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क्या रोज करेला जूस पीने से डायबिटीज ठीक हो सकती है? जानें कितना कारगर है शुगर कंट्रोल करने का ये देसी तरीका
Can Drinking Karela Juice Cure Diabetes: डायबिटीज यानी मधुमेह आज दुनियाभर में सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुकी है। वहीं, भारत को "डायबिटीज कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड" कहा जाता है क्योंकि यहां मधुमेह से प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या फिर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता, जिसके कारण ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ने लगता है। दुर्भाग्य की बात यह है कि डायबिटीज का कोई स्थायी इलाज नहीं है। ज्यादातर लोग डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए दवाओं के साथ-साथ प्राकृतिक और घरेलू उपाय भी अपनाते हैं। इन्हीं घरेलू उपायों में करेला जूस काफी लोकप्रिय है। कई लोगों का मानना है कि रोज सुबह खाली पेट करेला जूस पीने से डायबिटीज खत्म हो सकती है। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमनें एंडोक्रिनोलॉजिसिट से बातचीत की।

'ज्ञान बाय गणेश - मेकिंग इंडिया विन ओवर डायबिटीज' (Gyaan by Ganesh - Making India Win Over Diabetes), सन फार्मा और अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की एक जागरूकता पहल है। इसका मकसद विशेषज्ञों की जानकारी के ज़रिए भारतीयों को डायबिटीज को बेहतर ढंग से समझने, उससे बचाव करने और उसे मैनेज करने में मदद करना है।
डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार है करेला जूस
"करेला जूस में ऐसे कुछ प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन केवल करेला जूस पीने से डायबिटीज ठीक नहीं होती। इसे इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं के साथ एक सहायक उपाय के रूप में ही अपनाना चाहिए।"
Dr K K Pareek, MD,FICP,FRCP, Senior consultant -Medicine and director, SN Pareek Memorial Hospital, Kota

