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Bird Flu Alert in Ranchi : 7 फरवरी को रांची के बिरसा वेटनरी कॉलेज में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संक्रमण गिनी फाउल (चाइनीज मुर्गी) के फार्म में पाया गया है। इससे पहले, रोजाना कुछ मुर्गियों की मौत हो रही थी, जिसके बाद छह फरवरी को सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए।
पुष्टि होते ही वेटनरी कॉलेज की दो महिला कर्मियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए और उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। प्रशासन ने फार्म को पूरी तरह सैनिटाइज कर दिया है और आगे की सतर्कता बरती जा रही है ताकि संक्रमण न फैले।

केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एपिक सेंटर (संक्रमण के केंद्र) के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे में सर्वेक्षण करने का आदेश दिया गया है। एक किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी पोल्ट्री फार्मों के मुर्गों को मारने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, जहां भी पक्षियों की अप्राकृतिक मौत की सूचना मिले, वहां तत्काल जांच कराने और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य संक्रमण को फैलने से रोकना और आवश्यक सावधानियां अपनाना है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
बर्ड फ्लू कितना खतरनाक
बर्ड फ्लू एक खतरनाक वायरसजनित बीमारी है, जो पक्षियों से इंसानों में फैल सकती है। इससे बचाव के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है। यदि किसी मरे या बीमार पक्षी को देखें, तो उसे न छूएं और तुरंत प्रशासन को सूचित करें। हाथों को साबुन और पानी से धोते रहें। कच्चे मांस और अंडों को अच्छी तरह पकाकर ही सेवन करें। स्वच्छता बनाए रखना और उचित सावधानियां बरतना ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
बर्ड फ्लू के लक्षण
बर्ड फ्लू के लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, मांसपेशियों में दर्द और थकान शामिल हैं। यदि इनमें से कोई लक्षण नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सावधानी और जागरूकता ही इस संक्रमण से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।
बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय
बीमार या मरे हुए पक्षियों से दूर रहें - किसी भी बीमार या मृत पक्षी को छूने से बचें और प्रशासन को इसकी सूचना दें।
साफ-सफाई का ध्यान रखें - हाथों को साबुन और पानी से धोएं, खासकर पक्षियों के संपर्क में आने के बाद।
अच्छी तरह पका हुआ भोजन करें - अंडे और चिकन को अच्छी तरह पकाने के बाद ही खाएं, अधपका मांस न खाएं।
मास्क और दस्ताने पहनें - पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के आसपास जाते समय मास्क और दस्ताने पहनें।
संक्रमण के लक्षणों को नज़रअंदाज न करें - बुखार, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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