Latest Updates
-
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं -
Sawan Somwar Vrat 2026: क्या पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखा जा सकता है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Lung Cancer Day 2026: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकता है लंग कैंसर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव -
August 2026 Vrat Tyohar: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, देखें अगस्त में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट -
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव
Delhi Air Quality: फिर जहरीली हुई दिल्ली की हवा, इन 5 तरीकों से करें फेफड़ों का बचाव
Delhi Air Quality: दिल्ली और एनसीआर इलाकों में प्रदूषण का स्तर बहुत आगे निकल चुका है। कई इलाकों में सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 के आसपास था, जिसका मतलब ये कि हवा सांस लेने लायक बिल्कुल नहीं है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्रदूषण बढ़ने की वजह से लोगों में अस्थमा या सांस से जुड़ीं समस्याएं बढ़ सकती हैं। हवा में फैला प्रदूषण ( Delhi Air Quality) हमारे फेफड़ों के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। कोरोना का इंफेक्शन भी मुख्य रूप से शरीर के इसी हिस्से पर अटैक करता है। ऐसे में बच्चे, बुजुर्ग या किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

हाइड्रेड रहें
दिन में तकरीबन 4 लीटर तक पानी पिएं। घर से बाहर निकलते वक्त भी पानी पिएं। इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई सही बनी रहेगी और वातावरण में मौजूद जहरीली गैसें अगर ब्लड तक पहुंच भी जाएंगी तो कम नुकसान पहुंचाएंगी।
विटामिन C युक्त चीजें खाएं
खाने में जितना हो सके विटामिन-C, ओमेगा-3 को प्रयोग में लाएं। शहद, लहसुन, अदरक का खाने में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
ये पौधे लगाएं
घर के गमलों में पीपल, मनीप्लांट, तुलसी आदि पौधे लगाएं ताकि आपके आसपास की हवा शुद्ध रहे।
धूम्रपान ना करे
बाहर का खाना खाने से बचें और हेल्दी डाइट लें. डाइट में गुड़ को शामिल करें। फैक्ट्री या इंडस्ट्रियल इलाकों में जाने से बचें। धूम्रपान ना करें।
आंखों में चश्मा पहनें
बाहर निकलते समय आंखों में चश्मा पहनें। जब भी बाहर से आएं तो हाथ-मुंह को अच्छे से धोने के बाद अपनी आंखों को ठंडे और साफ पानी से क्लीन करें।
इन बातों का रखें ध्यान
ऐसे प्रदूषण में खेलना, कूदना, जॉगिंग और वॉकिंग बंद कर देनी चाहिए।
-किसी भी तरह की सांस से जुड़ी कोई भी दिक्कत आपको हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
-घर के अंदर अगर खिड़की खुली रखते हैं तो तुरंत ही उसे बंद कर लें।
-अगर आपके पास ऐसा एसी है जो बाहर की हवा खींचता है, तो उस एसी का इस्तेमाल बंद कर दें।
-अगरबत्ती, मोमबत्ती या किसी तरह की लकड़ी न जलाएं, इससे प्रदूषण और बढ़ेगा।
-घर पर वैक्यूम क्लिंनिंग का इस्तेमाल न करें। हमेशा धूल साफ करने के लिए पोछे का इस्तेमाल करें।
-धूल के बचने के लिए कोई भी मास्क आपकी सहायता नहीं करेगा। मास्क N-95 या P-100 ही इस्तेमाल करें। इस तरह के मास्क में सबसे सूक्ष्म कण से लड़ने की क्षमता होती है।
- 1000 पर होने पर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात होते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications