Latest Updates
-
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
Assam में पुलिस ने जब्त की कोडीन की 11 हजार बोतल, जानिए क्यों हैं ये सीरप खतरनाक
What is Codeine : असम पुलिस ने कछार जिले के दमचेरा में एक वाहन से कोडीन आधारित कफ सिरप की 11,100 बोतलें जब्त कीं, जिनकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। कोडीन, एक दवा होते हुए भी नशे के रूप में दुरुपयोग के कारण विवादों में रहती है।
इसकी बढ़ती मांग ने सरकार को प्रतिबंध लगाने पर मजबूर किया। यह सिरप दर्द और खांसी में उपयोगी है, लेकिन नशे के कारण खतरा बढ़ता है। आइए जानते है आखिर केंद्र सरकार ने क्यों बैन किया और सेहत के लिए कितना खतरनाक है?

कोडीन आधारित कफ सीरप पर है प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने कोडीन आधारित कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया है, क्योंकि इसका नशे के तौर पर दुरुपयोग बढ़ रहा था। दवाई के रूप में आसानी से उपलब्ध यह सिरप सर्दी-खांसी और दर्द के इलाज में इस्तेमाल होता है। बच्चों पर इसके हानिकारक प्रभावों के चलते अमेरिका में भी इसका उपयोग प्रतिबंधित है। सरकार ने इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया।
कोडीन क्या है?
कोडीन एक ओपिओइड दवा है, जो खांसी दबाने और हल्के से मध्यम दर्द से राहत देने में उपयोगी है। यह मस्तिष्क के खांसी नियंत्रित करने वाले हिस्सों को प्रभावित करता है। डॉक्टर की सलाह पर ही इसका उपयोग किया जाता है। हालांकि, असरदार होने के बावजूद, इसका अंधाधुंध इस्तेमाल नशे और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
कोडीन कैसे करता है असर?
कोडीन युक्त दवा शरीर में लिवर में मेटाबोलाइज होकर मॉर्फिन में बदल जाती है, जो दर्द और खांसी को कम करती है। मॉर्फिन नर्वस सिस्टम को धीमा करके शरीर को आराम पहुंचाती है। यह दवा सीमित मात्रा में फायदेमंद होती है, लेकिन बार-बार सेवन से लत लगने का खतरा रहता है। लगातार उपयोग से व्यक्ति को इसकी आदत हो सकती है, जिससे दवा पर निर्भरता बढ़ती है। अधिक मात्रा में सेवन ओवरडोज जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
नशे के लिए लोग करते है ज्यादा इस्तेमाल
कोडीन का नशा अन्य नशे की चीजों की तुलना में आसानी से उपलब्ध और सस्ता होता है, जिससे इसका दुरुपयोग बढ़ रहा है। इसे लेने में पकड़े जाने का खतरा कम होता है। हालांकि, इसका उपयोग कई बार स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
सेहत के लिए कितना खतरनाक है कोडीन
कोडीन का आवश्यकता से अधिक या अनुचित सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह नशे का कारण बनता है, जिससे दिमाग की कार्यक्षमता कम हो जाती है। गंभीर मामलों में मिर्गी के दौरे तक पड़ सकते हैं। बच्चों पर इसका प्रभाव अधिक घातक होता है, जिससे दिमागी बीमारियां हो सकती हैं। कोडीन की लत लगने की संभावना भी काफी अधिक है, जो इसे और भी खतरनाक बनाती है।
अगर कोडीन को कुछ सप्ताह से अधिक समय तक लेने की आवश्यकता हो, तो डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है। डॉक्टर ही तय करेंगे कि इसे कब और कैसे बंद करना है। 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कोडीन केवल विशेष परिस्थितियों में ही दिया जाना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications