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इस खतरनाक बीमारी के वजह से BB OTT 3 विनर Sana Makbul हुई अस्पताल में भर्ती, 5 साल से चल रहा है इलाज
Sana Makbul health update : टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस और बिग बॉस ओटीटी सीजन 3 की विजेता सना मकबूल इस समय गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस नाम की एक गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
सना की करीबी दोस्त आशना ने अस्पताल से उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है जिसमें सना अस्पताल के बेड पर बैठी नजर आ रही हैं और उन्हें ड्रिप लगी हुई है। आशना ने इस पोस्ट में सना की ताकत और साहस की सराहना करते हुए लिखा, "मेरी सबसे मजबूत दीवा... इंशाल्लाह तुम इस लड़ाई को जीतकर और भी मजबूत बनकर लौटोगी।"

लंबे समय से थी तबीयत खराब
सना के करीबी सूत्रों की मानें तो वह पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रही थीं। शुरुआत में मामूली लगने वाली तकलीफें समय के साथ गंभीर हो गईं और अब स्थिति ऑटोइम्यून कॉम्पलिकेशन्स तक पहुंच गई है। यह बीमारी शरीर की इम्यून सिस्टम से जुड़ी होती है, जिसमें शरीर अपनी ही कोशिकाओं पर हमला करने लगता है, खासतौर पर लीवर पर।
क्या होता है ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस?
ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस एक प्रकार की क्रॉनिक लीवर डिजीज है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) गलती से अपने ही लिवर सेल्स को नुकसान पहुंचाने लगती है। इसके चलते लीवर में सूजन, जलन और कोशिकाओं की क्षति होने लगती है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह लीवर फेलियर तक का कारण बन सकती है।

ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस के प्रकार
इस बीमारी के दो प्रकार होते हैं:
टाइप 1 (क्लासिक): यह सबसे आम प्रकार है और किसी भी उम्र में हो सकता है, हालांकि यह युवाओं और महिलाओं में अधिक देखने को मिलता है।
टाइप 2: यह कम आम है और मुख्य रूप से 2 से 14 वर्ष की लड़कियों को प्रभावित करता है।
क्यों होती है यह बीमारी?
इस बीमारी के सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह इम्यून सिस्टम से जुड़ी जेनेटिक गड़बड़ी और कुछ वायरस या दवाओं के संपर्क में आने से हो सकती है। कई बार परिवार में ऑटोइम्यून बीमारियों का इतिहास होना भी एक बड़ा कारण होता है।
ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस के लक्षण
इस बीमारी के लक्षण धीरे-धीरे उभर सकते हैं या अचानक भी आ सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- लगातार थकान महसूस होना
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या असहजता
- त्वचा और आंखों का पीला पड़ जाना (पीलिया)
- लिवर का आकार बढ़ जाना
- त्वचा पर छोटे-छोटे लाल धब्बे या नसों का उभर आना (स्पाइडर एंजियोमास)
- जोड़ों में दर्द
- मासिक धर्म का बंद हो जाना या अनियमितता
- त्वचा पर लाल चकत्ते
क्या है इलाज?
ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस का इलाज आमतौर पर इम्यूनोस्प्रेसेंट दवाओं जैसे स्टेरॉयड्स (Prednisone) और Azathioprine से किया जाता है ताकि इम्यून सिस्टम की गतिविधि को नियंत्रित किया जा सके। गंभीर मामलों में लीवर ट्रांसप्लांट तक की जरूरत पड़ सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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