Latest Updates
-
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती
Bigg Boss 19 : अनुपमा के ‘अनुज’ को है कलर ब्लाइंडनेस, नहीं दिखता है ट्रै्फिक सिग्नल, इन लक्षणों से पहचानें
Bigg Boss 19 Gaurav Khanna : टीवी का सबसे मशहूर रिएलिटी शो बिगबॉस 19 शुरू हो चुका है। इस बार बिगबॉस में 16 कंटेस्टेंट शामिल हुए हैं। उन्हीं में से एक अनुपमा के अनुज कपाड़िया यानी गौरव खन्ना भी है। गौरव को एक स्ट्रॉन्ग दावेदार माना जा रहा है, जो ट्रॉफी को अपने नाम कर सकते हैं।
गौरव ने अपने इंट्रोडक्शन के समय बताया कि उन्हें कलर ब्लाइंडनेस हैं। दरअसल, कलर ब्लाइंडनेस की बात उन्होंने तब उठाई जब सलमान ने उनसे ग्रीन और रेड फ्लैग वाला गेम खेलने के लिए कहा। आइए जानते हैं उन्हें हुई इस बीमारी के बारे में।

क्या है कलर ब्लाइंडनेस?
कलर ब्लाइंडनेस एक आंखों की बीमारी होती है, जिसमें व्यक्ति कुछ रंगों को ठीक से पहचान नहीं पाता है या उन्हें एक-दूसरे से अलग नहीं कर पाता है। हालांकि, इसे अंधापन नहीं कहा जा सकता है क्योंकि इसमें मरीज को दिखाई तो देता है लेकिन रंगों की पहचान करने में परेशानी होती है। गौरव ने शो के प्रीमियर पर बताया है कि उन्हें ट्रैफिक सिग्नल पर ट्रैफिक लाइट का रंग पहचानने में दिक्कत होती है। कई बार कपड़ों के रंग चुनने में भी उन्हें परेशानी होती है।
कैसे होती है ये बीमारी?
नेशनल आई इंस्टीट्यूट की हेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक, इसे रंग अंधपन कहा जाता है, जिसमें दृष्टि हानि नहीं होती लेकिन रंगों को पहचानने में दिक्कत होती है। रंग दोष में सबसे आम लाल और हरे रंग के बीच अंतर का पता लगाना होता है। दुर्लभ मामलों में नीले या पीले रंग की दिक्कतें होती हैं। इस बीमारी के होने का कारण अधिकांश मामलों में जेनेटिकल होता है। डॉक्टर कहते हैं कि ये बीमारी पीढ़ी दर पीढ़ी किसी एक परिवार में भी चल सकती है। हालांकि, गौरव को ये बीमारी कैसे हुई, इस बात का पता नहीं चला है।
क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
- रंगों के बीच अंतर न कर पाना।
- रंग चमकीले दिखाई देना।
- रंगों के अलग-अलग शेड्स को समझने में दिक्कत होना।
किन लोगों को ज्यादा रिस्क है?
- पारिवारिक इतिहास में ये बीमारी रहती है, तो आगे की पीढ़ियों को भी बीमारी हो सकती है।
- कोई आई प्रॉब्लम होने पर।
- डायबिटीज, अल्जाइमर या अन्य बीमारी होने पर।
- दवाओं के साइड-इफेक्ट्स से।
क्या है इसका इलाज?
फिलहाल कलर ब्लाइंडनेस का कोई स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है। लेकिन टेक्नोलॉजी और मेडिकल साइंस ने कई विकल्प दिए हैं, जिनसे मरीजों को राहत मिल सकती है।
स्पेशल ग्लासेस या कॉन्टैक्ट लेंस: कुछ खास प्रकार के लेंस या चश्मे से रंगों को बेहतर पहचानने में मदद मिलती है।
मोबाइल ऐप्स और टूल्स: कई ऐप्स अब रंग पहचानने में मदद करते हैं, जैसे कैमरा के जरिए रंग का नाम बताना।
लाइफस्टाइल एडजस्टमेंट: कपड़ों के रंगों को चुनने के लिए किसी की मदद लेना, ट्रैफिक नियमों को ध्यान से समझना आदि।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications