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क्या है विपश्यना मेडिटेशन? जिसे करने के लिए 10 दिन पंजाब में रहेंगे अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब में 10 दिनों के लिए विपश्यना साधना में शामिल होने जा रहे हैं। दिल्ली में सत्ता गंवाने के लगभग एक महीने बाद, वह 5 मार्च से 15 मार्च तक होशियारपुर स्थित एक विपश्यना केंद्र में रहेंगे। यह पहला मौका नहीं है जब केजरीवाल इस साधना में हिस्सा ले रहे हैं। केजरीवाल पहले भी बेंगलुरु और मुंबई केंद्रों में विपश्यना कर चुके हैं।
विपश्यना मेडिटेशन कारपोरेट सेक्टर में काम करने वाले युवाओं के बीच भी यह काफी लोकप्रिय है। विपश्यना माइंडफुलनेस मेडिटेशन का एक रूप है, जो गौतम बुद्ध की मूल शिक्षाओं से निकला है। माना जाता है कि जब यह साधना भारत से लुप्त हो गई थी, तब यह म्यांमार (बर्मा) में संरक्षित थी और वहीं से दोबारा लौटकर भारत आई।
10 दिनों की विपश्यना साधना शारीरिक और मानसिक शुद्धिकरण में सहायक मानी जाती है। आइए जानते है आखिर क्या है ये और कहां-कहां इस साधना का कोर्स करवाया जाता है।

क्या है विपश्यना?
विपश्यना एक प्राचीन ध्यान विधि है, जिसे गौतम बुद्ध ने बताया था। यह भारत की सबसे पुरानी ध्यान पद्धतियों में से एक है, जिसका अर्थ होता है "जैसा है उसे वैसा ही देखना-समझना"। इस ध्यान में व्यक्ति अपने सांसों पर ध्यान केंद्रित करता है, जिससे वह अपने विचारों और भावनाओं को बिना किसी प्रतिक्रिया के देख और समझ सकता है। इस साधना से मानसिक शांति, एकाग्रता, और आंतरिक संतुलन प्राप्त होता है।
विपश्यना का सिद्धांत
विपश्यना का मूल सिद्धांत आत्म-अवलोकन और आत्म-शुद्धि है। यह ध्यान विधि प्राणायाम और साक्षीभाव का मिश्रण मानी जाती है। इसमें पाँच प्रमुख नियमों का पालन किया जाता है:
अहिंसा - किसी भी जीव को हानि न पहुँचाना।
असत्य न बोलना - सत्य को अपनाना।
चोरी न करना - ईमानदारी से जीवन जीना।
ब्रह्मचर्य का पालन - मानसिक और शारीरिक अनुशासन।
नशे से दूर रहना - शरीर और मन को शुद्ध रखना।
कब और कैसे करें विपश्यना?
विपश्यना का अभ्यास दिन में दो बार सुबह और शाम एक-एक घंटे के लिए किया जा सकता है। अगर समय कम हो, तो सुबह और रात में 5-5 मिनट भी इस ध्यान का अभ्यास किया जा सकता है। विपश्यना का अभ्यास करने के लिए किसी विशेष तामझाम की जरूरत नहीं होती। इसे कहीं भी, कभी भी किया जा सकता है - घर पर, ऑफिस में, बस में, या बाजार में। इसे करते हुए कोई यह भी नहीं समझ पाएगा कि आप ध्यान कर रहे हैं।
कैसे करें विपश्यना ध्यान?
शांत स्थान पर बैठें और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें।
सांस को महसूस करें - यह कैसे नाक से अंदर जा रही है, रुक रही है, और बाहर आ रही है।
विचारों का अवलोकन करें - ध्यान दें कि मन में कौन-से विचार आ रहे हैं और कैसे जा रहे हैं।
भावनाओं को देखें लेकिन प्रतिक्रिया न दें - जैसे क्रोध, दुख या खुशी आए तो बस उनका निरीक्षण करें।
लगातार अभ्यास करें - शुरुआत में कठिन लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आसान हो जाता है।
कहां-कहां हैं भारत में विपश्यना केंद्र?
भारत में विपश्यना के 112 आधिकारिक और 15 अनौपचारिक केंद्र हैं, जो देशभर में फैले हुए हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 35 केंद्र हैं, जबकि बिहार में 5, छत्तीसगढ़ में 4, गुजरात में 9, हरियाणा में 4, कर्नाटक में 4, मध्य प्रदेश में 6, राजस्थान में 6, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 12, उत्तर प्रदेश में 6 और पश्चिम बंगाल में 2 केंद्र हैं।
इन केंद्रों का संचालन विपश्यना के प्रख्यात शिक्षक एस.एन. गोयनका की संस्था करती है, जिन्होंने म्यांमार से यह साधना पुनः भारत में प्रचलित की। इन केंद्रों में 10-दिन का नि:शुल्क कोर्स कराया जाता है, जिसकी जानकारी और रजिस्ट्रेशन आधिकारिक वेबसाइट www.dhamma.org पर उपलब्ध है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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