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BB 17: अंकिता लोखंडे ने कहा सुशांत सिंह राजपूत को था क्लॉस्टेरोफोबिया, जानें इस बीमारी के बारे में सबकुछ
Claustrophobic Symptoms and Causes: टीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे इन दिनों रिएलिटी शो 'बिग बॉस 17' में नजर आ रही हैं। उनके साथ पति विक्की जैन भी हैं। शो में वो कई बार एक्स बॉयफ्रेंड सुशांत सिंह राजपूत का जिक्र करती हैं। अब उन्होंने शो में सुशांत के एंग्जाइटी डिसऑर्डर क्लॉस्टेरोफोबिया होने की बात कही है। जिसके बाद सोशल मीडिया में खूब हल्ला मच रहा है। उनके इस बयान के बाद फैंस ने उन्हें दोगला तक करार कर दिया है।
Bigg Boss 17 में अंकिता लोखंडे को ये कहते हुए पाया गया कि सुशांत सिंह राजपूत को भी क्लॉस्टेरोफोबिया था। ये एक एंग्जाइटी डिसऑर्डर है, जो डर से संबंधित समस्या है। आइए जानते हैं इस बात पर इतना बवाल क्यों हो रहा है?

दरअसल, Sushant Singh Rajput की मौत के बाद उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि सुशांत क्लॉस्टेरोफोबिया नामक बीमारी से जूझ रहे थे। रिया के इस दावे को अंकिता ने झूठा बताते हुए सुशांत का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो खुद फ्लाइट उड़ाते दिख रहे हैं। इसे शेयर करते हुए अंकिता ने कैप्शन में लिखा था, 'क्या ये क्लॉस्टेरोफोबिया है? तुम हमेशा उड़ना चाहते थे और तुमने किया। हमें तुम पर गर्व है।'
सुशांत ने खुद किया था खुलासा
साल 2015 में सुशांत ने खुद खुलासा किया था कि वो क्लॉस्टेरोफोबिया से जूझ रहे हैं। उन्होंने Zee Cafe को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने सच और झूठ से जुड़ा एक गेम खेला था। उन्हें अपने बारे में तीन फैक्ट्स बताने थे, जिनमें से एक झूठ था। सुशांत ने तीन चीजें बताईं- 1. उन्हें क्लॉस्टेरोफोबिया है, 2. वो हर दिन 6 घंटे सोते हैं, 3. वो बहुत बुरे सिंगर हैं। बाद में उन्होंने खुलासा किया कि वो दूसरी वाली बात झूठी है। उन्हें नींद ना आने की बीमारी है और वो हर दिन सिर्फ दो घंटे ही सो पाते हैं।
आइए इसी बीच जानते है कि क्या होता है क्लॉस्टेरोफोबिया जिसका पहले भी कई बार सुशांत के मामले में जिक्र हो चुका हैं।
क्या होता है क्लॉस्टेरोफोबिया?
क्लॉस्टेरोफोबिया एक एंग्जाइटी डिसऑर्डर है जिसमें इंसान को तंग या बंद जगहों से बहुत ज्यादा डर लगने लगता है। इससे पीड़ित लोगों को तंग जगहों जैसे- लिफ्ट या छोटे अंधेरे कमरे में जाते हुए घबराहट होने लगती है। कुछ लोगों को हवाई यात्रा के दौरान गुफा या अंधेरी सुरंग में जाने पर भी बहुत घुटन महसूस होती हैं। ऐसे लोगों को भीड़ वाले स्थान में भी घबराहट महसूस होती है। वे यह सोचकर बहुत चिंतित हो जाते हैं कि इस भीड़ से बाहर कैसे निकल पाएंगे? उन्हें ऐसा महसूस होता है कि इस जगह पर उनकी सांसें चलनी बंद हो जाएगी।
क्लॉस्ट्रोफोबिया के प्रमुख लक्षण
- पसीना आना
- कंपकपी
- बुखार
- धड़कन बढ़ना
- चक्कर आना
- बेहोशी
- सांस की गति तेज होना
- गला सूखना
- सिरदर्द
- बार-बार यूरिन का प्रेशर महसूस होना
- शरीर का कोई भी हिस्सा सुन्न पड़ जाना आदि।
क्लॉस्ट्रोफोबिया की वजह
किस व्यक्ति को क्लॉस्टेरोफोबिया क्यों है, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। हालांकि, इसके सटीक कारणों का अब तक पता नहीं चला है। आमतौर पर क्लौस्ट्रफोबिया उसी व्यक्ति को होता है, जिसके साथ कभी कोई बुरी दुर्घटना घटी हो। यह दुर्घटना किसी टिन के बक्से में बंद होना, किसी कमरे में बंद हो जाना या लिफ्ट में फंस जाना हो सकता है। वैज्ञानिक तरीके से समझे तो क्लौस्ट्रफोबिया को बढ़ाना देने में ब्रेन फंक्शन को भी जिम्मेदार माना जाता है। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि दिमाग में जो हिस्सा डर को कंट्रोल करता है, उसे एमिग्डाला के नाम से जाना जाता है। यही हिस्सा क्लॉस्टेरोफोबिया को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
ऐसे डील करें इस समस्या से
क्लॉस्टेरोफोबिया से बचाव के दौरान इलाज के लिए कई अलग-अलग थेरेपी का उपयोग किया है, जिससे इससे पीड़ित व्यक्ति के दिमाग में बसे डर को बाहर निकाला जा सकें।
दवाः हालांकि, दवा क्लॉस्टेरोफोबिया के लिए प्राथमिक उपचार नहीं है। इसके बावजूद, अगर मरीज की स्थिति ज्यादा गंभीर है, तो इस समस्या से निपटने के लिए दवा की मदद से मरीज के लक्षणों को कम किया जा सकता है।
एक्सपोजर थेरेपीः इस ट्रीटमेंट थेरेपी में मरीज को अपने डर का सामना करना पड़ता है। एक्सपर्ट काफी ध्यान रखते हैं, ताकि उसके मन से धीरे-धीरे उस डर को खत्म किया जा सकें।
रिलैक्स तकनीकः इस तकनीक के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज मांसपेशियों को रिलैक्स करने वाली एक्सरसाइज, मेडिटेशन और योग किया जाता है। इनकी मदद से क्लॉस्टेरोफोबिया के कारण होने वाली घबराहट को कम करने के साथ ही लक्षणों में भी कमी आती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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