Latest Updates
-
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासू मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास
PCOD है तो आज ही लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव, एक्सपर्ट ने बताया इससे निजात पाने का तरीका
PCOD Cure : पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर) महिलाओं में तेजी से बढ़ती एक आम हार्मोनल समस्या है, जिसमें ओवरी का आकार बढ़ जाता है और उसमें छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं। डायटीशियन और न्यूट्रिशियन एक्सपर्ट अंजलि पाठक के अनुसार, लाइफस्टाइल में बदलाव कर इससे बचा जा सकता है।
नियमित एक्सरसाइज, संतुलित डाइट, चीनी और जंक फूड से परहेज, और समय पर सोने जैसी आदतें अपनाने से पीसीओडी को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, हाइड्रेटेड रहना और तनाव को कम करना भी जरूरी है। इन आसान बदलावों से पीसीओडी से राहत और स्वस्थ जीवन संभव है।

प्रोसेस्ड फूड से बनाए दूरी
एक्सपर्ट के मुताबिक पीसीओडी से बचने के लिए प्रोसेस्ड फूड और अधिक मीठे खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए। उन्होंने लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों को खाने की सलाह दी है, जो शरीर में शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद करते हैं। साथ ही, कार्बोहाइड्रेट्स का संतुलित सेवन भी जरूरी है। ये बदलाव न केवल पीसीओडी को नियंत्रित करने में मदद करेंगे, बल्कि सेहत भी बेहतर बनाएंगे।
प्रोटीन डाइट बढ़ाएं
अगर पीसीओडी की समस्या है, तो डाइट में प्रोटीन को बढ़ाना फायदेमंद हो सकता है। प्रोटीन मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। इसके साथ ही, फिजिकली एक्टिव रहना भी बेहद जरूरी है। नियमित एक्सरसाइज और संतुलित प्रोटीन डाइट से पीसीओडी को नियंत्रित किया जा सकता है और सेहत में सुधार लाया जा सकता है।
जंक फूड से दूरी बनाएं
पीसीओडी की समस्या होने पर जंक फूड से दूरी बनाएं और फैटी फूड्स की जगह हेल्दी फैट्स का सेवन करें। एक्स्पर्ट की सलाह है कि डाइट में बादाम, अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स शामिल करें। ये फूड्स न केवल पोषण प्रदान करते हैं, बल्कि इंफ्लेमेशन को भी कम करते हैं, जिससे पीसीओडी को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
वर्कआउट करें
पीसीओडी से राहत पाने के लिए नियमित वर्कआउट बेहद जरूरी है। डॉक्टर के मुताबिक हफ्ते में कम से कम पांच दिन वर्कआउट करना चाहिए। इसमें 40 मिनट की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और 20 मिनट का कार्डियो शामिल करें। यह न केवल हार्मोन संतुलित करता है, बल्कि शरीर को फिट और एक्टिव रखने में भी मदद करता है।
सकारात्मक रहें
पीसीओडी जैसी समस्या के दौरान मानसिक रूप से सकारात्मक रहना बेहद जरूरी है। डॉ. अंजलि का कहना है कि तनाव कम करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने से हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने में मदद मिलती है। योग, मेडिटेशन, और पसंदीदा एक्टिविटी करने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। खुद को समय दें, अच्छे परिणाम के लिए धैर्य रखें, और अपनी सेहत को प्राथमिकता दें। पॉजिटिव एटिट्यूड से सबकुछ संभाला जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











