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मधुमेह रोगियों के लिये कार्न फ्लेक्स खाने का खतरा
क्या आप को मधुमेह है? और क्या आप रोज़ सुबह नाश्ते में कार्न फ्लेक्स खाना पसंद करते हैं? अगर आप के दोनों जवाब हां हैं, तो कार्न फ्लेक्स खाने से पहले नीचे दी गई बातों को ध्यान से पढ़ लें।
मधुमेह रोगियों की नज़रे हर समय इस बात पर टिकी रही हैं कि कहीं वह भूल से कुछ ऐसा वैसा ना खा लें, जिसमें शुगर की मात्रा अधिक हो। ऐसे मे अगर आपको पता चले की कार्न फ्लेक्स में आपके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाने के लिये अच्छी खासी मात्रा में रसायनिक स्वीटनर मिलाया जाता है, तब आप क्या करेंगे?
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कार्न फ्लेक्स में शुगर, माल्ट फ्लेवरिंग और कार्न सीरप होता है जिसमें फ्रक्टोज़ का लेवल काफी अधिक होता है। साथ ही यह मोटापा भी बढाता है। अगर आप खुद के लिये या फिर अपने परिवार में किसी मधुमेह रोगी की चिंता करते हैं, तो जरुर पढ़ें हमारा यह लेख।

हाई ग्लाईसीमिक इंडेक्स (GI)
यह एक प्रकार का तरीका होता है जिससे पता चलता है कि कितनी तेजी से कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार, ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा देते हैं। कार्न फ्लेक्स का GI वैल्यू 83 होता है, जो कि ब्लड शुगर लेवल को तुरंत ही बढ़ाता है। ऐसे में अब आप खुद ही सोंच सकते हैं कि यह मधुमेह रोगियों के लिये कैसे अच्छा हो सकता है।

कम प्रोटीन
कार्न फ्लेक्स में काफी कम प्रोटीन होता है। 1 कटोरा कार्न फ्लेक्स खाने के बाद भी पेट पूरी तरह से नहीं भरता, जिससे बड़ी ही जल्दी भूंख लगने लगती है।
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लो फाइबर
फाइबर, शुगर लेवल और हार्ट की बीमारी के रिस्क को रोकने में काफी मदद करता है। कार्न फ्लेक्स बनाते वक्त काफी सारा फाइबर नष्ट हो जाता है, जिससे आप तक सही फाइबर की मात्रा नहीं पहुंच पाती।

वजन बढाए
अगर आप फ्लेवर वाला कार्न फ्लेक्स खाते हैं, जिसमें सीरप मिली होती है तो आपका वजन बढ़ सकता है। यह एक रसायनिक स्वीटनर होती है, जो पहले से ही कार्न फ्लेक्स में मिली होती है, फिर उप्पर से लोग इसमें और चीनी या शहद मिला लेते हैं। जिससे वजन बढ़ने लगता है।

हाई सोडियम लेवल
शोध में पता चला है कि कार्न फ्लेक्स में आलू चिप्स के मुकाबले ज्यादा सोडियम की मात्रा मिली हुई होती है। यह हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी होने का रिस्क बढाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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