Latest Updates
-
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान
Camel Urine : कैंसर की दवा के नाम पर मुस्लिम देशों में पी रहे लोग ऊंट का पेशाब, WHO ने दी सख्त चेतावनी
दुनिया भर में जानवरों के मूत्र को लेकर कई पारंपरिक मान्यताएं हैं। इन्हीं में से एक है अरब देशों में प्रचलित ऊंट का मूत्र पीने की परंपरा। माना जाता है कि यह मूत्र गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हेपेटाइटिस और त्वचा रोगों का इलाज कर सकता है। इस मान्यता के पीछे धार्मिक ग्रंथ "हदीस" का हवाला दिया जाता है, जिसमें पैगंबर मुहम्मद द्वारा बीमार लोगों को ऊंट का दूध और मूत्र पीने की सलाह दी गई थी।
हाल ही में एक वायरल वीडियो ने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया, जिसमें बताया गया कि कैसे अरब देशों में बड़ी संख्या में लोग ऊंट के मूत्र का सेवन दवा समझकर कर रहे हैं। लेकिन इस पर अब स्वास्थ्य विशेषज्ञ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गंभीर चेतावनी जारी की है।

ऊंट का मूत्र, कितना फायदेमंद, कितना खतरनाक?
WHO और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंट का मूत्र पीना न केवल बेकार है बल्कि यह जानलेवा भी हो सकता है। 2015 में MERS (Middle East Respiratory Syndrome) के प्रकोप के समय WHO ने स्पष्ट रूप से ऊंट का कच्चा दूध और मूत्र पीने से बचने की सलाह दी थी। यह वायरस ऊंटों से मनुष्यों में फैल सकता है और इससे संक्रमित लोगों की मृत्यु दर लगभग 35% तक हो सकती है।
2023 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि ऊंट के मूत्र का कोई ठोस चिकित्सीय लाभ नहीं है। शोध में शामिल दो कैंसर रोगियों को ब्रुसेलोसिस नामक गंभीर संक्रमण हो गया, जो कच्चा मूत्र पीने से फैला था। यह संक्रमण बुखार, थकान, जोड़ों में दर्द और कभी-कभी जानलेवा जटिलताओं का कारण बनता है।
धार्मिक मान्यता को लेकर दी वैज्ञानिक चेतावनी
हालांकि यह प्रथा धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, पर आधुनिक विज्ञान ने इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों की ओर इशारा किया है। ऊंट का मूत्र बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक तत्वों से भरा होता है, जो शरीर में गंभीर संक्रमण फैला सकते हैं।
कुछ शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि ऊंट के मूत्र में एंटी-कैंसर, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण हो सकते हैं, लेकिन ये दावे केवल शुरुआती प्रयोगशाला परीक्षणों तक सीमित हैं। इन दावों की अभी तक कोई विश्वसनीय नैदानिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर बहस और प्रतिक्रिया
यह विषय सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई लोग इसे "अवैज्ञानिक" और "खतरनाक" कहकर इसकी आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "यह 21वीं सदी है और लोग अब भी ऐसी रूढ़ियों में विश्वास कर रहे हैं, जो उनकी सेहत के लिए जानलेवा हो सकती हैं।"
पर्यावरणीय खतरा भी
स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरणविदों ने भी चिंता जताई है कि ऊंट के मूत्र का अनियंत्रित उत्पादन और प्रयोग समुद्री जीवन व पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेष रूप से जब इस मूत्र को प्रसंस्करण या डिस्पोज करने की कोई वैज्ञानिक व्यवस्था नहीं होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications