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उत्तराखंड में डेंगू और चिकनगुनिया के खतरे को लेकर अलर्ट जारी, बचाव के लिए इन लक्षणों को न करें इग्नोर
Dengue Chikungunya Cases Surge In Uttarakhand: उत्तराखंड में डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग में एडवाइजरी जारी की है। दरअसल उत्तराखंड में जुलाई से नवंबर तक डेंगू वायरस के पनपने का समय रहता है। इस समय डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों की रोकथाम और बचाव के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।
मानसून के आते देशभर में मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप शुरु हो जाता है। ऐसे में डेंगू या चिकनगुनिया बचाव के लिए इनके लक्षणों की सही पहचानकर समय पर इलाज शुरू करना जरूरी है। आइए, जानते हैं डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में।

डेंगू के लक्षण (Symptoms Of Dengue)
- अचानक से तेज बुखार आना
- तेज सिरदर्द होना
- ब्लड में प्लेटलेट्स काउंट कम हो जाना
- आंखों में दर्द
- मसल्स क्रैम्प
- मतली और उल्टी आना
- मसूड़ों से खून आना
- बुखार शुरू होने के तीन से चार दिन रैश दिखाई देना
चिकनगुनिया के लक्षण (Symptoms Of Chikungunya)
- बुखार
- जोड़ों में दर्द
- सिरदर्द
- मांसपेशियों में दर्द
- स्किन में रैशेज
डेंगू और चिकनगुनिया में क्या है अंतर
डेंगू वमादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। चिकनगुनिया भी मच्छर जनित बीमारी है, जो चिकनगुनिया वायरस (CHIKV) की वजह से होती है। इन दोनों के लक्षण लगभग सामान्य होते हैं। लेकिन डेंगू की तुलना में चिकनगुनिया होने पर मसल्स में दर्द और सूजन ज्यादा होती है।
डेंगू कब बन जाता है खतरनाक?
डेंगू में तीन तरह के बुखार को खतरनाक माना जाता है।
* मच्छर काटने के करीब एक हफ्ते बाद लक्षण देखने को मिलते हैं, यह बेहद घातक होता है।
* जब बुखार आने के समय लक्षण कम होता है और धीरे-धीरे गंभीर हो जाता है और ब्लीडिंग होने लगता है।
* डेंगू शॉक सिंड्रोम को डेंगू का विकराल रुप माना जाता है इसमें मरीज की जान बचना मुश्किल माना जाता है।
डेंगू और चिकनगुनिया से कैसे बचाव
- लंबी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- रात में सोते समय खिड़की और दरवाजों को बंद रखें।
- मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- शाम के समय ज्यादा बाहर निकलने से बचें।
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- गमले, खुली पानी की टंकी, पुराने टायर, एकत्रित कबाड़ में पानी जमा होने से डेंगू का लार्वा पनपता है, इसलिए पानी को जमा होने से रोके।
- कूलर का पानी सप्ताह में एक बार बदलें।
- मच्छर मारने वाले प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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