Asha Bhosle को आया कार्डियक अरेस्ट, ICU में भर्ती सिंगर की हालत नाजुक! जानें Cardiac Arrest के लक्षण

Asha Bhosle Cardiac Arrest: संगीत जगत से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। सुरों की मलिका और दिग्गज गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) को कार्डियक अरेस्ट आने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबरों के अनुसार, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है। 91 साल की पार्श्व गायिका के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही देश भर में उनके प्रशंसकों और बॉलीवुड हस्तियों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआओं का तांता लगा हुआ है। आइए जानते हैं कि डॉक्टर्स ने उनकी सेहत को लेकर क्या ताजा अपडेट दिया है।

अब कैसी है हालत

रिपोर्ट के अनुसार, आशा भोसले को 11 अप्रैल, शनिवार को अचानक तबीयत खराब होने पर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इलाज के दौरान पता चला की आशा ताई को कार्डियक अरेस्ट आया है। सिंगर अभी आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। सूत्रों की मानें तो सिंगर की हालत नाजुक बताई जा रही है। हालांकि अभी तक परिवार और अस्पताल की ओर से कोई अपडेट नहीं आया है।

प्रशंसकों और फिल्मी हस्तियों ने मांगी सलामती की दुआ

जैसे ही आशा भोसले के कार्डियक अरेस्ट की खबरें सोशल मीडिया पर आई फिल्मी जगत से लेकर उनके फैंस तक अस्पताल के बाहर पहुंचे और आशा ताई के जल्द ठीक होने की सभी कामना कर रहे हैं। इसमें को शंका नहीं की लता मंगेशकर के बाद आशा ताई को भारतीय संगीत का सबसे बड़ा स्तंभ मानी जाता है, यही वजह है कि लाखों फैंस उनके ठीक होने की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

आशा ताई के संगीत के सफर का एक अविश्वसनीय अध्याय

आशा भोसले जी ने सात दशकों से अधिक समय तक अपनी आवाज से दुनिया को मंत्रमुग्ध किया है। 12,000 से अधिक गानों को अपनी आवाज देने वाली आशा जी न केवल एक बेहतरीन गायिका हैं, बल्कि उनकी ऊर्जा और जिंदादिली भी लोगों को प्रेरित करती रही है। इस उम्र में भी उनकी सक्रियता हमेशा मिसाल बनी रही है।

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण अचानक दिखने वाले मुख्य लक्षण

अचानक बेहोश होना: व्यक्ति बिना किसी चेतावनी के अचानक गिर जाता है और बेहोश हो जाता है।

सांस का रुकना: व्यक्ति सांस लेना बंद कर देता है या उसकी सांसें बहुत असामान्य (Gasping) हो जाती हैं।

नब्ज (Pulse) न मिलना: दिल की धड़कन रुकने के कारण हाथ या गर्दन पर नब्ज महसूस नहीं होती।

कोई प्रतिक्रिया न देना: व्यक्ति को हिलाने या आवाज देने पर भी वह कोई हरकत नहीं करता।

कार्डियक अरेस्ट से ठीक पहले के संकेत

सीने में तेज बेचैनी या दर्द।

अचानक बहुत ज्यादा पसीना आना।

सांस फूलना या सांस लेने में तकलीफ होना।

दिल की धड़कन का बहुत तेज होना (Palpitations)।

अचानक चक्कर आना या सिर चकराना।

जी मिचलाना या उल्टी महसूस होना।

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में क्या अंतर?

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को अक्सर एक ही समझ लिया जाता है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान में ये दोनों अलग-अलग समस्याएं हैं। हार्ट अटैक एक 'सर्कुलेशन' (रक्त संचार) की समस्या है, जो तब होती है जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी में ब्लॉकेज हो जाता है और हृदय का एक हिस्सा डैमेज होने लगता है; इसमें व्यक्ति होश में रहता है और उसे सीने में दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है।

इसके विपरीत, कार्डियक अरेस्ट एक 'इलेक्ट्रिकल' समस्या है, जिसमें हृदय की धड़कन अचानक अनियंत्रित होकर बंद हो जाती है और दिल धड़कना बंद कर देता है, जिससे व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाता है और उसकी सांसें रुक जाती हैं। सरल शब्दों में, हार्ट अटैक में दिल काम करना जारी रख सकता है लेकिन कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक से पंप करना बंद कर देता है, जो कि तत्काल मृत्यु का कारण बन सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, April 11, 2026, 22:43 [IST]
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