क्या सच हो रही है बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? कोरोना के बाद 'निपाह' का कहर, जानें कितनी खतरनाक है बीमारी

Baba Vanga Prediction About Nipah Virus: कई सालों पहले बुल्गारिया की फेमस भविष्यवक्ता बाबा वेंगा ने दुनिया को लेकर कुछ ऐसी चेतावनियां दी थीं, जिन्हें सुनकर तब लोगों की रूह कांप गई थी। बाबा वेंगा ने बहुत सी भविष्यवाणियां की हैं जो सच हुई है। ऐसे में उनकी भविष्यवाणियों के बारे में सुनते ही लोगों में भय पैदा हो जाता है। सोशल मीडिया पर अक्सर बाबा वेंगा की प्रीडिक्शन के चर्चे होते रहते हैं। उन्होंने कोरोना महामारी के लिए भी प्रीडिक्शन की थी जो सच साबित हुई। अब दुनिया निपाह वायरस (Nipah Virus) के बढ़ते प्रकोप से जूझ रही है, और इसे भी बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से जोड़ा जा रहा है। तो सवाल उठ रहा है क्या बाबा वेंगा की एक और खौफनाक भविष्यवाणी हकीकत बनने जा रही है?

जिस तरह से अस्पतालों में अलर्ट है और एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की स्क्रीनिंग तेज हो गई है, वह किसी बड़ी त्रासदी का संकेत दे रही है। क्या निपाह वाकई कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक है? आइए जानते हैं इस जानलेवा वायरस का सच और बाबा वेंगा की उस भविष्यवाणी का पूरा कनेक्शन।

बाबा वेंगा की भविष्यवाणी और निपाह का कनेक्शन

बाबा वेंगा ने अपनी भविष्यवाणियों में जिक्र किया था कि दुनिया एक ऐसी अज्ञात बीमारी का सामना करेगी जो बर्फ में दबी थी या जानवरों के जरिए इंसानों में आएगी। अब निपाह वायरस भारत में कहर बरपा रहा है और जान लें कि ये वायरस भी चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है और इसकी मृत्यु दर (Mortality Rate) भी अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि निपाह वायरस की मारक क्षमता 40% से 75% तक है, जो इसे बेहद डरावना बनाती है। इस बीमारी के फैलने से लग रहा है कि कहीं न कहीं बाबा वेंगा की भविष्यवाणी सच हो रही है।

कितना खतरनाक है निपाह वायरस? (The Danger Zone)

निपाह वायरस को 'साइलेंट किलर' कहा जा सकता है क्योंकि इसके लक्षण दिखने से पहले ही यह शरीर को अंदर से खोखला करना शुरू कर देता है। निपाह वायरस के लक्षणों की बात करें तो शुरुआती दौर में तेज बुखार, लगातार सिरदर्द और गले में खराश होती है। जब परेशानी बढ़ जाती है तो चक्कर आना, मांसपेशियों में दर्द और अत्यधिक थकान होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं बहुत अधिक बीमारी बढ़ जाए तो सांस लेने में भारी दिक्कत, भटकाव (Confusion) और अंत में कोमा तक हो सकता है।

क्यों खतरनाक है निपाह वायरस?

अब सवाल ये उठता है कि निपाह वायरस क्यों ज्यादा खतरनाक है। रिपोर्ट के अनुसार, यह वायरस सीधे मस्तिष्क पर हमला करता है, जिससे मानसिक भ्रम और दौरे पड़ने लगते हैं। यह सांस लेने में गंभीर तकलीफ पैदा करता है, जो निमोनिया का रूप ले सकती है। वहीं कोरोना की तरह अभी तक निपाह के लिए कोई प्रमाणित वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है।

संक्रमण से कैसे बचें?

अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए इन नियमों का पालन कड़ाई से करें:-

फलों की जांच करें

ऐसे फल बिल्कुल न खाएं जिन पर पक्षियों के चोंच के निशान हों या जो जमीन पर गिरे हों।

मास्क लगाएं और स्वच्छता का ध्यान रखें

सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें और हाथों को बार-बार साबुन से धोएं।

खजूर का कच्चा रस न पिएं

ताड़ी या खजूर के कच्चे रस का सेवन करने से बचें, क्योंकि चमगादड़ अक्सर इनमें अपनी लार छोड़ देते हैं।

बीमार लोगों से दूर रहें

साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि आप संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं रखें। क्योंकि संक्रमित व्यक्ति के पसीने या तरल पदार्थ के संपर्क में आने से ये बीमारी फैल सकती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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