BB17: इमोशनल ब्रेकडाउन से गुजर रहे हैं अभिषेक कुमार, इस सिचुएशन के बारे में जानें सबकुछ

How To Deal with Emotional Breakdown: 'बिग बॉस 17' में इन दिनों हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। हाल ही में ईशा मालवीय और समर्थ जुरेल ने म‍िलकर अभिषेक कुमार की मेंटल हेल्‍थ को लेकर खूब मजाक बनाया था। बात-बात पर वो अभिषेक को उकसा रहे थे। जिसकी वजह से बात यहां तक बढ़ गई कि अभिषेक ने समर्थ पर हाथ उठा द‍िया। इस वजह से अभिषेक कुमार को शो से बाहर न‍िकल दिया था। हालांक‍ि अब वह वापस आ चुके हैं और गेम रीस्टार्ट कर दिया है।

शो के शुरुआत से ही अभिषेक कुमार अपनी मेंटल हेल्‍थ की वजह से चर्चा में रहे हैं। हाल ही में नए एपिसोड में एक्टर अभिषेक के इमोशनल ब्रेकडाउन से ग्रस्त होने की बात सामने आई है।

BB17 Contestant Abhishek Kumar going through an

एक बार शो में खुद अभिषेक कुमार एक्‍स गर्लफ्रेंड ईशा मालवीय को लेकर कह चुके हैं 'अरे यार बहुत इफेक्‍ट करती है वो मुझे'। इसके बाद कई बार शो में उन्‍हें इमोशंस पर कंट्रोल खोते हुए देखा गया हैं। बिग बॉस 17 के ही कंटेस्टेंट नील भट्ट ने भी हाल ही में एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है, कि ईशा मालवीय से ब्रेकअप के बाद से अभिषेक की मेंटल हेल्थ बिगड़ी है। इस कारण उन्हें छह माह तक बैड पर भी रहना पड़ा था। साथ ही काफी समय ले वो इस स्थिति के लिए इलाज भी ले रहे हैं।

आइए जानते हैं क‍ि आखिर ये इमोशनल ब्रेकडाउन होता क्‍या हैं और कैसे ये सेहत को इफेक्‍ट करता है?

क्‍या होता है इमोशनल ब्रेकडाउन?

इमोशनल ब्रेकडाउन कोई बीमारी नहीं हैं बल्कि एक मानसिक स्थिति है। न ही यह कोई मेडिकल टर्म है। इस स्थिति को नर्वस ब्रेकडाउन और मेंटल ब्रेकडाउन भी कहा जाता है। इसे कई तरह की मानसिक समस्याओं को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें डिप्रेशन, एंग्जाइटी, एक्यूट स्ट्रेस डिसऑर्डर आदि शामिल हैं। इसका मतलब जब कोई इंसान किसी वजह से ज्यादा चिंता या अवसाद की स्थिति में होता है, लेकिन उसे स्वीकार नहीं कर पाता, तब वह इमोशनल ब्रेकडाउन का शिकार होता है। इस स्थिति में मरीज अपना मानसिक संतुलन खोने लगता है। ऐसे में मरीज का स्ट्रेस लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और वो अपने इमोशंस पर कंट्रोल खोने लगता है।

BB17 Contestant Abhishek Kumar going through an

इमोशनल ब्रेकडाउन के लक्षण

- थकावट और सुस्ती महसूस करना
- मूड स्विंग्स होना, चिड़चिड़ापन महसूस करना और ज्यादा गुस्सा आना।
- मन में बुरे विचार आना और खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना।
- हर वक़्त घबराहट और बैचेनी महसूस करना।
किसी काम में मन न लगना और फोकस करने में परेशानी होना।
- पैनिक अटैक आना और इमोशंस पर कंट्रोल खोना।

इस सिचुएशन को कैसे करे डील

अगर आप या आपका कोई इमोशनल ब्रेकडाउन जैसे सिचुएशन से गुजर रहा हैं, तो बिना देरी किए किसी मनोचिकित्सक से संपर्क करें। क्योंकि सही काउंसलिंग और थेरेपी के जरिए ही इस सिचुएशन से बाहर न‍िकलने में आपको मदद म‍िलती हैं। साथ ही ऐसे लोगों से म‍िले और समय बिताएं जो आपको इस सिचुएशन में शांत रखने में मदद करते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, January 9, 2024, 16:54 [IST]
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