Latest Updates
-
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके
Shocking! लखनऊ में 9 साल की बच्ची की कार्डियक अरेस्ट से मौत, क्यों बच्चों में बढ़ रहे हार्ट अटेक के मामले?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक नामी स्कूल की नौ साल की तीसरी कक्षा में पढने वाली छात्रा की खेलते समय कार्डियक अरेस्ट आने से मौत हो गई। जी हां, आपने सही पढ़ा 9 साल की बच्ची की हार्ट अटैक की वजह से जान गंवा दी। इस तरह के मामले सामने आने के बाद बच्चों के स्वास्थ पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अभी तक तो नौजवानों के हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे थे लेकिन अब बच्चों में बढ़ती हार्ट डिजीज के मामले चिंताजनक विषय है। आइए जानते है कि आखिर स्कूल जाने वाले बच्चों में हार्ट अटैक के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?

कम उम्र में क्यों बच्चे हो रहे हैं दिल की बीमारी का शिकार?
हेल्थ एक्सपर्ट्स बच्चों में हार्ट अटेक के पीछे कई कारण मानते हैं। हार्ट अटेक का सबसे बड़ी वजह खराब जीवनशैली और मोटापा है। शहरी कल्चर में बच्चों का घरों से बाहर खेलना कम हो गया है, जिसकी वजह से बीपी की समस्या बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
जन्मजात दिल की बीमारियां भी है एक वजह
बच्चों में हार्ट अटैक के केस सामने आना एक चिंता का विषय है। खराब जीवनशैली के अलावा बच्चों में जन्म से ही कई परेशानियां होती हैं, जो बाद में हार्ट फेलियर का कारण बनती है। डॉक्टरों का मानना है कि कुछ बच्चों को जन्म से ही दिल की बीमारियां होती हैं। कई मामलों में बच्चे मां के पेट में ही कंजेनाइटल हार्ट डिजीज के शिकार हो जाते हैं। जिसकी वजह से दिल में छेद या कुछ दिल से जुड़ी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। कभी कभी पेरेंट्स को इनकी जानकारी नहीं होने की वजह से बच्चों की जान को खतरा बढ़ जाता है।
बच्चों में हार्ट अटैक के क्या-क्या लक्षण हो सकते हैं
- स्किन या होठों के पास नीले निशान का पड़ना
- खाना खाने में परेशानी होना
- सांस लेने में तकलीफ
- थोड़ा सा चलने पर ही हांफने लगना
- अक्सर कमजोरी सा महसूस होना
- चक्कर आना
- जोड़ों और छाती में दर्द
बच्चों में हार्ट अटैक का लक्षण दिखे तो क्या करें
बच्चों में अगर ऊपर बताए हुए कोई भी लक्षण नजर आए तो माता-पिता को तुरंत बच्चों को डॉक्टर को दिखाना चाहिए और टेस्ट करवाने चाहिए। बचपन से ही खानपान और लाइफस्टाइल व्यवस्थित रखने की जरुरत होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
