शिफ्ट ड्यूटी करने वाली महिलाओं में मधुमेह का खतरा

woman in office
लंदन। दिन और रात की शिफ्ट ड्यूटी करने वाले लोगों खासकर महिलाओं में दूसरी श्रेणी का मधुमेह होने का ज्यादा खतरा होता है। ऐसा हम नहीं बल्कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में कहा गया है।

अध्‍ययन में कहा है कि शिफ्टों में ड्यूटी करने वाले लोगों के कुछ ही सालों में मधुमेह की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है कयोंकि इससे उनका भोजन पैटर्न बाधित होता है और वे उपयुक्त नींद भी नहीं ले पाते हैं जिससे उनका वजन बढ़ जाता है और वे मधुमेह को न्यौता दे बैठते हैं।

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि दूसरी श्रेणी के मधुमेह में हृदयरोग, हृदयाघात, वृक्क विफलता और अंधता समेत कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

डेली मेल के अनुसार इस अध्ययन के अगुवा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ फ्रांक हू ने कहा, जोखिम में वृद्धि बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन यह उल्लेखनीय है और इसका गंभीर स्वास्थ्य परिणाम होता है खासकर यह देखने पर कि 20 फीसदी कर्मचारी दिन और रात की शिफ्ट में बारी बारी कार्यरत हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, December 9, 2011, 18:51 [IST]
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