Latest Updates
-
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर
Assam में पुलिस ने जब्त की कोडीन की 11 हजार बोतल, जानिए क्यों हैं ये सीरप खतरनाक
What is Codeine : असम पुलिस ने कछार जिले के दमचेरा में एक वाहन से कोडीन आधारित कफ सिरप की 11,100 बोतलें जब्त कीं, जिनकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। कोडीन, एक दवा होते हुए भी नशे के रूप में दुरुपयोग के कारण विवादों में रहती है।
इसकी बढ़ती मांग ने सरकार को प्रतिबंध लगाने पर मजबूर किया। यह सिरप दर्द और खांसी में उपयोगी है, लेकिन नशे के कारण खतरा बढ़ता है। आइए जानते है आखिर केंद्र सरकार ने क्यों बैन किया और सेहत के लिए कितना खतरनाक है?

कोडीन आधारित कफ सीरप पर है प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने कोडीन आधारित कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया है, क्योंकि इसका नशे के तौर पर दुरुपयोग बढ़ रहा था। दवाई के रूप में आसानी से उपलब्ध यह सिरप सर्दी-खांसी और दर्द के इलाज में इस्तेमाल होता है। बच्चों पर इसके हानिकारक प्रभावों के चलते अमेरिका में भी इसका उपयोग प्रतिबंधित है। सरकार ने इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया।
कोडीन क्या है?
कोडीन एक ओपिओइड दवा है, जो खांसी दबाने और हल्के से मध्यम दर्द से राहत देने में उपयोगी है। यह मस्तिष्क के खांसी नियंत्रित करने वाले हिस्सों को प्रभावित करता है। डॉक्टर की सलाह पर ही इसका उपयोग किया जाता है। हालांकि, असरदार होने के बावजूद, इसका अंधाधुंध इस्तेमाल नशे और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
कोडीन कैसे करता है असर?
कोडीन युक्त दवा शरीर में लिवर में मेटाबोलाइज होकर मॉर्फिन में बदल जाती है, जो दर्द और खांसी को कम करती है। मॉर्फिन नर्वस सिस्टम को धीमा करके शरीर को आराम पहुंचाती है। यह दवा सीमित मात्रा में फायदेमंद होती है, लेकिन बार-बार सेवन से लत लगने का खतरा रहता है। लगातार उपयोग से व्यक्ति को इसकी आदत हो सकती है, जिससे दवा पर निर्भरता बढ़ती है। अधिक मात्रा में सेवन ओवरडोज जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
नशे के लिए लोग करते है ज्यादा इस्तेमाल
कोडीन का नशा अन्य नशे की चीजों की तुलना में आसानी से उपलब्ध और सस्ता होता है, जिससे इसका दुरुपयोग बढ़ रहा है। इसे लेने में पकड़े जाने का खतरा कम होता है। हालांकि, इसका उपयोग कई बार स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
सेहत के लिए कितना खतरनाक है कोडीन
कोडीन का आवश्यकता से अधिक या अनुचित सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह नशे का कारण बनता है, जिससे दिमाग की कार्यक्षमता कम हो जाती है। गंभीर मामलों में मिर्गी के दौरे तक पड़ सकते हैं। बच्चों पर इसका प्रभाव अधिक घातक होता है, जिससे दिमागी बीमारियां हो सकती हैं। कोडीन की लत लगने की संभावना भी काफी अधिक है, जो इसे और भी खतरनाक बनाती है।
अगर कोडीन को कुछ सप्ताह से अधिक समय तक लेने की आवश्यकता हो, तो डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है। डॉक्टर ही तय करेंगे कि इसे कब और कैसे बंद करना है। 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कोडीन केवल विशेष परिस्थितियों में ही दिया जाना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
