Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म
सर्दियों में ब्रेन स्टोक ही नहीं लकवा मारने का भी रहता है खतरा, रजाई-कंबल से निकलते हुए न करें ये गलतिया
सर्दी के मौसम में गलत तरीके से नहाना जानलेवा हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, अचानक सिर पर पानी डालने से रक्त नलिकाओं का सिकुड़ना और रक्त के थक्के जमने का खतरा बढ़ता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन में गड़बड़ी हो सकती है और लकवा या ब्रेन हेमरेज हो सकता है। इसलिए, इस मौसम में नहाते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए और पहले पैरों पर पानी डालकर नहाना चाहिए।
एसएमएस अस्पताल जयपुर की न्यूरोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट की हेड डॉ भावना शर्मा बताती हैं कि जिले में शीतलहर का प्रभाव है, ऐसे में थोड़ी सी सावधानी जैसे गर्म कपड़े पहनना और उचित खानपान अपनाने से शीत घात से बचा जा सकता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं कि सर्दियों में नहाते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

नहाते हुए न करें ये गलती
सर्दियों में गुनगुने पानी से नहाना फायदेमंद होता है। नहाने के दौरान पहले पैरों पर पानी डालें और फिर शरीर के अन्य हिस्सों पर। सीधे सिर पर पानी डालने से स्ट्रोक या लकवे का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, गर्म पानी का उपयोग शरीर को ठंड से बचाने में सहायक होता है।
ऐसे लोगों को सर्दियों में नहाते हुए ध्यान रखना चाहिए
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है और जो ब्लड प्रेशर या शुगर के मरीज हैं, उन्हें गलत तरीके से नहाने पर ज्यादा खतरा हो सकता है। सिर पर अचानक पानी डालने से स्थिति और खराब हो सकती है। ठंड के मौसम में वृद्ध, बीमार और छोटे बच्चों को नहलाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों में न्यूमोनिया का खतरा रहता है, इसलिए नहलाने के बाद उनके शरीर को अच्छे से पोंछकर गर्म कपड़े पहनाना चाहिए और मोजे पहनाकर रखना चाहिए।
कैसे आता है लकवा
हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित लोगों में लकवे का खतरा अधिक होता है। अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से दिमाग की नस फट सकती है, जिससे लकवे का जोखिम बढ़ जाता है। रक्त संचार रुकने के कारण शरीर के प्रभावित हिस्से में लकवा हो सकता है। लगभग 85% मामलों में ब्रेन की खून की नली बाधित होने और 15% में खून की नली फटने से लकवा होता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने, डायबिटीज, हार्ट से जुड़ी बीमारियों, धूम्रपान और शराब के अधिक सेवन से भी खतरा बढ़ता है। सर्दियों में इन स्थितियों से ग्रसित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे गर्म कपड़े पहनना और सेहतमंद आदतें अपनाना।
रजाई-कंबल से निकलते हुए रखें ध्यान
सर्दियों में रजाई-कंबल से अचानक बाहर निकलने से बचें, क्योंकि ठंड में खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे हार्ट या ब्रेन तक रक्त प्रवाह रुक सकता है। यह हृदय घात और ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकता है। बिस्तर छोड़ने से पहले 40 सेकंड तक बैठें और फिर 1 मिनट तक पैर लटकाएं। इसके बाद ही गर्म कपड़े पहनकर उठें। इससे रक्त संचार सही रहेगा और स्ट्रोक्स की संभावना कम होगी। यह आदत सर्दियों में सेहतमंद रहने में मदद करती है।
इस समय स्ट्रोक का रहता है खतरा
ब्रेन स्ट्रोक से लकवे की दो स्थितियां होती हैं। पहली, स्टेमिक, जिसमें दिमाग में खून की आपूर्ति कम हो जाती है और बचने की संभावना रहती है। दूसरी, हैमरेजिक, जिसमें ब्रेन की नसें फट जाती हैं, और बचने की संभावना बहुत कम होती है। सर्दियों में रात्रि 3 बजे से भोर 6 बजे तक स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। इस दौरान सतर्क रहें और ठंड से बचाव के लिए उचित उपाय अपनाएं।
सर्दियों में स्ट्रोक से बचने के लिए ये चीजें खाई
सर्दियों में कच्ची हल्दी की सब्जी का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद है। इसे बाजरे की रोटी के साथ चूरकर खाएं। हर 15 दिन में हल्दी की सब्जी खाना इम्यूनिटी पावर बढ़ाने में मदद करता है। मसालों में दालचीनी, लौंग, छोटी-बड़ी इलायची और तुलसी के पत्ते का उपयोग करें। इनसे काढ़ा बनाकर उसमें नींबू का रस मिलाकर पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। बथुआ की सब्जी भी सर्दियों में लाभकारी है। रात के समय बुजुर्गों को शौचालय जाते समय ध्यान रखना चाहिए। बिस्तर से तुरंत उठकर शौचालय जाने से सर्द-गर्म की समस्या हो सकती है। उठने से पहले थोड़ा रुकें और सावधानी से काम लें। सर्दी में खानपान और दिनचर्या का खास ख्याल रखें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
