Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
Shocking! लखनऊ में 9 साल की बच्ची की कार्डियक अरेस्ट से मौत, क्यों बच्चों में बढ़ रहे हार्ट अटेक के मामले?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक नामी स्कूल की नौ साल की तीसरी कक्षा में पढने वाली छात्रा की खेलते समय कार्डियक अरेस्ट आने से मौत हो गई। जी हां, आपने सही पढ़ा 9 साल की बच्ची की हार्ट अटैक की वजह से जान गंवा दी। इस तरह के मामले सामने आने के बाद बच्चों के स्वास्थ पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अभी तक तो नौजवानों के हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे थे लेकिन अब बच्चों में बढ़ती हार्ट डिजीज के मामले चिंताजनक विषय है। आइए जानते है कि आखिर स्कूल जाने वाले बच्चों में हार्ट अटैक के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?

कम उम्र में क्यों बच्चे हो रहे हैं दिल की बीमारी का शिकार?
हेल्थ एक्सपर्ट्स बच्चों में हार्ट अटेक के पीछे कई कारण मानते हैं। हार्ट अटेक का सबसे बड़ी वजह खराब जीवनशैली और मोटापा है। शहरी कल्चर में बच्चों का घरों से बाहर खेलना कम हो गया है, जिसकी वजह से बीपी की समस्या बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
जन्मजात दिल की बीमारियां भी है एक वजह
बच्चों में हार्ट अटैक के केस सामने आना एक चिंता का विषय है। खराब जीवनशैली के अलावा बच्चों में जन्म से ही कई परेशानियां होती हैं, जो बाद में हार्ट फेलियर का कारण बनती है। डॉक्टरों का मानना है कि कुछ बच्चों को जन्म से ही दिल की बीमारियां होती हैं। कई मामलों में बच्चे मां के पेट में ही कंजेनाइटल हार्ट डिजीज के शिकार हो जाते हैं। जिसकी वजह से दिल में छेद या कुछ दिल से जुड़ी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। कभी कभी पेरेंट्स को इनकी जानकारी नहीं होने की वजह से बच्चों की जान को खतरा बढ़ जाता है।
बच्चों में हार्ट अटैक के क्या-क्या लक्षण हो सकते हैं
- स्किन या होठों के पास नीले निशान का पड़ना
- खाना खाने में परेशानी होना
- सांस लेने में तकलीफ
- थोड़ा सा चलने पर ही हांफने लगना
- अक्सर कमजोरी सा महसूस होना
- चक्कर आना
- जोड़ों और छाती में दर्द
बच्चों में हार्ट अटैक का लक्षण दिखे तो क्या करें
बच्चों में अगर ऊपर बताए हुए कोई भी लक्षण नजर आए तो माता-पिता को तुरंत बच्चों को डॉक्टर को दिखाना चाहिए और टेस्ट करवाने चाहिए। बचपन से ही खानपान और लाइफस्टाइल व्यवस्थित रखने की जरुरत होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
