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दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली! सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के हित में लिया बड़ा फैसला, प्रदूषण से कैसे करें रक्षा
Delhi School: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है। राजधानी की हवा एक बार फिर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है, जहां AQI 400+ को पार कर चुका है। ऐसे माहौल में बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि स्कूलों, कॉलेजों और सभी शैक्षणिक संस्थानों में होने वाली सभी आउटडोर स्पोर्ट्स और फिजिकल एक्टिविटीज को अगले आदेश तक तुरंत स्थगित किया जाए। आइए जानते हैं कि बढ़ते प्रदूषण में बच्चों का कैसे रखें ख्याल?

आउटडोर एक्टिविटी से दूर रखा जाएगा बच्चों को
बच्चों के आउटडोर एक्टिविटी को सिर्फ सरकारी स्कूल में ही नहीं बल्कि प्राइवेट स्कूल में भी बैन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए ये बड़ा फैसला लिया है और उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आउटडोर फिजिकल एक्टिविटीज पर पूर्ण रोक लगा दी गई है ताकि बढ़ते प्रदूषण के बीच उनका स्वास्थ्य जोखिम में न पड़े।
दिल्ली सरकार के शिक्षा और खेल निदेशालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इस आदेश के दायरे में सभी प्रकार के संस्थान जैसे सरकारी स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, निजी मान्यता प्राप्त स्कूल, NDMC, MCD और कैंटोनमेंट बोर्ड के स्कूल, यूनिवर्सिटी, कॉलेज मान्यता प्राप्त स्पोर्ट्स एसोसिएशन आते हैं।
Delhi NCR AQI: बच्चों के लिए 'रेड अलर्ट' जैसा माहौल
विशेषज्ञों के अनुसार, आउटडोर खेलते समय बच्चे तेजी से सांस लेते हैं, जिससे हवा में मौजूद खतरनाक कण PM 2.5, PM 10 फेफड़ों में अधिक मात्रा में प्रवेश कर जाते हैं। यह स्थिति अस्थमा, खांसी, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के संक्रमण जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है। बता दें कि AQI 400+ को 'गंभीर' कैटेगरी में रखा जाता है, जो स्वस्थ लोगों के लिए भी नुकसानदायक है, इसलिए बच्चों के लिए यह बेहद खतरनाक है। यही वजह है कि दिल्ली के ज्यादातर स्कूलों में कक्षा 5वीं तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में हो रही है। छोटे बच्चों के पेरेंट्स फिलहाल बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं हैं।
प्रदूषण से बच्चों को कैसे रखें सेफ?
1. आवश्यक हो तो सुबह-शाम की बजाय दोपहर में बाहर जाने दें, जब स्मॉग थोड़ा कम होता है।
2. बाहर जाते समय बच्चों को N95 या N99 मास्क पहनाएं। क्योंकि कपड़े वाले मास्क प्रदूषण रोक नहीं पाते।
3. घर की खिड़कियां सुबह जल्दी या दोपहर में कम समय के लिए ही खोलें। कमरे में एयर-प्यूरीफायर चले तो बेहतर है।
4. बच्चों की डाइट पर ध्यान दें और उन्हें विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट वाली चीजें दें जैसे- नींबू पानी, संतरा, अमरूद, टमाटर, गाजर, हल्दी वाला दूध। पानी ज्यादा पिलाएं ताकि शरीर में टॉक्सिन्स बाहर निकलें।
5. बच्चों को अस्थमा, एलर्जी या खांसी की समस्या है, इन दिनों उन्हें बिल्कुल भी प्रदूषित हवा में न ले जाएं। साथ ही उनका इनहेलर/दवा हमेशा पास रखें।
6. स्कूल अगर हाइब्रिड या ऑनलाइन क्लास दे रहे हों, तो बच्चे को घर से पढ़ाने का विकल्प चुनें। यदि AQI 400+ है, तो बच्चे को स्कूल भेजने से पहले उसकी सेहत को प्राथमिकता दें।
7. कमरे में तुलसी, स्नेक प्लांट, एलोवेरा जैसी पौधों को रखें ये हवा को फिल्टर करने में मदद करते हैं।
8. हवा में मौजूद धूल और मिट्टी त्वचा व आंखों को नुकसान पहुंचाती है। बाहर से आने के बाद चेहरा व हाथ अच्छी तरह धोना जरूरी है।
9. योग, स्ट्रेचिंग और इंडोर गेम्स से बच्चे एक्टिव रहेंगे और फेफड़ों पर भी असर नहीं पड़ेगा।
10. लगातार खांसी, सांस फूलना, आंखों में जलन, थकान ये गंभीर प्रदूषण के संकेत हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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