हेल्थलाइन के मुताबिक, 2017 में हुए एक अध्ययन में यह पाया गया है कि करेला टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में ब्लड शुगर के स्तर को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि करेला जूस का असर सीमित होता है। यह डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली एंटी-डायबिटिक दवाओं या इंसुलिन जितना प्रभावी नहीं माना जाता। इसलिए इसे उपचार का विकल्प नहीं बल्कि सहायक उपाय माना जाना चाहिए।
करेले का जूस डायबिटीज में कैसे मदद कर सकता है?
ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायक
करेले में मौजूद सक्रिय तत्व शरीर को ग्लूकोज का बेहतर उपयोग करने में मदद कर सकते हैं, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है।
इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने में मदद करता है
कुछ अध्ययनों के अनुसार, करेला शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, जिससे कोशिकाएं रक्त में मौजूद शुगर का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर पाती हैं।
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन कम कर सकता है
डायबिटीज में शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है। करेला में विटामिन-ए, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो इन समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं।
वजन घटाने में मददगार
करेला कैलोरी में कम और फाइबर से भरपूर होता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने मदद कर सकता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। वजन नियंत्रित रहना डायबिटीज प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
क्या करेले का जूस पीने से डायबिटीज ठीक हो सकती है?
डायटीशियन समीक्षा चोरडिया के मुताबिक, इस सवाल का जवाब स्पष्ट रूप से है- नहीं। डायबिटीज एक जटिल और दीर्घकालिक बीमारी है। इसके पीछे इंसुलिन रेजिस्टेंस, इंसुलिन उत्पादन में कमी, आनुवंशिक कारण, मोटापा, खराब खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और जीवनशैली से जुड़े कई कारक जिम्मेदार होते हैं। ऐसी स्थिति में कोई एक फल, सब्जी, जूस या घरेलू नुस्खा इस बीमारी को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकता। रोजाना सीमित मात्रा में करेला जूस पीना डायबिटीज प्रबंधन का एक हिस्सा बन सकता है, इसका इलाज नहीं।
करेला जूस पीने के नुकसान और सावधानियां
हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा
यदि कोई व्यक्ति पहले से डायबिटीज की दवाएं या इंसुलिन ले रहा है और साथ में अधिक मात्रा में करेला जूस भी पीता है, तो इससे ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम हो सकती है। इसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है। इसके कारण कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
पेट की समस्याएं
अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट दर्द, गैस, ऐंठन, दस्त और अन्य पाचन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
गर्भावस्था में बरतें सावधानी
गर्भवती महिलाओं को अधिक मात्रा में करेला जूस का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
करेला जूस कैसे और कितनी मात्रा में पीना चाहिए?
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, किसी भी चीज की अधिकता नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए करेला जूस सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
प्रतिदिन लगभग 50 से 100 मिलीलीटर करेला जूस पर्याप्त माना जाता है।
इसे सुबह खाली पेट पिया जा सकता है।
स्वाद बहुत कड़वा लगे, तो थोड़ा पानी मिलाया जा सकता है।
यदि आप पहले से डायबिटीज़ की दवा ले रहे हैं, तो सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
इसके साथ नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच भी करते रहें।
इस गलती को करने से बचें
डायटीशियन समीक्षा चोरडिया कहती हैं कि कई लोग करेला जूस पीना शुरू करने के बाद अपनी डायबिटीज की दवाएं कम या बंद कर देते हैं। यह बेहद खतरनाक हो सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं बंद करने से ब्लड शुगर अनियंत्रित हो सकती है और हृदय, किडनी, आंखों तथा नसों से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए करेला जूस को कभी भी दवाओं के विकल्प के रूप में नहीं देखना चाहिए।
डायबिटीज नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका क्या है?
डायटीशियन समीक्षा चोरडिया के मुताबिक, डायबिटीज प्रबंधन के लिए किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय संपूर्ण जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन, धूम्रपान और शराब से दूरी तथा डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित सेवन ही लंबे समय तक ब्लड शुगर नियंत्रण में रखने का सबसे प्रभावी तरीका है। 'द लैंसेट' में छपी एक रिसर्च के अनुसार, 46% मरीज सिर्फ 12 महीनों में लो-कैलोरी डाइट और एक्सरसाइज से अपनी टाइप 2 डायबिटीज को कंट्रोल करने में सफल रहे।
करेला जूस के साथ-साथ संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली भी अपनाएं
करेले का जूस डायबिटीज को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकता, लेकिन यह ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायक भूमिका जरूर निभा सकता है। इसमें मौजूद चारेंटिन, विसिन और पॉलीपेप्टाइड-पी जैसे तत्व शरीर में ग्लूकोज के उपयोग और इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसका प्रभाव सीमित होता है और इसे दवाओं का विकल्प नहीं माना जा सकता। यदि आप डायबिटीज से पीड़ित हैं, तो करेला जूस को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार के साथ ही अपनाएं। स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित खानपान को अपनाना ही मधुमेह प्रबंधन का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह सामग्री केवल रोगी शिक्षा एवं जागरूकता के उद्देश्य से प्रदान की गई है। यह किसी भी प्रकार से चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं है। सन फ़ार्मास्युटिकल्स लेबोरेट्रीज़ लिमिटेड (SPLL) सटीक एवं समयानुकूल जानकारी उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास करता है, लेकिन इसकी पूर्ण सटीकता होने की कोई गारंटी नहीं देता। कृपया अपने स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय के लिए केवल अपने चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह पर ही भरोसा करें। सन फ़ार्मास्युटिकल्स लेबोरेट्रीज़ लिमिटेड (SPLL) को पूर्व सूचना दिए बिना इस सामग्री के किसी भी भाग को यांत्रिक या इलेक्ट्रॉनिक किसी भी माध्यम से पुनर्प्रकाशित, प्रसारित या संग्रहित नहीं किया जा सकता। SPI-IN-CVD-ZT---07-20260096



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