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सर्दियों में बढ़ जाती हैं कढ़ाई वाले दूध की डिमांड, इसे पीने से हड्डियां होती हैं मजबूत
Kadhai Wala Doodh Benefits : ठंड का मौसम भला किसे अच्छा नहीं लगता है। इस मौसम में खानपान का तरीका पूरा बदल जाता है। इस मौसम में गर्मगर्म हर चीज खाने से शरीर में एनर्जी सी आ जाती है। एक और चीज हैं, जो सर्दियों के मौसम में ही खासतौर पर मिलती हैं, वो है कढ़ाई वाला दूध। जी हां, बचपन में आपने भी अपने-अपने शहरों में देखा होगा कि ठंड आते ही कई जगह कढ़ाई वाला दूध बिकने लगता था।
लोग लाइन लगाकर इसे खरीदकर पीते भी थे और घर पर पैक करवाकर भी ले जाते थे। शायद आपने भी सर्दी में कढ़ाई वाला दूध खूब पिया होगा, आइए जानते हैं सर्दियों में कढ़ाई वाला दूध पीने के फायदे।

हीमोग्लोबिन बढ़ाएं
लोहे की कढ़ाई में उबाला गया दूध शरीर में आयरन की कमी को दूर करने और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। पुराने समय में घरों में लोहे की कढ़ाई का उपयोग सब्जियां बनाने और दूध उबालने के लिए किया जाता था, जिससे भोजन में आयरन की मात्रा स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती थी। आजकल, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में डॉक्टर अक्सर ब्लड टेस्ट करवाकर आयरन की कमी का पता लगाते हैं। हालांकि, लोहे की कढ़ाई में बना दूध या खाना अधिक देर तक कढ़ाई में नहीं रखना चाहिए।
कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर
दूध में मौजूद कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पोषक तत्व न केवल हड्डियों का घनत्व बढ़ाते हैं, बल्कि उनके स्वास्थ्य को बनाए रखने और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने में भी मददगार हैं।
वात-पित्त दोष को संतुलित रखें
दूध गर्भधारण में सहायक है और घाव भरने में उपयोगी है। दूध की मलाई स्निग्ध होती है और वात-पित्त के असंतुलन को शांत करती है। यह शरीर को पोषण देने और आंतरिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दूध का सेवन आयुर्वेद में संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अमृत समान माना गया है।
नींद आती हैं अच्छी
तनाव से राहत पाने के लिए गर्म दूध पीना फायदेमंद है। यह शरीर को आराम देता है और मस्तिष्क को शांत करता है। अनिद्रा की समस्या होने पर सोने से पहले एक ग्लास गर्म दूध पीने से नींद अच्छी आती है और थकान दूर होती है।
कढ़ाई वाला दूध क्या होता है और इसे बनाने की रेसिपी
कढ़ाई वाला दूध बनाने के लिए दूध को धीमी आंच पर घंटों तक उबालकर तैयार किया जाता है, जिसमें पिसे हुए बादाम, पिस्ता, काजू और केसर डाले जाते हैं। इसे चौड़ी तली वाली कढ़ाई में तब तक उबाला जाता था जब तक की इसमें मलाई की की चौड़ी और गाढी परत न जम जाएं। इसे लगातार हिलाया जाता है ताकि दूध जल न जाए। यह दूध सबसे अच्छा एक कुल्हड़ में आनंद लिया जाता है, जिसमें मलाई की मोटी चम्मच डाली जाती है और ऊपर से ड्राई फ्रूट्स से सजाकर सर्व किया जाता है। आइए जानते हैं इसे पीने के फायदे
कढ़ाई वाले दूध की रेसिपी
सामग्री
फुल क्रीम दूध - 1 लीटर
शक्कर - 2-3 टेबलस्पून (स्वादानुसार)
इलायची पाउडर - 1/2 टीस्पून
केसर के धागे - 8-10 (वैकल्पिक)
कटे हुए बादाम और पिस्ता - 1-2 टेबलस्पून
लोहे की कढ़ाई
लोहे की कढ़ाई में दूध पकाने का तरीका
- लोहे की कढ़ाई को मीडियम आंच पर गर्म करें और उसमें दूध डालें।
- दूध को लगातार चलाते हुए उबालें ताकि वह कढ़ाई के किनारों पर लगने न पाए।
- दूध थोड़ा गाढ़ा होने लगे, तो इसमें इलायची पाउडर, केसर के धागे, और शक्कर डालें।
- कटे हुए बादाम और पिस्ता मिलाकर दूध को और 5-7 मिनट तक पकाएं।
- दूध को कढ़ाई से निकालें और गर्मागर्म परोसें।
टिप्स
दूध को बहुत देर तक कढ़ाई में न रखें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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