया है। इस बीमारी में शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से थायरॉयड ग्लैंड पर हमला करने लगता है। एक्टर ने बताया कि इस बीमारी के वजह से उनके शरीर में तनाव बढ़ने से वजन को स्थिर रखना और एनर्जी का बैलेंस मैंटेन करना मुश्किल हो जाता है।
आइए जानते है कि आखिर ये बीमारी क्या है और इसके लक्षण।

हाशिमोटो थायरॉयडिटिस क्या है?
हाशिमोटो थायरॉयडिटिस एक ऑटोइम्यून रोग है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम अपनी ही थायरॉयड ग्रंथि पर हमला करता है, जिससे थायरॉयड की कार्यक्षमता घट जाती है। यह एक प्रकार का हाइपोथायरायडिज्म है, जहां थायरॉयड हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है। इस बीमारी में, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली थायरॉयड ग्रंथि को विदेशी तत्व (जैसे बैक्टीरिया या वायरस) के रूप में पहचानकर उस पर हमला करती है। इस हमले के कारण थायरॉयड ग्रंथि सूज जाती है और वह सही तरीके से हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती।
हाशिमोटो थायरॉयडिटिस से वजन कैसे बढ़ता है?
हाशिमोटो थायरॉयडिटिस में वजन बढ़ना एक सामान्य लक्षण है, जो मुख्य रूप से हाइपोथायरायडिज्म (अल्प-थायरॉयड) के कारण होता है। थायरॉयड हार्मोन मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करता है। जब थायरॉयड का स्तर कम होता है, तो शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता भी कम हो जाती है। परिणामस्वरूप, कम भोजन करने पर भी शरीर में अधिक कैलोरी जमा होती है, जिससे वजन बढ़ता है। इसके अलावा थायरॉयड की समस्या अक्सर मूड स्विंग्स, चिंता, और अवसाद का कारण बन सकती है। मानसिक तनाव और थकान की स्थिति में कुछ लोग अधिक खाने लगते हैं, जिससे वजन बढ़ सकता है।
हाशिमोटो थायरॉयडिटिस के सामान्य लक्षण में शामिल हो सकते हैं:
थकान
वजन बढ़ना
ठंड के प्रति संवेदनशीलता
बालों का झड़ना
त्वचा का सूखापन
मानसिक धुंधलापन या अवसाद (depression)
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
गले में सूजन या गोइटर (throat swelling)
यह स्थिति सामान्यत उम्र के साथ बढ़ सकती है, और अधिकतर महिलाएं इससे प्रभावित होती हैं। हालांकि, इसे समय पर पहचान कर और उचित उपचार के साथ नियंत्रित किया जा सकता है।
हाशिमोटो थायरॉयडिटिस का इलाज
हाशिमोटो थायरॉयडिटिस का इलाज मुख्यतः थायरॉयड हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से होता है। इसका उद्देश्य शरीर में थायरॉयड हार्मोन के स्तर को सामान्य बनाए रखना है। इस रोग का इलाज जीवनभर चल सकता है, क्योंकि यह ऑटोइम्यून समस्या है और पूरी तरह ठीक नहीं होती, लेकिन सही उपचार से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा नियमित थायरॉयड प्रोफाइल टेस्ट (जैसे TSH, T3, T4) की आवश्यकता होती है। हाशिमोटो के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए मेडिटेशन, योग, और स्ट्रेस-मैनेजमेंट तकनीक अपनाना फायदेमंद हो सकता है। और पर्याप्त नींद लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications